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बेनामी संपत्ति रखने पर होगी सात साल की जेल

Sun, 04 Dec 2016 11:27 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 04 Dec 2016 11:27 AM IST
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anonymous assets will be seven years in jail
सीए संस्थान की सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल की गोष्ठी में विशेषज्ञों ने दी जानकारी
बेनामी संपत्ति अधिनियम के तहत यदि कोई व्यक्ति दोषी करार दिया जाता है तो उसे एक से सात वर्ष कैदी की सजा दी जा सकती है। इसके अलावा प्रॉपर्टी की फेयर मार्केट वैल्यू का 25 फीसदी तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सीए प्रशांत रस्तोगी ने शनिवार को यह जानकारी सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल की ओर से सीए संस्थान कानपुर, सिविल लाइन में आयोजित गोष्ठी में दी। 
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उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत दो शर्तें आवश्यक हैं। एक यह कि संपत्ति बेनामीदार के नाम हो और उसका नियंत्रण भी उसके पास हो। दूसरी, इस संपत्ति का मूल्य बेनीफिशियल ओनर ने दिया हो। इसी तरह इस अधिनियम में चार अपवाद भी हैं। मसलन, अविभाज्य हिंदू परिवार का कर्ता या कोई सदस्य परिवार के लिए अपने नाम से संपत्ति रख सकता है। लेकिन संपत्ति का मूल्य परिवार के सदस्यों की ज्ञात आय के स्रोतों से दिया गया हो। कोई व्यक्ति पत्नी या बच्चों के नाम से कोई संपत्ति खरीद सकता है बशर्ते उसकी कीमत उसके ज्ञात स्रोतों से अदा की गई हो। इसी तरह कोई व्यक्ति अपनी बहन, भाई या नजदीकी वंशज के नाम से कोई संपत्ति खरीद सकता है, लेकिन इसका भुगतान भी उसकी आय के ज्ञात स्रोतों से हुआ हो। चौथा अपवाद ये कि कोई व्यक्ति साझीदार, निदेशक, अपनी फर्म या कंपनी के लिए अपने नाम से संपत्ति खरीद सकता है। 
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ब्लैकमनी पर इतना टैक्स  
सीए राजीव मेहरोत्रा ने बताया कि विमुद्रीकरण के अंतर्गत अज्ञात स्रोतों से बैंक में जमा की गई रकम पर 30 प्रतिशत टैक्स, 33 प्रतिशत सरचार्ज, 10 प्रतिशत पेनाल्टी लगेगी। 25 प्रतिशत रकम चार वर्षों के लिए ब्याजमुक्त जमा करनी पड़ेगी। इस परिस्थितियों में आवश्यक है कि करदाता अपने स्रोत के बारे में स्पष्ट रूप से बताए और खुद को एक बड़ी पेनाल्टी प्रावधान से बचाए। इसी तरह व्यापारी जो रकम व्यापार में दिखा रहे हैं उसकी गतिविधि का प्रमाण भी दिखाए। कार्यक्रम का संचालन रीजनल काउंसिल के कोषाध्यक्ष सीए दीपकुमार मिश्रा ने किया। यहां सीए राजीव गुप्ता, अवधेश मिश्रा, विकास गुप्ता, आलोक बंसल, अरविंद वैश्य आदि मौजूद रहे।  
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