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सोलह डॉक्टर्स 380 स्टूडेंट्स के रिकॉर्ड खंगाले
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर्र
Updated Fri, 06 Feb 2015 03:50 AM IST
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व्यापमं घोटाले की जांच करने पहुंची एमपी की एसआईटी इंदौर ने गुरुवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के 380 स्टूडेंट्स और जेके कैंसर संस्थान व हृदय रोग संस्थान से एमडी, डीएम और एमसीएच करने वाले 16 डॉक्टरों के रिकॉर्ड खंगाले।
टीम ने रिकॉर्ड की वीडियोग्राफी भी की। एसआईटी इंदौर के रविंद्र शर्मा के नेतृत्व में गुरुवार सुबह मेडिकल कॉलेज पहुंची टीम ने वर्ष 2004 और 2005 में एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट्स का रिकॉर्ड मांगा।
इसके साथ ही जेके कैंसर संस्थान और हृदय रोग संस्थान से 2004 व 2005 के दौरान एमडी, डीएम और एमसीएच करने वाले डॉक्टर्स का रिकॉर्ड मांगा।
इससे पहले टीम ने वर्ष 2006 से 2014 तक जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन लेने वाले 1710 स्टूडेंट्स का रिकॉर्ड लिया था।
मेडिकल कॉलेज में हर साल 190 स्टूडेंट्स का एमबीबीएस में एडमिशन होता है। जेके कैंसर में रेडियोथेरेपी में हर साल एमडी की दो सीट पर पढ़ाई होती है। साथ ही हृदय रोग संस्थान में डीएम और एमसीएच की हर साल छह सीट पर पढ़ाई होती है।
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चार स्टूडेंट्स के एग्जाम देने पर रोक
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 18 फरवरी से एमबीबीएस फाइनल ईयर के शुरू हो रहे एग्जाम में चार स्टूडेंट्स के शामिल होने पर रोक लगा दी है।
मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय कुमार शर्मा ने बताया कि शुभांशु श्रीवास्तव, अतुल कुमार गुप्ता, धीरेंद्र कुमार मिश्र और अमरेश सिंह परीक्षा नहीं दे पाएंगे।
बता दें कि यह चारो स्टूडेंट्स व्यापमं घोटाले में वांछित हैं और काफी समय से मेडिकल कॉलेज से गायब चल रहे हैं। एमपी एसआईटी और एसटीएफ को काफी समय से इनकी तलाश है। इसके अलावा पवन कुमार, शशांक अग्रवाल और प्रशांत श्रीवास्तव को क्लीन चिट मिल गई है।
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टीम ने रिकॉर्ड की वीडियोग्राफी भी की। एसआईटी इंदौर के रविंद्र शर्मा के नेतृत्व में गुरुवार सुबह मेडिकल कॉलेज पहुंची टीम ने वर्ष 2004 और 2005 में एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट्स का रिकॉर्ड मांगा।
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इसके साथ ही जेके कैंसर संस्थान और हृदय रोग संस्थान से 2004 व 2005 के दौरान एमडी, डीएम और एमसीएच करने वाले डॉक्टर्स का रिकॉर्ड मांगा।
इससे पहले टीम ने वर्ष 2006 से 2014 तक जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन लेने वाले 1710 स्टूडेंट्स का रिकॉर्ड लिया था।
मेडिकल कॉलेज में हर साल 190 स्टूडेंट्स का एमबीबीएस में एडमिशन होता है। जेके कैंसर में रेडियोथेरेपी में हर साल एमडी की दो सीट पर पढ़ाई होती है। साथ ही हृदय रोग संस्थान में डीएम और एमसीएच की हर साल छह सीट पर पढ़ाई होती है।
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चार स्टूडेंट्स के एग्जाम देने पर रोक
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 18 फरवरी से एमबीबीएस फाइनल ईयर के शुरू हो रहे एग्जाम में चार स्टूडेंट्स के शामिल होने पर रोक लगा दी है।
मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय कुमार शर्मा ने बताया कि शुभांशु श्रीवास्तव, अतुल कुमार गुप्ता, धीरेंद्र कुमार मिश्र और अमरेश सिंह परीक्षा नहीं दे पाएंगे।
बता दें कि यह चारो स्टूडेंट्स व्यापमं घोटाले में वांछित हैं और काफी समय से मेडिकल कॉलेज से गायब चल रहे हैं। एमपी एसआईटी और एसटीएफ को काफी समय से इनकी तलाश है। इसके अलावा पवन कुमार, शशांक अग्रवाल और प्रशांत श्रीवास्तव को क्लीन चिट मिल गई है।