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नोट बदलवाना पड़ा महंगा, भट्ठा मुनीम और मजदूर गिरफ्तार

Tue, 15 Nov 2016 10:40 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 15 Nov 2016 10:40 PM IST
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 labor and slit bookkeeper arrested
प्रशासन हरकत में आया और कोतवाली व सिविल लाइन थाने की फोर्स पहुंच गई - फोटो : अमर उजाला
इटावा में नोट बदलवाने के लिए मजदूरों को लाइन में लगाकर रुपये बांटना एक भट्ठे के मुनीम को महंगा पड़ा। कतार में लगे मजदूरों को रुपया बांटे की सूचना पोस्टऑफिस के कर्मचारियों ने अधिकारियों को दी। इस पर अधिकारियों ने पुलिस बुला ली और मुनीम व मजदूरों को हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल उनके खिलाफ कोई मामला पंजीकृत नहीं किया गया है। पुलिस छानबीन कर रही है।
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सोमवार को अवकाश के बाद मंगलवार को बैंकव डाकखाने खुले तो सुबह से ही बैंकों व डाकघरों में कतारें लग गई। प्रधान डाकघर पर भी लाइनें लग रही थी। तभी करीब सुबह सात बजे एक ट्रैक्टर पर दो दर्जन मजदूरों को लेकर जयश्री बाबा भट्ठा सूखाताल के मुनीम कमल कुमार पहुंचे। मजदूरों को कतार में लगा दिया और 500 व 1000 रुपये के नोट बदलने के  लिए देने लगे। डाक अधीक्षक आरएन यादव ,पोस्टमास्टर प्रभात मिश्रा, डाक सहायक आशुतोष त्रिवेदी ने जब यह स्थिति देखी तो उन्होंने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। 
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प्रशासन हरकत में आया और कोतवाली व सिविल लाइन थाने की फोर्स पहुंच गई। पुलिस ने मुनीम कमल कुमार व 21 श्रमिकों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए श्रमिकों में रामराज सिंह, सोनू, अतुल, राजेश, सोहन, रोशन, सूरजभान, बबलू, दिनेश कुमार, रामबाबू, धर्मेंद्र, रामप्रकाश, संतोष, दीपक, राजू, राजाराम, विनोद, चेतराम, लखन, नरेश हैं। श्रमिकों ने बताया वह जयश्री बाबा ईंट भट्टा सूखाताल पर ईंट की पथाई करने आए हैं। उन्हें खाने की व्यवस्था के लिए मुनीम कमल ने 500 व 1000 रुपये के नोट दिए, मगर नोट बंद हो जाने के कारण उन्होंने नोट नहीं लिया। इस पर मुनीम ने कहा कि पोस्टआफिस या बैंक जाकर नोट बदल लो। मुनीम कमल कुमार ने कहा खुराकी के लिए रुपये देने पड़ते हैं, लेकिन चलन वाले नोट न होने के कारण श्रमिकों को खाना आदि की व्यवस्था में परेशानी हो रही है। सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर ने बताया मामले की छानबीन की जा रही है कि नोटों का यह एक्सचेंज कराने की प्रक्रिया वास्तव में खुराकी के लिए है या कोई और कारण है। 
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