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प्यार में रोड़ा बने बाप का मर्डर, गर्लफ्रेंड को लेकर आशिक फरार
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 29 Oct 2016 11:53 PM IST
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पिता की हत्या करने के बाद आरोपी लड़की को लेकर फरार
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कानपुर जूही के परमपुरवा में शुक्रवार रात प्रेमी ने प्रेमिका के पिता का सिर और चेहरा हथौड़ी से कुचलकर हत्या कर दी। पिता ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देखकर विरोध किया था। हत्या के बाद आरोपी पिता के 10 साल के बेटे को कमरे में बंद कर प्रेमिका को लेकर भाग गया।
मूलरूप से वरासगंज (रायबरेली) निवासी रामसनेही (48) जूही परमपुरवा में योगेश द्विवेदी के कारखाने में वेल्डिंग कारीगर था। वह बेटी बबली (18) और बेटे बलराम (10) के साथ कारखाने में ही रहता था। पत्नी रामकली का पिछले साल निधन हो चुका है। रामसनेही के भाई रामनरेश ने बताया कि शुक्रवार रात पूरा परिवार सो रहा था। देर रात करीब तीन बजे उन्नाव शिवपुरी निवासी संतोष रामसनेही के घर पहुंचा और बेटी के पास चला गया। आहट होने पर रामसनेही की आंख खुल गई। बेटी और संतोष को एक साथ देखकर वह भड़क गया। इस पर संतोष ने पास में रखी हथौड़ी से उस पर हमला बोल दिया और तब तक मारता रहा जब तक वह मर नहीं गया। शोरशराबा होने पर बेटे बलराम की भी आंख खुल गई थी लेकिन डर के मारे वो चुपचाप सब कुछ देखता रहा। बाद में संतोष ने बलराम और बबली को साथ ले जाने की कोशिश की। बलराम के मना करने पर उसे कमरे में बंद कर दोनों चले गए। काफी देर बाद बलराम ने पिता के मोबाइल से पड़ोसी को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सीओ आतिश कुमार, एसओ रामलाल पांडे फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। एसओ का कहना है कि संतोष के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। बबली के मोबाइल से लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
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मूलरूप से वरासगंज (रायबरेली) निवासी रामसनेही (48) जूही परमपुरवा में योगेश द्विवेदी के कारखाने में वेल्डिंग कारीगर था। वह बेटी बबली (18) और बेटे बलराम (10) के साथ कारखाने में ही रहता था। पत्नी रामकली का पिछले साल निधन हो चुका है। रामसनेही के भाई रामनरेश ने बताया कि शुक्रवार रात पूरा परिवार सो रहा था। देर रात करीब तीन बजे उन्नाव शिवपुरी निवासी संतोष रामसनेही के घर पहुंचा और बेटी के पास चला गया। आहट होने पर रामसनेही की आंख खुल गई। बेटी और संतोष को एक साथ देखकर वह भड़क गया। इस पर संतोष ने पास में रखी हथौड़ी से उस पर हमला बोल दिया और तब तक मारता रहा जब तक वह मर नहीं गया। शोरशराबा होने पर बेटे बलराम की भी आंख खुल गई थी लेकिन डर के मारे वो चुपचाप सब कुछ देखता रहा। बाद में संतोष ने बलराम और बबली को साथ ले जाने की कोशिश की। बलराम के मना करने पर उसे कमरे में बंद कर दोनों चले गए। काफी देर बाद बलराम ने पिता के मोबाइल से पड़ोसी को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सीओ आतिश कुमार, एसओ रामलाल पांडे फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। एसओ का कहना है कि संतोष के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। बबली के मोबाइल से लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
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