एंटी रोमियो अभियान को एक और चुनौती, शोहदों की पिटाई से घायल लड़की के पिता की मौत
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थाना रूरा के लालपुर डेरा गांव निवासी ओमप्रकाश (50) की बेटी मेनका गांव में आयोजित कलश यात्रा में शामिल होकर जा रही थी। तभी गांव के सीताराम, बबलू, वकील, दिनेश और संजय ने मेनका से छेड़छाड़ शुरू कर दी। इसके बाद उसे उठा ले जाने की कोशिश करने लगे ये सब ओमप्रकाश ने देख लिया और विरोध करना शुरू कर दिया। तैश में आये पांचों लड़कों ने लाठी, डंडों और धारदार हथियार से ओमप्रकाश को बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया। बीचबचाव करने पहुंचे बउआ को भी इन पांचों ने जमकर मारा।
मारपीट और छेड़छाड़ की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दो लड़कों को हिरासत में ले लिया और गंभीर रूप से घायल ओमप्रकाश को अस्पताल में भर्ती कराया। कानपुर में दो दिनों तक ओमप्रकाश का इलाज चलता रहा लेकिन वह कोमा से बाहर नहीं आया। शनिवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।
छेड़छाड़ और हत्या के आरोपी पांचों लड़कों पर कड़ी कार्रवाई न होने से नाराज मृतक ओमप्रकाश के परिजनों ने उसकी लाश रखकर हंगामा काटना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक आक्रोशित लोग फरार लड़कों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहकर शोरशराबा करते रहे। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने समझाबुझाकर सबको शांत कराया।
इससे पहले उन्नाव जिले में रेप पीड़ित लड़की की आंखें बलात्कार आरोपी के बड़े भाई ने फोड़ दी थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एंटी रोमियो अभियान का भय शायद बदमाश शोहदों को नहीं है। तभी ये शोहदे खुलेआम अपराध करके फरार घूम रहे हैं।