{"_id":"60f6511a8ebc3e6d6467a10e","slug":"crime-branch-arrested-two-vicious-men-and-revealed-the-thug-gang-19-bikes-recovered","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"क्राइम ब्रांच का खुलासा: मजबूरों को फंसाते, उनके नाम बाइक फाइनेंस करवा हो जाते फरार, दो शातिर गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्राइम ब्रांच का खुलासा: मजबूरों को फंसाते, उनके नाम बाइक फाइनेंस करवा हो जाते फरार, दो शातिर गिरफ्तार
Tue, 20 Jul 2021 09:59 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 20 Jul 2021 09:59 AM IST
विज्ञापन
यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर क्राइम ब्रांच ने दो शातिर ठगों को गिरफ्तार कर एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो गरीबों और मजबूरों को लालच देकर उनके नाम पर मोटरसाइकिल फाइनेंस करवाते और फरार हो जाते। ठगों ने इस तरह बैंकों को लाखों रुपये का चूना लगाया है।
इनके पास से 19 बाइक बरामद हुई हैं। मंगलवार को क्राइम ब्रांच इसका खुलासा कर सकती है। क्राइम ब्रांच की टीम ने विजय नगर निवासी सुधीर और ग्वालटोली के संदीप राठौर को पकड़ा। उनकी निशानदेही पर फाइनेंस कराई गईं बाइक भी जब्त कर ली।
विज्ञापन
इनके पास से 19 बाइक बरामद हुई हैं। मंगलवार को क्राइम ब्रांच इसका खुलासा कर सकती है। क्राइम ब्रांच की टीम ने विजय नगर निवासी सुधीर और ग्वालटोली के संदीप राठौर को पकड़ा। उनकी निशानदेही पर फाइनेंस कराई गईं बाइक भी जब्त कर ली।
विज्ञापन
आरोपियों ने बताया कि वे लोग पांच-10 हजार का लालच देकर जरूरतमंदों को अपने जाल में फांसते और उनके नाम पर बाइक फाइनेंस करवा लेते। किस्तें न मिलने पर बैंक कर्मी जब संबंधित पते पर पहुंचते तो पता चलता कि बाइक उनके पास है ही नहीं। केवल उनके कागजों का इस्तेमाल किया गया है। उनकी स्थिति भी ऐसी होती कि बैंक रिकवरी भी नहीं कर पाते।
लोन दिलाने का भी देते झांसा
आरोपियों ने बताया कि जिनके नाम बाइक फाइनेंस करवाते थे, उनको छोटा मोटा धंधा शुरू कराने के लिए लोन दिलाने का भी झांसा देते थे। इससे वे लोग आसानी से चंगुल में फंस जाते। जैसे ही बाइक फाइनेंस करवा लेते, फरार हो जाते।
किरायेदारों को खोजते थे, बदलवा देते थे ठिकाना
आरोपी ऐसे गरीब लोगों को खोजते थे, जो किराये के मकान में रहते हों। बाइक फाइनेंस करवाने के बाद उनका ठिकाना बदलवा देते थे। इसी वजह से बैंक कई मामलों में तो उन तक पहुंच ही नहीं पाई। कई ऐसे लोग थे, जिनके पास मोबाइल तक नहीं थे। आरोपी खुद फेक आईडी पर सिम लेकर प्रक्रिया पूरी कराते थे। क्राइम ब्रांच ने ये पूरी कार्रवाई बैंक अफसरों की शिकायत पर की है।
लोन दिलाने का भी देते झांसा
आरोपियों ने बताया कि जिनके नाम बाइक फाइनेंस करवाते थे, उनको छोटा मोटा धंधा शुरू कराने के लिए लोन दिलाने का भी झांसा देते थे। इससे वे लोग आसानी से चंगुल में फंस जाते। जैसे ही बाइक फाइनेंस करवा लेते, फरार हो जाते।
किरायेदारों को खोजते थे, बदलवा देते थे ठिकाना
आरोपी ऐसे गरीब लोगों को खोजते थे, जो किराये के मकान में रहते हों। बाइक फाइनेंस करवाने के बाद उनका ठिकाना बदलवा देते थे। इसी वजह से बैंक कई मामलों में तो उन तक पहुंच ही नहीं पाई। कई ऐसे लोग थे, जिनके पास मोबाइल तक नहीं थे। आरोपी खुद फेक आईडी पर सिम लेकर प्रक्रिया पूरी कराते थे। क्राइम ब्रांच ने ये पूरी कार्रवाई बैंक अफसरों की शिकायत पर की है।