ब्लड बैंक में मरीजों की जान से खिलवाड़
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विभागाध्यक्ष की फटकार के बाद आनन-फानन में प्लेटलेट्स एजीटेटर मशीन में प्लेटलेट्स बैग रखे गए। पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. सुमनलता वर्मा अचानक ब्लड बैंक पहुंचीं तो प्लेटलेट्स बाहर रखा देख उनका पारा चढ़ गया।
उन्होंने प्लेटलेट्स एजीटेटर मशीन के बारे में पूछा तो बताया गया कि मशीन दूसरे कमरे में रखी है। विभागाध्यक्ष ने तत्काल मशीन को सेपरेशन यूनिट में रखने का आदेश दिया। फिर कर्मचारियों ने मशीन में प्लेटलेट्स बैग रखा।
प्रो. सुमनलता वर्मा ने बताया कि मशीन के बाहर रखे प्लेटलेट्स छह घंटे में खराब हो जाते हैं। प्लेटलेट्स बैग को हमेशा आगे-पीछे की ओर चलाना पड़ता है। इसके लिए एजीटेटर मशीन है। यदि प्लेटलेट्स एजीटेटर मशीन में है तो यह पांच दिन तक ठीक रह सकता है। उन्होंने रात में प्लेटलेट्स न बनाने पर नाराजगी जताई और कहा कि सोमवार को प्रिंसिपल से बात कर समस्याओं को दूर कराएंगी।