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एक्सीडेंट में घायल होने वालों को मिलेगी तुरंत मदद
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Thu, 29 Oct 2015 01:40 AM IST
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अपराध नियंत्रण के लिए शहर से होकर गुजरने वाले हाईवे पर हाईवे थाना बनाया जाएगा। जीआरपी की तर्ज पर हाईवे पुलिस रास्तों में होने वाले सड़क हादसों और लूटपाट की घटनाओं पर अंकुश लगाएगी।
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थाने बनाए जाने के लिए स्थान चिह्नित करने को वर्ल्ड बैंक की टीम ने बुधवार को एसपी ट्रैफिक सर्वानंद के साथ नौबस्ता हाईवे का निरीक्षण किया। एसपी ने बताया कि सचेंडी से लेकर जाजमऊ तक के हाईवे पर नौबस्ता के आस-पास थाना स्थापित किया जाएगा। सब कुछ ठीकठाक रहा तो साल भर के भीतर हाईवे पुलिस काम करती नजर आएगी।
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बता दें कि वर्ल्ड बैंक की मदद से नोएडा से लखनऊ तक 24 हाईवे थाने बनाए का निर्णय शासन ने लिया है। इसके लिए वर्ल्ड बैंक की टीम ने एसपी ट्रैफिक के साथ नौबस्ता हाईवे का निरीक्षण कर थाने के लिए उपयुक्त जगह की तलाश की। एसपी ने बताया कि अभी दो-तीन जगह देखी गई हैं। इनमें से एक जगह फाइनल की जाएगी।
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टीम में न्यूजीलैंड रोड पुलिस के सुपरिंटेंडंेट अल स्टुअर्ट, जस्टिन सारा और जार्ज स्टुअर्ट के अलावा आगरा के एसपी ट्रैफिक अभिषेक सिंह भी मौजूद रहे।
30 किलोमीटर पर होगा एक थाना
एसपी के मुताबिक हर 30 किलोमीटर पर एक हाईवे थाना होगा। पहले चरण में नोएडा से लखनऊ तक करीब 700 किलोमीटर के बीच 24 थानों का निर्माण कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में चंदौली तक थानों का निर्माण कराया जाएगा।
थानों में होगा 25 का स्टाफ, पांच गाड़ियां
एसपी ट्रैफिक ने बताया कि हाईवे के थाने अति आधुनिक संसाधनों से लैस होंगे। प्रत्यके थाने में 25 पुलिस कर्मियों का स्टाफ होगा, जिसमें एक प्रभारी और एसआई भी शामिल होंगे। इसके अलावा प्रत्यके थानों को कम से कम पांच गाड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी। हाईवे पुलिस को कौन-कौन से असलहे उपलब्ध कराए जाएंगे, इस पर अभी विचार-विमर्श चल रहा है।
ये होंगे फायदे
हाईवे पुलिस का थाना होने से न सिर्फ सड़क हादसों में घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, बल्कि हाईवे पर होने वाली लूट, हत्या, जाम आदि घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा।
प्रत्येक थानों को एक क्रेन और एक एंबुलेंस भी मुहैया कराई जाएगी। ताकि एक्सीटेंड की स्थिति में घायलों को तत्काल अस्पताल भेजने के साथ ही हाईवे पर लगने वाले जाम को भी रोका जा सकेगा।
डिवाइडर काटने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
कानपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (एनएच-2) में डिवाइडर काटने वाले ढाबा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने नगर निगम और पीडब्लूडी को संयुक्त रूप से डिवाइडर काटने वालों को चिह्नित करने के आदेश दिए हैं। एक हफ्ते में रिपोर्ट तलब की है। नगर निगम से हाइवे के दोनों तरफ सफाई कराने के लिए भी कहा है।
एनएच-2 में भौंती से बारामोड़ तक कई ढाबा आदि के संचालकों ने अपनी सुविधा के अनुसार डिवाइडर काटकर रास्ते बना लिए हैं। अवैध रूप से बनाए गए इन कटों से स्थानीय लोगों समेत अन्य लोग सड़क पार करते हैं, जिससे वहां दुर्घटनाएं हो रही हैं। मंगलवार को इसी शार्टकट के चक्कर में बाइक सवार फतेहपुर निवासी मनोज पांडेय की मौत हो गई थी।
उसकी पत्नी नीतू समेत पांच अन्य लोग घायल भी हुए थे। कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने इसे बहुत गंभीर मामला बताया है।
उन्होंने नगर निगम के मुख्य अभियंता तरुण शर्मा और पीडब्लूडी के मुख्य अभियंता पंकज बकाया को संयुक्त रूप से जांच करते हुए ऐसे स्थानों को चिह्नित करने के आदेश दिए हैं, जहां डिवाइडर काटे गए हैं। यह भी निर्देश हैं कि दोषियों को चिह्नित करें ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके।