{"_id":"61c5e1dec5e9ac4c5c504096","slug":"crime-kanpur-news-knp671422873","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ ने ली थी किसान की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ ने ली थी किसान की जान
विज्ञापन
खेत में मिले इन निशानों से हुए बाघ होने की पुष्टि। संवाद
- फोटो : UNNAO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरास/उन्नाव। रामपुर गढ़ौवा गांव में बाघ ने ही एक किसान की जान ली थी और एक को घायल किया था। खेतों में पंजे के निशानों की जांच के बाद वन विभाग ने इसकी पुष्टि की है। तीन किमी के दायरे में बाघ के पंजे के 300 निशान मिले हैं। वन विभाग के एसडीओ ने बाघ के लखनऊ सीमा में चले जाने की बात कही है। वन अधिकारियों और कर्मचारियों की 50 सदस्यीय टीम 12-12 घंटे निगरानी कर रही है। दर्जनभर गांवों के 20 हजार लोगों में दहशत है।
गुरुवार शाम खेत गए रामपुर गढ़ौवा निवासी रामलखन (45) और इसी गांव के कमलेश (30) पर जंगली जानवर ने हमला कर घायल कर दिया था। देर रात लखनऊ ट्रामा सेंटर में कमलेश की मौत हो गई थी। घायलों ने बाघ के हमले की बात कही तो वन विभाग के अधिकारी हरकत में आए। शुक्रवार सुबह लखनऊ मंडल के मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह और उन्नाव के दोनों एसडीओ 50 सदस्यीय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कांबिंग शुरू की। इस दौरान जांच टीमों को पंजे के निशान मिले। परीक्षण में पंजे के निशान बाघ के होने की पुष्टि हुई तो सनसनी फैल गई। पंजों के निशान का पीछा करते हुए टीम करीब तीन किमी दूर मलिहाबाद के खड़ौवा गांव तक पहुंची। बाघ के पंजे के निशान वापस लौटने के नहीं मिले हैं। बाघ के गांव की तरफ लौटने की पुष्टि न होने से पिंजरा नहीं लगवाया गया।
--
विज्ञापन
गुरुवार शाम खेत गए रामपुर गढ़ौवा निवासी रामलखन (45) और इसी गांव के कमलेश (30) पर जंगली जानवर ने हमला कर घायल कर दिया था। देर रात लखनऊ ट्रामा सेंटर में कमलेश की मौत हो गई थी। घायलों ने बाघ के हमले की बात कही तो वन विभाग के अधिकारी हरकत में आए। शुक्रवार सुबह लखनऊ मंडल के मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह और उन्नाव के दोनों एसडीओ 50 सदस्यीय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कांबिंग शुरू की। इस दौरान जांच टीमों को पंजे के निशान मिले। परीक्षण में पंजे के निशान बाघ के होने की पुष्टि हुई तो सनसनी फैल गई। पंजों के निशान का पीछा करते हुए टीम करीब तीन किमी दूर मलिहाबाद के खड़ौवा गांव तक पहुंची। बाघ के पंजे के निशान वापस लौटने के नहीं मिले हैं। बाघ के गांव की तरफ लौटने की पुष्टि न होने से पिंजरा नहीं लगवाया गया।
विज्ञापन
--