{"_id":"59399d3b4f1c1ba54f8b4580","slug":"71496948027-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के मामले में पति-पत्नी को उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्या के मामले में पति-पत्नी को उम्रकैद
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। सत्र न्यायाधीश हसनैन कुरैशी ने थाना फफूंद क्षेत्र के ग्राम शाह आलमपुर में हुई ग्रामीण की हत्या मामले में दंपित को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों को आर्थिक दंड भी लगाया है।
ग्राम शाह आलमपुर निवासी दिलीप कुमार ने फफूंद थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि 26 मई 2012 को दोपहर लगभग 12:30 बजे उसके पिता अशोक कुमार दुबे को किसी ने मोबाइल पर काल किया था। इसके बाद वह सब्जी लेने की बात कहकर फफूंद चले गए। लेकिन शाम तक नहीं लौटे।
उनका मोबाइल भी बंद हो गया। खोजबीन के दौरान दूसरे दिन सुबह उनकी बाइक डेरा बंजारन मार्ग पर आम के पेड़ के पास पड़ी पाई गई। थोड़ी ही दूर पर बबूल की झाड़ियों में लाश पड़ी थी। देखने से प्रतीत हुआ कि अशोक कुमार दुबे की खुरपी से वार कर हत्या की गई थी।
विज्ञापन
दिलीप की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर किशनी थाना क्षेत्र के ग्राम सोनासी निवासी अरविंद कुमार व उनकी पत्नी रुबी को गिरफ्तार किया। पुलिस के आरोप पत्र पर सत्र न्यायाधीश हसनैन कुरैशी की कोर्ट में मुकदमा चला।
अभियोजन की ओर से डीजीसी जितेंद्र सिंह तोमर एवं बचाव पक्ष को सुनने के बाद कोर्ट ने हत्या के लिए अरविंद कुमार व उसकी पत्नी रुबी को दोषी माना व दोनों को आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये आर्थिक दंड की भी सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 201 में सात-सात साल के कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी।
अरविंद कुमार को आयुध अधिनियम में दो साल के कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश भी दिया गया है। सजा पाए पति-पत्नी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
विज्ञापन
औरैया। सत्र न्यायाधीश हसनैन कुरैशी ने थाना फफूंद क्षेत्र के ग्राम शाह आलमपुर में हुई ग्रामीण की हत्या मामले में दंपित को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों को आर्थिक दंड भी लगाया है।
ग्राम शाह आलमपुर निवासी दिलीप कुमार ने फफूंद थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि 26 मई 2012 को दोपहर लगभग 12:30 बजे उसके पिता अशोक कुमार दुबे को किसी ने मोबाइल पर काल किया था। इसके बाद वह सब्जी लेने की बात कहकर फफूंद चले गए। लेकिन शाम तक नहीं लौटे।
विज्ञापन
उनका मोबाइल भी बंद हो गया। खोजबीन के दौरान दूसरे दिन सुबह उनकी बाइक डेरा बंजारन मार्ग पर आम के पेड़ के पास पड़ी पाई गई। थोड़ी ही दूर पर बबूल की झाड़ियों में लाश पड़ी थी। देखने से प्रतीत हुआ कि अशोक कुमार दुबे की खुरपी से वार कर हत्या की गई थी।
विज्ञापन
दिलीप की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर किशनी थाना क्षेत्र के ग्राम सोनासी निवासी अरविंद कुमार व उनकी पत्नी रुबी को गिरफ्तार किया। पुलिस के आरोप पत्र पर सत्र न्यायाधीश हसनैन कुरैशी की कोर्ट में मुकदमा चला।
अभियोजन की ओर से डीजीसी जितेंद्र सिंह तोमर एवं बचाव पक्ष को सुनने के बाद कोर्ट ने हत्या के लिए अरविंद कुमार व उसकी पत्नी रुबी को दोषी माना व दोनों को आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये आर्थिक दंड की भी सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 201 में सात-सात साल के कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी।
अरविंद कुमार को आयुध अधिनियम में दो साल के कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश भी दिया गया है। सजा पाए पति-पत्नी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।