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धनीराम पैंथर की बहू की हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Wed, 06 May 2015 03:04 AM IST
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एससी-एसटी आयोग के कोआर्डिनेटर धनीराम पैंथर की बहू नेहा की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। वारदात को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटका दिया गया। मंगलवार सुबह पैंथर किसी काम से घर पहुंचे तो काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला।
उनकी सूचना पर पहुंची कर्नलगंज पुलिस ने दरवाजा खोला तो शव फांसी से लटका हुआ था। करीब एक घंटे बाद पहुंचे मायके वालों ने नेहा के पति सुनील पर दहेज हत्या का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने सुनील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि सुनील बेटी को लेकर फरार है।
बाद में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मायके वालों ने यहां भी हंगामा करते हुए पैंथर को दौड़ा लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। साथ ही नेहा की गर्दन और चेहरे पर चोट के निशान भी मिले हैं। रतनपुर पनकी की रहने वाली नेहा (26) की शादी 19 मई 2008 को सुनील उर्फ बंटू से हुई थी।
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दंपति मैकराबर्टगंज ग्वालटोली में किराए पर रहता था। इनके दो बच्चे आयुष (5) और आयुषी (ढाई साल) हैं। आयुष अपनी बड़ी मौसी दीपा के साथ रहता है। सुनील के घर के पास ही रहने वाले धनीराम पैंथर समाज कल्याण सेवा समिति के महासचिव हैं। वे लावारिस शवों का अंतिम संस्कार भी कराते हैं।
उन्होंने बताया कि सोमवार रात को सुनील अपने पूरे परिवार के साथ दिखा था। मंगलवार सुबह वह सुनील के घर सिलेंडर लेने पहुंचे। दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई हरकत नहीं हुई। बाद में देखा तो दरवाजे में बाहर से कुंडी लगी थी। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को सूचना दी।
तब जाकर वारदात का पता चला। पुलिस और फोरेंसिक टीम के बाद एसपी, सीओ, एसीएम भी मौके पर पहुंच गए थे। नेहा की बहनें दीपा, सरला और परिजन भी आ गए। नेहा सात बहनों में छोटी थी। नेहा के शरीर पर चोट देखकर सभी ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने जैसे-तैसे शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया।
सुनील के साढू़ राजेश ने कर्नलगंज थाने में सुनील के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। बताया कि सुनील लोडर चालक था। खुद का लोडर खरीदने के लिए वह नेहा और घर वालों पर रुपये लाने के लिए दबाव बनाता था। रुपये न मिलने पर ही हत्या कर दी।
नेहा की बहनों दीपा और सरला का आरोप है कि धनीराम पुलिस पर दबाव बनाकर हत्या को आत्महत्या दर्शाना चाह रहे हैं। पुलिस को उनकी भूमिका की भी जांच करनी चाहिए।
कर्नलगंज एसओ महेंद्र यादव का कहना है कि सुनील की तलाश तेज कर दी गई है, वादी ने केवल उन्हें ही नामजद किया है। विवेचना में जो भी जांच के दायरे में आएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
मैं सामूहिक विवाह कराता हूं। ऐसे में दहेज की मांग का आरोप गलत है। सुनील ने अपराध किया है तो, उसे सजा मिलेगी। मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। कुछ प्रतिद्वंद्वी मायके पक्ष को भड़काने का काम कर रहे हैं। पुलिस की जांच में मेरा कोई दखल नहीं है।
- धनीराम पैंथर
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उनकी सूचना पर पहुंची कर्नलगंज पुलिस ने दरवाजा खोला तो शव फांसी से लटका हुआ था। करीब एक घंटे बाद पहुंचे मायके वालों ने नेहा के पति सुनील पर दहेज हत्या का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने सुनील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि सुनील बेटी को लेकर फरार है।
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बाद में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मायके वालों ने यहां भी हंगामा करते हुए पैंथर को दौड़ा लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। साथ ही नेहा की गर्दन और चेहरे पर चोट के निशान भी मिले हैं। रतनपुर पनकी की रहने वाली नेहा (26) की शादी 19 मई 2008 को सुनील उर्फ बंटू से हुई थी।
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दंपति मैकराबर्टगंज ग्वालटोली में किराए पर रहता था। इनके दो बच्चे आयुष (5) और आयुषी (ढाई साल) हैं। आयुष अपनी बड़ी मौसी दीपा के साथ रहता है। सुनील के घर के पास ही रहने वाले धनीराम पैंथर समाज कल्याण सेवा समिति के महासचिव हैं। वे लावारिस शवों का अंतिम संस्कार भी कराते हैं।
उन्होंने बताया कि सोमवार रात को सुनील अपने पूरे परिवार के साथ दिखा था। मंगलवार सुबह वह सुनील के घर सिलेंडर लेने पहुंचे। दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई हरकत नहीं हुई। बाद में देखा तो दरवाजे में बाहर से कुंडी लगी थी। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को सूचना दी।
तब जाकर वारदात का पता चला। पुलिस और फोरेंसिक टीम के बाद एसपी, सीओ, एसीएम भी मौके पर पहुंच गए थे। नेहा की बहनें दीपा, सरला और परिजन भी आ गए। नेहा सात बहनों में छोटी थी। नेहा के शरीर पर चोट देखकर सभी ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने जैसे-तैसे शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया।
सुनील के साढू़ राजेश ने कर्नलगंज थाने में सुनील के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। बताया कि सुनील लोडर चालक था। खुद का लोडर खरीदने के लिए वह नेहा और घर वालों पर रुपये लाने के लिए दबाव बनाता था। रुपये न मिलने पर ही हत्या कर दी।
नेहा की बहनों दीपा और सरला का आरोप है कि धनीराम पुलिस पर दबाव बनाकर हत्या को आत्महत्या दर्शाना चाह रहे हैं। पुलिस को उनकी भूमिका की भी जांच करनी चाहिए।
कर्नलगंज एसओ महेंद्र यादव का कहना है कि सुनील की तलाश तेज कर दी गई है, वादी ने केवल उन्हें ही नामजद किया है। विवेचना में जो भी जांच के दायरे में आएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
मैं सामूहिक विवाह कराता हूं। ऐसे में दहेज की मांग का आरोप गलत है। सुनील ने अपराध किया है तो, उसे सजा मिलेगी। मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। कुछ प्रतिद्वंद्वी मायके पक्ष को भड़काने का काम कर रहे हैं। पुलिस की जांच में मेरा कोई दखल नहीं है।
- धनीराम पैंथर