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रीडर के घर स्टूडेंट्स की मौत, हंगामा

Wed, 31 Dec 2014 03:03 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Wed, 31 Dec 2014 03:03 AM IST
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student killed in  Reader 's house
नौबस्ता में डीबीएस कॉलेज के रीडर डॉ. पंकज शुक्ल के घर रहने वाले स्टूडेंट्स दीपू (28) की सोमवार देर रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। करीब 10 साल से यह रीडर के घर रह रहा था।
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सूचना पर भोर में पहुंचे दीपू के परिजनाें ने हत्या और बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। आरोप लगाया कि नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये हड़प चुके हैं। शरीर पर कई घाव और पट्टी बंधी देख पुलिस आरोपी रीडर को थाने ले आई।
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शाम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपू के मौत की वजह टीबी की बीमारी निकली। शरीर पर गैंगरीन के घाव निकले। रीडर डॉ. पंकज शुक्ला पांच साल से नौबस्ता में प्रताप होटल के पीछे शंकराचार्य नगर में परिवार समेत रहते हैं। इससे पहले यह बाबूपुरवा कॉलोनी में रहते थे।
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दीपू तभी से इनके साथ रह रहा था। दीपू अकबरपुर के बिसाइतपुर (हरिरामपुरवा) निवासी जयराम मिश्र का बड़ा बेटा था। डॉ. पंकज के मुताबिक सोमवार रात दीपू की अचानक हालत बिगड़ने पर मौत हो गई। फोन कर दीपू के परिजनों को तबियत खराब होने की सूचना दी।

दीपू का छोटा भाई संदीप रात में और काफी लोग भोर में आ गए। शव बरामदे में रखा था। शरीर पर केवल बनियान और हाफ पैंट देख दीपू के पिता जयराम, मां सुमन देवी, भाई संदीप, परिवार के नीरज द्विवेदी समेत कई लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।

आरोप लगाया कि रीडर और उनका परिवार दीपू को प्रताड़ित करता था। परिवार से मिलने नहीं दिया जाता था। पिछले साल दीपावली में केवल 10 मिनट के लिए वाहन से भेजा गया, तब भी चार लोग साथ थे।

मिलने आने वालों को घंटों इंतजार के बाद दीपू से मिलवाया जाता था। सूचना के बाद डॉयल-100 फोर्स, नौबस्ता पुलिस और गोविंदनगर सीओ ओम प्रकाश सिंह छानबीन करने पहुंचे।


मुहल्ले में कई लोगों के बयान लिए गए। दीपू के छोटे भाई संदीप मिश्र की तहरीर पर डीबीएस कॉलेज के रीडर डा. पंकज शुक्ला के खिलाफ हत्या की धारा 302 में रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें हिरासत में रखा गया। रात में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाने पर उन्हें घर जाने की इजाजत दी गई।

इस बारे में नौबस्ता थानाध्यक्ष राजेश पाठक ने बताया कि एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इस वजह से कागजी औपचारिकता पूरी कर मामले को स्पंज कर दिया जाएगा।
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