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मरीज को रेफर करने पर अस्पताल में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Wed, 06 Jan 2016 01:08 AM IST
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मरीज की हालत बिगड़ने के बाद एसजीपीजीआई लखनऊ रेफर करने से नाराज तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में तोड़फोड़ की।
अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पहुंची नौबस्ता पुलिस ने तीमारदारों को समझाकर शांत कराया। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। मीरपुर छावनी निवासी राज सिंह ने पुलिस को बताया कि 25 दिसंबर को उन्होंने भांजी नेहा सिंह को वाई ब्लाक स्थित डॉ. केजी गुप्ता के सान्या सर्जिकल अस्पताल में भर्ती कराया था।
डॉक्टर ने टीबी की बीमारी बताकर ऑपरेशन करने की बात कही। इस पर उन्होंने ऑपरेशन कर उसकी एक आंत निकाल दी, लेकिन मरीज की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। 11 दिन तक अस्पताल में रखने के बाद मंगलवार सुबह डॉक्टर ने मरीज को एसजीपीजीआई ले जाने को कहा। इस वजह से ही परिवार वाले भड़क गए और अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
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इसी बीच सूचना पर पहुंचे उस्मानपुर चौकी इंचार्ज मो. उस्मान ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। वहीं इस मामले में डॉ. केजी गुप्ता का कहना है कि मरीज की ऑपरेशन के बाद हालात में सुधार आया था, लेकिन मंगलवार को हालत बिगड़ने पर उसे रेफर किया गया।
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अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पहुंची नौबस्ता पुलिस ने तीमारदारों को समझाकर शांत कराया। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। मीरपुर छावनी निवासी राज सिंह ने पुलिस को बताया कि 25 दिसंबर को उन्होंने भांजी नेहा सिंह को वाई ब्लाक स्थित डॉ. केजी गुप्ता के सान्या सर्जिकल अस्पताल में भर्ती कराया था।
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डॉक्टर ने टीबी की बीमारी बताकर ऑपरेशन करने की बात कही। इस पर उन्होंने ऑपरेशन कर उसकी एक आंत निकाल दी, लेकिन मरीज की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। 11 दिन तक अस्पताल में रखने के बाद मंगलवार सुबह डॉक्टर ने मरीज को एसजीपीजीआई ले जाने को कहा। इस वजह से ही परिवार वाले भड़क गए और अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
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इसी बीच सूचना पर पहुंचे उस्मानपुर चौकी इंचार्ज मो. उस्मान ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। वहीं इस मामले में डॉ. केजी गुप्ता का कहना है कि मरीज की ऑपरेशन के बाद हालात में सुधार आया था, लेकिन मंगलवार को हालत बिगड़ने पर उसे रेफर किया गया।