उन्नावः कृषि फार्म में रह रहा था बब्बर खालसा का आतंकी जसवंत उर्फ काला, एटीएस ने उठाया
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थानाक्षेत्र में लखनऊ-कानपुर हाईवे से सटे अमर सिंह कृषि फार्म में बुधवार रात करीब 8 बजे लखनऊ एटीएस टीम ने छापा मारा। जसवंत कृषि फार्म के गेस्ट हाउस में रह रहा था। यहां करीब दो घंटे की कार्रवाई के बाद एटीएस जसवंत को रात में ही लखनऊ लेकर चली गई थी। एटीएस के एडिशनल एसपी राजेश साहनी ने बताया कि लखनऊ से जसवंत के साथी बलवंत की गिरफ्तारी हुई थी। जसवंत सिंह उर्फ काला पुत्र गुरविंदर सिंह मूलरूप पंजाब के जिला मुख्तसर थाना सदर के सोने वाला का रहने वाला है। जसवंत सिंह कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। 2008 में देशद्रोह के आरोप में जेल जा चुका है। काफी समय से पंजाब पुलिस को इसकी तलाश थी, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि एटीएस ने जसवंत नाम के वांछित अपराधी को यहां से गिरफ्तार किया है। आगे की जो भी कार्रवाई होगी वह एटीएस ही करेगी।
फार्म हाउस मालिक बोला असलियत नहीं जानता था
आतंकी संगठन बब्बर खालसा का सदस्य जिस कृषि फार्म हाउस से गिरफ्तार किया गया, उसके मालिक अमर सिंह का कहना है कि आतंकी जसवंत सिंह यहां कई महीनों से नहीं बल्कि बुधवार को ही आया था। उसने बताया कि सरांय जोगा स्थित गुरुद्वारे में बुधवार को कथा और लंगर का आयोजन किया गया था। जिसमे लखनऊ के ऐशबाग स्थित गुरुद्वारा के बाबा बलवंत सिंह आए थे। कथा और लंगर के बाद बलवंत सिंह ने जसवंत को यहीं रोक दिया था। अमर सिंह के मुताबिक उसने बाबा बलवंत सिंह के कहने पर जसवंत को अपने फार्म हाउस में आसरा दिया था। उसे नहीं पता था कि यह व्यक्ति कौन है। बुधवार रात को कृषि फार्म पहुंची एटीएस बलवंत सिंह को अपने साथ लेकर आई थी। एटीएस के अफसरों ने बलवंत के माध्यम से ही जसवंत को पहचाना।
जसवंत सिंह उर्फ काला पर 2005 में पंजाब के मुख्तसर से आर्म्स एक्ट, 2008 में दिल्ली के मोदी कॉलोनी से आर्म्स एक्ट और देशद्रोह के मामले में जेल जा चुका है। वह 2016 में राजस्थान के हनुमानगढ़ और पंजाब के फरीदकोट बाजाखाना से हत्या के मामले में वांछित था। पंजाब के मुकुंदपुर में 2017 में समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम एवं शस्त्र अधिनियम के मामले में भी वह वांछित था।
आतंकियों से पहले भी जुड़ चुके हैं उन्नाव के तार
लखनऊ और कानपुर के बीच होने के कारण उन्नाव को आतंकी पहले अपना ठिकाना बनाते रहे हैं। 7 मार्च को एनकाउंटर में मारे गए आतंकी सैफुल्ला, उसका साथी आतिफ अन्य साथियों के साथ उन्नाव शहर में अक्सर रुकते और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए प्लान तैयार करते थे। एनआईए अप्रैल में इसका खुलासा कर चुकी है।
20 अप्रैल को लखनऊ एटीएस ने जालंधर में जीशान उर्फ मुजम्मिल उर्फ गाजीबाब नाम के जिस आतंकी को गिरफ्तार किया था वह उन्नाव जिले के आसीवन थानाक्षेत्र के रसूलाबाद कस्बा का मूल निवासी था। कस्बा के फिरोज नगर में उसका मकान है। वह देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के साथ ही जिले के अन्य युवाओं के भी संपर्क में था। इससे पहले 2009 में सिमी से जुड़ा जौनपुर फजरुल रहमान ने हाईवे किनारे एक सुनसान स्थान पर भारी मात्रा में विस्फोटक छिपाया था। गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने उसकी निशानदेही पर यहां से बरामद किया था। 2012 में बांगरमऊ के मदारनगर के एक मदरसे में टीचर बनकर रह रहे एक आतंकी गुट के गुर्गे को दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया था।