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11 साल के बच्चे पर 11 बार चाकू मारे
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Fri, 25 Dec 2015 01:48 AM IST
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रावतपुर में अपहरण के बाद अर्श (11) की हत्या इतनी बेरहमी से की गई कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी सिहर उठे। अर्श के शरीर पर चाकुओं से 11 गंभीर घाव किए गए। उसके सिर, पीठ और हाथ पर चाकू के कई वार मिले।
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हाथ पर मिले घावों से पता चलता है कि उसने बचने के लिए संघर्ष किया, लेकिन मासूम बच्चा लगातार चाकू के वार झेलते-झेलते बेदम होकर गिर गया तो हत्यारोपी सरफराज ने उसकी गर्दन काट डाली। पुलिस ने अर्श के पिता शमीम की तहरीर पर सरफराज, उसके पिता मोईन खान और चाचा नसीम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
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दो को जेल भेज दिया गया जबकि चाचा फरार है। उधर इलाके में तनाव के चलते भारी फोर्स मौजूद रही। पुलिस के अनुसार गणेश नगर रावतपुर गांव बकरमंडी निवासी सब्जी विक्रेता मोहम्मद शमीम के मासूम बेटे अर्श को उसका दोस्त सरफराज बुधवार शाम बहाने से अपने साथ ले गया था और हत्या कर शव अर्मापुर के जंगल में फेंक दिया था।
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पुलिस ने रात में ही हत्यारोपी सरफराज और उसके पिता को गिरफ्तार किया था जबकि चाचा नसीम फरार हो गया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद रावतपुर कर्बला में अर्श का शव सुपुर्दे खाक किया गया।
पिता और चाचा पर भी रिपोर्ट
कानपुर। कल्याणपुर में बुधवार को अर्श केअपहरण और हत्या के आरोपी सरफराज को पुलिस ने गुरुवार को जेल भेज दिया। अर्श के पिता शमीम ने सरफराज, उसके पिता मोईन खान और चाचा नसीम खान के खिलाफ अपहरण, हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मोईन और नसीम फरार हैं।
पुलिस के अनुसार बुधवार शाम सरफराज अपने दोस्त अर्श को बहाने से अर्मापुर जंगल ले गया था और वहां चाकू से गला रेत कर उसे मार डाला था। हत्या के पीछे दो दिन पहले दोनों परिवारों में हुआ मामूली विवाद था। गुरुवार को फारेंसिक टीम ने वारदात में इस्तेमाल चाकू से सरफराज के फिंगर प्रिंट, और सरफराज के कपड़ों से ब्लड सैंपल लिए।
सरफराज की जींस से पुलिस को भारी मात्रा में लगा खून मिला। गुरुवार पूरे दिन पुलिस यह नहीं तय कर पाई कि आरोपी सरफराज बालिग है या नाबलिग। शाम को पुलिस ने सरफराज को बालिग मानते हुए कोर्ट में पेश किया जिसे कोर्ट ने जेल भेज दिया।
एसपी ग्रामीण एसएन तिवारी न बताया कि आरोपी के घर में आग लगा दी गई थी जिसकी वजह से सरफराज की आयु संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं मिल पाया। इस मसले पर जांच-पड़ताल की जाएगी।
बचपन से ही बिगड़ैल
इलाके के लोगों ने बताया कि सरफराज का बच्चों को मारना -पीटना और दादागीरी करना शौक है। एक महीने पहले उसने घर से डेढ़ लाख रुपये के जेवर चोरी करके बेच दिए थे। चाचा के खराद के कारखाने में भी चोरी में पकड़ा गया। बारावफात में इलाके के लोगों से आठ हजार रुपये चंदा किया था जो हड़प गया।
चाचा के कारखाने में चाकू में लगाई धार
सरफराज ने हत्या से पहले अपने चाचा के खराद के कारखाने में चाकू में धार लगाई थी। वहां मौजूद कारीगरों ने पूछा तो उसने कहा था कि एक ताजा मुर्गे को हलाल करना है।
हत्या के बाद भी सरफराज को अपने किए पर अफसोस नहीं है। उसके कहा कि अर्श के पिता ने पड़ोसी का मुर्गा घर में घुसने पर मोहल्ले के बच्चों को डांटा था। इस पर उसने बच्चों का पक्ष लिया था तो अर्श के पिता ने धमकी दी थी। इसलिए मैंने उसे मार डाला।
घर में पड़ा ताला
आगजनी, पथराव के बाद से सरफराज का परिवार घर पर ताला लगाकर फरार हो गया है। उधर हत्यारोपी सरफराज और उसके पिता को भीड़ के हमले से बचाने के लिए पुलिस ने रात भर दोनों को बिठूर थाने में छिपाकर रखा फिर वहीं से कोर्ट भेज दिया।