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‘बर्दाश्त नहीं कर पा रहा हूं, मेरे बच्चों मुझे माफ करना‘...और फिर मौत

Wed, 26 Oct 2016 06:30 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 26 Oct 2016 06:30 PM IST
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poweful man atrocity troubled farmer suicides
दबंगों के जुल्म से आहत किसान ने खेत में खाया जहर, मौत
हमीरपु राठ कोतवाली के औंता गांव में दबंगों के जुल्म से आहत एक अधेड़ किसान ने खेत में जहर खा लिया। जब तक परिजन खेत में पहुंचे किसान ने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। मृतक के छोटे भाई ने थाने में दबंगों द्वारा उत्पीड़न करने की तहरीर दी है। समाचार लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी। 
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फूलसिंह लोधी के चार बेटे रामगोपाल, मोहन, किशन और बृजभान हैं। चारों भाईयों के पास करीब 70 बीघा जमीन है। चारों भाई संयुक्त रूप से मिलकर खेती करते हैं। बुधवार की सुबह करीब साढे़ दस बजे किशन लोधी अपने खेत पर गया और जहर खा लिया। कुछ देर बाद जब आस पास मौजूद किसानों ने उसे तड़पता देखा तो हड़कंप मच गया। खबर मिलते ही जब परिजन पहुंचे तब तक किसान ने दम तोड़ दिया था। मृतक किसान के भाई मोहन सिंह ने बताया कि दो साल पहले गांव के अर्जुन पुत्र नंदराम को दो भैंस के बच्चे बटाई पर दिए थे। कुछ दिन पहले उसने अपनी भैंसे मांगी जिसको लेकर विवाद हुआ। इसके अलावा नंदराम,  रामसहाय और अर्जुन ने गांव के बाहर बने उसके ब्यारे में अपना कब्जा जमा लिया। मोहन सिंह ने बताया कि जब उन्होंने ऐसा करने से मना किया तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी थी। जिसको लेकर उसका भाई परेशान रहने लगा था। आरोपी उनके भाईयों के ऊपर जुल्म ढालने लगे थे। जिससे उसका भाई गांव छोड़कर राठ में रहने लगा था। खेती के काम से वह गांव आता जाता रहता था। मृतक के छोटे भाई बृजभान ने नंदराम, रामसहाय और अर्जन द्वारा उसके भाई के ऊपर जुल्म ढालने तथा उत्पीड़न कर आत्म हत्या  करने के लिए मजबूर करने की तहरीर दी है।
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जेब में मिला सुसाइड नोट 
औंता गांव में दबंगों के जुल्मों से आहत किसान की जहर खाने से हुई मौत के बाद किसान की जेब में एक सुसाइट नोट बरामद हुआ है। सुसाइट नोट में किसान ने लिखा कि मेरी मां, भाभी व मेरे भाई व मेरे बच्चे मुझे माफ करना। मैं जो काम कर रहा हूं बुरा कर रहा हूं। आपको बड़ा कष्ट होगा। लेकिन जो बेइज्जती अर्जुन व रामसहाय ने की, उसे वह बर्दाश्त नहीं कर पा रहा हूं। मेरे बेटे का विशेष ध्यान रखना।
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