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करोड़ों हड़पे,‘कबूतरबाज’ फुर्र

Thu, 12 Mar 2015 02:39 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Thu, 12 Mar 2015 02:39 AM IST
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large Syndicate disclose of kbutrbaji in city
शहर में कबूतरबाजी के बड़े सिंडीकेट का खुलासा हुआ है। पीड़ित लोगों का आरोप है कि आरोपी आठ से दस करोड़ रुपये लेकर फरार हो गए हैं। बुधवार को ठगी के शिकार एजेंटों ने कर्नलगंज के रतन स्क्वायर स्थित ब्राईट फ्यूचर के दफ्तर में हंगामा किया।
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पीड़ित लोगों ने बताया कि ‘ब्राईट फ्यूचर’ कंपनी के नाम पर आरोपियों ने विदेशों में बड़े पैमाने पर नौकरी दिलाने का भरोसा देकर एजेंट नियुक्त किए। इन एजेंटों के जरिए एक-एक शख्स से 60 हजार से लेकर 75 हजार रुपये वसूले गए। इसके अलावा मेडिकल के नाम पर आठ से दस हजार रुपये अलग से लिए गए।
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इसके बाद सभी को उड़ान की तारीख बताकर ‘कबूतरबाज’ फुर्र हो गए। गौर करने वाली बात यह है कि कर्नलगंज पुलिस ने एक एजेंट की तहरीर पर तीन मार्च को फ्रॉड की रिपोर्ट दर्ज की थी लेकिन जांच करना मुनासिब नहीं समझा।
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पीड़ितों का कहना है कि अगर पुलिस उस समय सक्रिय हो गई होती तो आरोपी आज गिरफ्त में होते। इधर, कर्नलगंज के प्रभारी एसओ धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि मामले की जांच विवेक कुमार सिंह को सौंपी गई है, जांच चल रही है। 

ब्राईट फ्यूचर (मैनपावर एंड ओवरसीज कंसलटेंट) नाम से नौ महीने पहले कंपनी खोली गई और लोगों को दुबई, ओमान, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, मलेशिया, सिंगापुर एवं आस्ट्रेलिया में नौकरी का भरोसा देकर एजेंट नियुक्त किए।

एजेंट तौहीद अंसारी, अंसार, मोजम्मिल, शमसाद आलम, मनोज, गुलाम अली ने बताया कि ब्राईट फ्यूचर के एमडी मनीष कुमार श्रीवास्तव(निवासी बशारतपुर शाहपुर गोरखपुर), को-एमडी अशरफ अली, एचआर हेड उर्वशी समेत आठ लोग दफ्तर में मिले थे और मोटे कमीशन का भरोसा दिया गया था।

नौकरी के लिए जरूरतमंदों का पैसा जमा करवाने के बाद से एमडी, को एमडी से लेकर एच आर हेड का फोन बंद आ रहा था। ठगी का अंदेशा होने पर बुधवार को अधिकतर एजेंट मौके पर पहुंचे तो दफ्तर में मौजूद सर्वेंश, डॉटा इंट्री करने वाली तान्या अग्रवाल एवं एक अन्य कर्मचारी को घेर लिया।

इन कर्मियों ने भी बताया कि 20 फरवरी से तीनों लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। साथ दो महीने से सैलरी नहीं मिलने की बात भी बताई। उधर बवाल की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस को पीड़ित एजेंटों ने बताया कि कंपनी के आला अधिकारियों ने कई आवेदकों को वीजा, टिकट और कंपनी के नाम के साथ सेलेक्शन लिस्ट भी भेजी थी।

पर यह देखने में फर्जी लग रही है। एजेंटों ने बताया कि उन्होंने आवेदकों से रकम और उनके पासपोर्ट लेकर ब्राईट फ्यूचर में जमा कराए थे, इसकी रसीद भी उनके पास है। बाद में कर्नलगंज पुलिस ने एजेंटों की नामजद तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।


इधर, कर्नलगंज प्रभारी एसओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि तीन मार्च को एक एजेंट असगर अली(निवासी दमगढ़ा देवरिया) ने 30 पासपोर्ट और करीब तीन लाख रुपये ठगे जाने की तहरीर दी थी। विवेचक विवेक कुमार सिंह की फौरी जांच में पता चला कि एजेंट ने जो मोबाइल नंबर दिए थे वह फर्जी थे, मनीष कुमार का सिम किसी इमरान, मोईनुद्दीन के नाम पर है।
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