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डेढ़ लाख रुपये में फूफा को बेचा था अपहृत बच्चा
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कानपुर देहात। बरौर थाना के डुडियामऊ से अपहृत बच्चे के बरामदगी के मामले में बुधवार को एसपी ने प्रेस कांफ्रेेंस कर खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक ने बच्चे का अपहरण कर दिल्ली निवासी फूफा को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया था। फूफा के कोई संतान नहीं थी और उन्होंने बच्चे को पालने के लिए खरीदा था।
मामले में आरोपी युवक और उसके फूफा पर अपहरण समेत कई अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं आरोपी युवक के पास से अपहरण में प्रयोग की गई बोलेरो व 15 हजार रुपये बरामद हुए। वहीं, पुलिस ने बच्चे की बरामदगी पुखरायां रेलवे स्टेशन से दिखाई है।
घटना का खुलासा करते हुए एसपी राधेश्याम ने बताया कि डुडियामऊ गांव निवासी ट्रक चालक राजू सविता का सात वर्षीय बेटा विवेक 12 मई को घर के बाहर खेलने के दौरान लापता हो गया था। मोहल्ले के बच्चों ने विवेक को गांव के अभिषेक मिश्रा उर्फ प्रांशु के साथ आखिरी बार देखा था। इस पर परिजनों ने प्रांशु पर शक जताते हुए 17 मई को अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
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पुलिस ने मंगलवार शाम पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास से प्रांशु व उसके फूफा समयपुर बादली दिल्ली निवासी राजू तिवारी को गिरफ्तार करने का दावा किया। हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि बच्चे को लेकर दोनों पुखरायां क्यों आए।
एसपी ने बताया कि राजू तिवारी के शादी के 20 वर्ष बाद भी कोई संतान नहीं थी, जिससे उसने प्रांशू से एक बच्चा दिलाने के लिए कहा था। प्रांशु ने डेढ़ लाख रुपये में उनसे सौदा कर विवेक का अपहरण कर उसे दिल्ली पहुंचा दिया। वहां वह करीब 16 दिन राजू के घर पर रहा। वहीं, आरोपियों ने बच्चे को प्रताड़ित करने व मारपीट से इंकार किया। पुलिस ने उनके पास से घटना में प्रयोग की प्रांशू की निजी बोलेरो व बच्चा बेचकर लिए गए 15 हजार रुपये बरामद किए। एसपी ने बताया कि बरौर एसओ सुखवीर सिंह व उनकी टीम को 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
डेढ़ लाख रुपये में फूफा को बेचा था अपहृत बच्चा
अमर उजाला ब्यूरो
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मामले में आरोपी युवक और उसके फूफा पर अपहरण समेत कई अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं आरोपी युवक के पास से अपहरण में प्रयोग की गई बोलेरो व 15 हजार रुपये बरामद हुए। वहीं, पुलिस ने बच्चे की बरामदगी पुखरायां रेलवे स्टेशन से दिखाई है।
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घटना का खुलासा करते हुए एसपी राधेश्याम ने बताया कि डुडियामऊ गांव निवासी ट्रक चालक राजू सविता का सात वर्षीय बेटा विवेक 12 मई को घर के बाहर खेलने के दौरान लापता हो गया था। मोहल्ले के बच्चों ने विवेक को गांव के अभिषेक मिश्रा उर्फ प्रांशु के साथ आखिरी बार देखा था। इस पर परिजनों ने प्रांशु पर शक जताते हुए 17 मई को अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
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पुलिस ने मंगलवार शाम पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास से प्रांशु व उसके फूफा समयपुर बादली दिल्ली निवासी राजू तिवारी को गिरफ्तार करने का दावा किया। हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि बच्चे को लेकर दोनों पुखरायां क्यों आए।
एसपी ने बताया कि राजू तिवारी के शादी के 20 वर्ष बाद भी कोई संतान नहीं थी, जिससे उसने प्रांशू से एक बच्चा दिलाने के लिए कहा था। प्रांशु ने डेढ़ लाख रुपये में उनसे सौदा कर विवेक का अपहरण कर उसे दिल्ली पहुंचा दिया। वहां वह करीब 16 दिन राजू के घर पर रहा। वहीं, आरोपियों ने बच्चे को प्रताड़ित करने व मारपीट से इंकार किया। पुलिस ने उनके पास से घटना में प्रयोग की प्रांशू की निजी बोलेरो व बच्चा बेचकर लिए गए 15 हजार रुपये बरामद किए। एसपी ने बताया कि बरौर एसओ सुखवीर सिंह व उनकी टीम को 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
डेढ़ लाख रुपये में फूफा को बेचा था अपहृत बच्चा
अमर उजाला ब्यूरो