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अवैध निर्माण ढहाने पहुंची टीम पर हमला
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 23 May 2015 03:22 AM IST
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महाराजपुर के छतमरा मौजा के चकेरी गांव पुरवा में शुक्रवार को अवैध कब्जे ढहाने गए केडीए दस्ते पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और पीएसी के वाहनों समेत केडीए के प्रवर्तन दल पर पथराव कर दिया। इसमें करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए और वाहनों के शीशे भी टूट गए।
पुलिस बल कम होने के चलते दस्ते में शामिल लोगों को भागकर जान बचानी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि टीम बिना सूचना दिए कार्रवाई करने पहुंची थी। इसके पहले महाराजपुर के छतमरा में भी कार्रवाई करने पहुंची टीम को भारी विरोध के चलते लौटना पड़ा।
ग्रामीणों ने कहा कि जब पक्के मकान बन रहे थे, तभी केडीए को निर्माण रोकना चाहिए था। अब निर्माण तभी ढहाने दिया जाएगा, जब उनके रहने की कहीं और व्यवस्था की जाएगी।
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देर रात अधिशासी अभियंता प्रर्वतन एमके मिश्रा की तहरीर पर चकेरी पुलिस ने विश्वनाथ, उनके परिजनों आैर इलाकाई लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। चकेरी इंस्पेक्टर ने बताया कि विश्वनाथ का भतीजा बाबूसिंह फौज में है जांच चल रही है कि वह मौके पर था या नहींं।
सुबह करीब 11 बजे केडीए का दस्ता पुलिस व पीएसी बल के साथ सबसे पहले छतमरा पहुंचा। यहां 74 अवैध निर्माण ढहाए जाने थे। टीम को देखते ही लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी शत्रुघ्न सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपा अग्रवाल व केडीए के अफसरों को घेर लिया।
उन्हें बताया कि यहां की आबादी करीब पांच हजार है। 90 प्रतिशत लोग भूमिहीन हैं। पहले कच्चे मकान बनवाकर रहते थे। उस समय कार्रवाई नहीं हुई। पक्के मकान बन गए तब कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग और केडीए के लोगों पर रुपये लेकर मकान बनवाने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का गुस्सा देखकर दस्ता बैकफुट पर आ गया। एडीएम ने आश्वासन दिया कि उनके रहने का इंतजाम करने के बाद ही कार्रवाई होगी। इसके बाद दस्ता गांव से बाहर आया और दिनेश दीक्षित के निजी स्कूल को ध्वस्त किया। दो निर्माण ढहाकर तीन हेक्टेयर भूमि खाली कराई गई।
इसके बाद दस्ते ने गांव के राजन सिंह की अवैध रूप से बनी बिल्डिंग मैटेरियल, की दुकानों को ढहाया। इससे ग्रामीणों में रोष बढ़ गया। इस बीच एडीएम शत्रुघ्न सिंह वहां से निकल चुके थे।
प्रवर्तन दस्ता भी जाने लगा। आरोप है कि इसी बीच एक फौजी और उसके भाई के भड़काने पर ग्रामीणों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपा अग्रवाल के वाहन और पीएसी वाहन समेत केडीए प्रवर्तन दस्ते पर पथराव कर दिया।
इससे कानूनगो का सिर फट गया उन्हें अस्पताल भेजा गया, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के अर्दली सुरेश कुमार, मुख्य आरक्षी राम शंकर सिंह, परदेसी लाल व अन्य लोग घायल हो गए। पथराव के दौरान एसडीएम बालबाल बचीं। पीएसी ने भीड़ को खदेड़ा तो लोग भाग निकले।
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पुलिस बल कम होने के चलते दस्ते में शामिल लोगों को भागकर जान बचानी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि टीम बिना सूचना दिए कार्रवाई करने पहुंची थी। इसके पहले महाराजपुर के छतमरा में भी कार्रवाई करने पहुंची टीम को भारी विरोध के चलते लौटना पड़ा।
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ग्रामीणों ने कहा कि जब पक्के मकान बन रहे थे, तभी केडीए को निर्माण रोकना चाहिए था। अब निर्माण तभी ढहाने दिया जाएगा, जब उनके रहने की कहीं और व्यवस्था की जाएगी।
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देर रात अधिशासी अभियंता प्रर्वतन एमके मिश्रा की तहरीर पर चकेरी पुलिस ने विश्वनाथ, उनके परिजनों आैर इलाकाई लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। चकेरी इंस्पेक्टर ने बताया कि विश्वनाथ का भतीजा बाबूसिंह फौज में है जांच चल रही है कि वह मौके पर था या नहींं।
सुबह करीब 11 बजे केडीए का दस्ता पुलिस व पीएसी बल के साथ सबसे पहले छतमरा पहुंचा। यहां 74 अवैध निर्माण ढहाए जाने थे। टीम को देखते ही लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी शत्रुघ्न सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपा अग्रवाल व केडीए के अफसरों को घेर लिया।
उन्हें बताया कि यहां की आबादी करीब पांच हजार है। 90 प्रतिशत लोग भूमिहीन हैं। पहले कच्चे मकान बनवाकर रहते थे। उस समय कार्रवाई नहीं हुई। पक्के मकान बन गए तब कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग और केडीए के लोगों पर रुपये लेकर मकान बनवाने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का गुस्सा देखकर दस्ता बैकफुट पर आ गया। एडीएम ने आश्वासन दिया कि उनके रहने का इंतजाम करने के बाद ही कार्रवाई होगी। इसके बाद दस्ता गांव से बाहर आया और दिनेश दीक्षित के निजी स्कूल को ध्वस्त किया। दो निर्माण ढहाकर तीन हेक्टेयर भूमि खाली कराई गई।
इसके बाद दस्ते ने गांव के राजन सिंह की अवैध रूप से बनी बिल्डिंग मैटेरियल, की दुकानों को ढहाया। इससे ग्रामीणों में रोष बढ़ गया। इस बीच एडीएम शत्रुघ्न सिंह वहां से निकल चुके थे।
प्रवर्तन दस्ता भी जाने लगा। आरोप है कि इसी बीच एक फौजी और उसके भाई के भड़काने पर ग्रामीणों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपा अग्रवाल के वाहन और पीएसी वाहन समेत केडीए प्रवर्तन दस्ते पर पथराव कर दिया।
इससे कानूनगो का सिर फट गया उन्हें अस्पताल भेजा गया, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के अर्दली सुरेश कुमार, मुख्य आरक्षी राम शंकर सिंह, परदेसी लाल व अन्य लोग घायल हो गए। पथराव के दौरान एसडीएम बालबाल बचीं। पीएसी ने भीड़ को खदेड़ा तो लोग भाग निकले।