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बिकरू कांडः हथियार नदी में फेंकने की आशंका
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- फोटो : DEHAT
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चौबेपुर (बिल्हौर)। कस्बे के बिकरू हत्याकांड में कुख्यात विकास और उसके गुर्गों के इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी के मामले में पुलिस के हाथ खाली है। गांव स्थित कुएं व तालाब में कराई गई छानबीन के बावजूद कुछ हासिल न होने से आशंका बढ़ी है कि बदमाशों ने अपने हथियार कहीं पांडु नदी अथवा इसके आसपास स्थित जंगल में फेंक दिए हो। पुलिस द्वारा जल्द ही पांडु नदी व इसके इर्दगिर्द इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा सकता है।
बिकरू गांव में 2 जुलाई की रात सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के उपरांत हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे व उसके साथी मौके से भाग गए थे। घटना में बदमाशों द्वारा लूटे गए एके-47 व इंसास राइफल समेत अन्य पुलिस के हथियार बरामद कर लिए। बदमाशों के असलहे पुलिस के हाथ नहीं लग सके हैं। हथियारों की बरामदगी के लिए पुलिस व एसटीएफ की टीमों ने विकास दुबे के घर के समीप स्थित कुएं का पानी निकलवा खोजबीन कराई, लेकिन कुछ हासिल न हुआ।
गांव में स्थिति तालाब में तमाम छानबीन कराई गई। लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब तक गिरफ्तार बदमाशों से मिली जानकारी से बदमाशों की संख्या 25 से 30 थी। इसी आधार पर हथियार भी इतनी ही तादाद में होने की आशंका बढ़ी है। पुलिस व एसटीएफ टीम लगातार हथियारों की तलाश में जुटी है। घटनास्थल के पास स्थित कुआं व गांव के बाहर स्थित तालाब के पश्चात अब निकट स्थित पांडु नदी पर पुलिस की निगाह है। नदी में पानी कम होने से जल्द यहां सर्च अभियान चलाया जा सकता है। दो जुलाई की रात बदमाश पांडु नदी पर विकास दुबे द्वारा बनाया गए लोहे के पुल के रास्ते भागे हैं।
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घटना में प्रयुक्त हथियार नदी या फिर आसपास के जंगल में फेंके जाने की आशंका प्रबल है।
शिवली के जागेश्वर शिव मंदिर परिसर में गहरा तालाब
बिल्हौर। बिकरू गांव के लोग शिवली कस्बा स्थित प्राचीन जागेश्वर महादेव मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना के लिए जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, कुख्यात विकास दुबे और उसके गैंग के सदस्यों की भी मंदिर के प्रति गहरी आस्था थी। आशंका है कि दो जुलाई की रात घटना को अंजाम देने के बाद विकास दुबे व उसके साथी लूट गए हथियारों संग पांडु नदी पुल से भागते हुए जागेश्वर मंदिर पहुंचे और यहां स्थित गहरे तालाब में अपने हथियार फेंक दिए हो। मंदिर शिवली थाने के समीप है। रास्ते से दो जुलाई की रात विकास व उसके साथी बाइक-साइकिल से भागे थे। एसआईटी और पुलिस अधिकारी लूटे गए हथियारों की खोजबीन गांव में तो कर रही है, लेकिन शिवली स्थित जागेश्वर महादेव मंदिर के तालाब पर किसी की भी नजर नहीं गई है।
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बिकरू गांव में 2 जुलाई की रात सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के उपरांत हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे व उसके साथी मौके से भाग गए थे। घटना में बदमाशों द्वारा लूटे गए एके-47 व इंसास राइफल समेत अन्य पुलिस के हथियार बरामद कर लिए। बदमाशों के असलहे पुलिस के हाथ नहीं लग सके हैं। हथियारों की बरामदगी के लिए पुलिस व एसटीएफ की टीमों ने विकास दुबे के घर के समीप स्थित कुएं का पानी निकलवा खोजबीन कराई, लेकिन कुछ हासिल न हुआ।
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गांव में स्थिति तालाब में तमाम छानबीन कराई गई। लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब तक गिरफ्तार बदमाशों से मिली जानकारी से बदमाशों की संख्या 25 से 30 थी। इसी आधार पर हथियार भी इतनी ही तादाद में होने की आशंका बढ़ी है। पुलिस व एसटीएफ टीम लगातार हथियारों की तलाश में जुटी है। घटनास्थल के पास स्थित कुआं व गांव के बाहर स्थित तालाब के पश्चात अब निकट स्थित पांडु नदी पर पुलिस की निगाह है। नदी में पानी कम होने से जल्द यहां सर्च अभियान चलाया जा सकता है। दो जुलाई की रात बदमाश पांडु नदी पर विकास दुबे द्वारा बनाया गए लोहे के पुल के रास्ते भागे हैं।
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घटना में प्रयुक्त हथियार नदी या फिर आसपास के जंगल में फेंके जाने की आशंका प्रबल है।
शिवली के जागेश्वर शिव मंदिर परिसर में गहरा तालाब
बिल्हौर। बिकरू गांव के लोग शिवली कस्बा स्थित प्राचीन जागेश्वर महादेव मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना के लिए जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, कुख्यात विकास दुबे और उसके गैंग के सदस्यों की भी मंदिर के प्रति गहरी आस्था थी। आशंका है कि दो जुलाई की रात घटना को अंजाम देने के बाद विकास दुबे व उसके साथी लूट गए हथियारों संग पांडु नदी पुल से भागते हुए जागेश्वर मंदिर पहुंचे और यहां स्थित गहरे तालाब में अपने हथियार फेंक दिए हो। मंदिर शिवली थाने के समीप है। रास्ते से दो जुलाई की रात विकास व उसके साथी बाइक-साइकिल से भागे थे। एसआईटी और पुलिस अधिकारी लूटे गए हथियारों की खोजबीन गांव में तो कर रही है, लेकिन शिवली स्थित जागेश्वर महादेव मंदिर के तालाब पर किसी की भी नजर नहीं गई है।