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कानपुर यूनिवर्सिटी और पालीटेक्निक में रैगिंग
टीम डिजिटल, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 02 Oct 2016 01:31 AM IST
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छात्र ने की एंटी रैगिंग सेल से शिकायत
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कानपुर यूनिवर्सिटी और गवर्नमेंट पालीटेक्निक में रैगिंग का मामला सामने आया है। दोनों संस्थानों के पीड़ित स्टूडेंटों ने इसकी शिकायत यूजीसी की एंटी रैगिंग सेल से की है। यूजीसी की एंटी रैगिंग सेल ने दोनों संस्थानों से जांच रिपोर्ट तलब की है। संस्थान के अधिकारियों ने कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि पालीटेक्निक में हाल ही में रैगिंग का एक और मामला सामने आया था जिसकी अभी तक जांच चल रही है।
लंच न लाने पर बीबीए स्टूडेंट की होती है पिटाई
कानपुर यूनिवर्सिटी में रैगिंग का पीड़ित बीबीए फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है। उसने 26 सितंबर को एंटी रैगिंग सेल पर शिकायत कर बताया है कि उसे आए दिन यूनिवर्सिटी के कुछ स्टूडेंट लंच न लाने पर पीटते हैं। उसे लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही है। स्टूडेंट की शिकायत मिलते ही सेल ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से जवाब तलब कर लिया। यूनिवर्सिटी के चीफ प्राक्टर डा. नीरज ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट यूजीसी को भेज दी है, जिसमें उन्होंने इसे रैगिंग नहीं माना है।
सीनियर ने पालीटेक्निक स्टूडेंट को पीटा
गवर्नमेंट पालीटेक्निक में रैगिंग का यह दूसरा मामला है। पालीटेक्निक फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट ने अपने सीनियर पर मारपीट और गालीगलौज का आरोप लगाया है। इसपर भी यूजीसी ने संस्थान से रिपोर्ट तलब की है। हालांकि संस्थान के प्रधानाचार्य आरके सिंह ने रैगिंग के किसी नए मामले के होने से साफ इंकार किया। उन्होंने बताया कि यह पुराना ही मामला है, जिसकी जांच सोमवार तक पूरी कर ली जाएगी।
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एचबीटीयू में 11 स्टूडेंट हो चुके हैं सस्पेंड
नए सत्र में रैगिंग की कई शिकायतें कानपुर के शिक्षण संस्थानों से आ चुकी हैं। पिछले दिनों अमर उजाला द्वारा हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजीकल यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग स्टूडेंट संग रैगिंग का खुलासा करने के बाद यूनिवर्सिटी के 11 आरोपी स्टूडेंटों पर कार्रवाई हो चुकी है। इन स्टूडेंटों को 30 दिनों के लिए सस्पेंड किया गया है।
लंच न लाने पर बीबीए स्टूडेंट की होती है पिटाई
कानपुर यूनिवर्सिटी में रैगिंग का पीड़ित बीबीए फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट है। उसने 26 सितंबर को एंटी रैगिंग सेल पर शिकायत कर बताया है कि उसे आए दिन यूनिवर्सिटी के कुछ स्टूडेंट लंच न लाने पर पीटते हैं। उसे लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही है। स्टूडेंट की शिकायत मिलते ही सेल ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से जवाब तलब कर लिया। यूनिवर्सिटी के चीफ प्राक्टर डा. नीरज ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट यूजीसी को भेज दी है, जिसमें उन्होंने इसे रैगिंग नहीं माना है।
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सीनियर ने पालीटेक्निक स्टूडेंट को पीटा
गवर्नमेंट पालीटेक्निक में रैगिंग का यह दूसरा मामला है। पालीटेक्निक फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट ने अपने सीनियर पर मारपीट और गालीगलौज का आरोप लगाया है। इसपर भी यूजीसी ने संस्थान से रिपोर्ट तलब की है। हालांकि संस्थान के प्रधानाचार्य आरके सिंह ने रैगिंग के किसी नए मामले के होने से साफ इंकार किया। उन्होंने बताया कि यह पुराना ही मामला है, जिसकी जांच सोमवार तक पूरी कर ली जाएगी।
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एचबीटीयू में 11 स्टूडेंट हो चुके हैं सस्पेंड
नए सत्र में रैगिंग की कई शिकायतें कानपुर के शिक्षण संस्थानों से आ चुकी हैं। पिछले दिनों अमर उजाला द्वारा हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजीकल यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग स्टूडेंट संग रैगिंग का खुलासा करने के बाद यूनिवर्सिटी के 11 आरोपी स्टूडेंटों पर कार्रवाई हो चुकी है। इन स्टूडेंटों को 30 दिनों के लिए सस्पेंड किया गया है।