उन्नाव में बच्ची की हत्या: चचेरे देवर की थी मासूम की मां से नजदीकी, अमरूद दिलाने के बाहने ले गया था आरोपी..
फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र में अनुसूचित जाति की बच्ची का शव खेत में मिला था। अवैध संबंध का राज खुलने के डर से चाचा ने बच्ची की हत्या की थी। बता दें कि पड़ोस में रहने वाले चचेरे देवर की बच्ची की मां से नजदीकियां थीं। पुलिस बच्ची की मां की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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उन्नाव जिले के फतेहपुर चौरासी थााना क्षेत्र में छह दिन पहले, पांच साल की बच्ची की गला दबाकर हत्या उसके चचेरे चाचा ने की थी। पुलिस के अनुसार हत्यारोपी और बच्ची की मां के बीच प्रेम संबंध थे। बच्ची अक्सर बाधा बनती थी। मेरठ में रहकर फोटोग्राफी करने वाला पिता दो सप्ताह पहले घर आया था।
इससे प्रेम संबंधों के खुलने का डर था। थाना क्षेत्र की एक गांव निवासी पांच साल की बच्ची, 31 जनवरी की दोपहर घर के बाहर खेलते समय लापता हो गई थी। एक फरवरी को सुबह उसका शव घर से तीन सौ मीटर दूर सरसों के खेत में मिला था। पोस्टमार्टम में उसका गला घोटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी।
जांच में जुटी पुलिस को पता चला कि मृतका की मां और पड़ोस में रहने वाले चचेरे देवर (मृतका के चचेरे चाचा ) अखिलेश के बीच प्रेम संबंध हैं। पुलिस ने शक के आधार पर अखिलेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो हकीकत सामने आई।
प्रेम संबंधों में बाधा बन रही थी बच्ची
फतेहपुर चौरासी थानाध्यक्ष अनुराग सिंह ने बताया कि बच्ची के हत्यारोपी अखिलेश ने कबूल किया है कि बच्ची उसके प्रेम संबंधों में बाधक बन रही थी। साथ ही दो साप्ताह पहले घर लौटे चचेरे भाई (बच्ची के पिता) के सामने दोनों का राज खुलने का भी डर था। इसी पर उसने बच्ची को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
सरसों के खेत में छिपाया था शव
घटना वाले दिन बच्ची के माता-पिता बाजार गए थे। बच्ची के अकेला होने पर उसे मौका मिला और उसका गला घोटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को सरसों के खेत में छिपा दिया। हत्यारोपी की निशानदेही पर मृतका बच्ची के चांदी के कंगन, चप्पल भी खेत के पास बोरी से बरामद किए हैं।
बच्ची को अमरूद दिलाने के बाहने ले गया था
पुलिस के अनुसार हत्यारोपी अखिलेश ने बताया है कि वह बच्ची को अमरूद दिलाने के बहाने लेकर गया था। मृतका के घर से करीब तीन सौ मीटर दूर एक अमरूद की बाग से उसने उसे दो अमरूद तोड़ कर दिए। उसके बाद सरसों के खेत में ले जाकर गला दबाने लगा। चीखने पर बच्ची ऊनी टोपा उतारकर उसके मुंह में भर दिया था।
हत्यारोपी की पत्नी की हो चुकी है मौत
हत्यारोपी अखिलेश चंडीगढ़ में रहकर मजदूरी करता था। पत्नी भी वहीं साथ रहती थी। सात महीने पहले प्रसव के बाद उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। वह बच्ची को लेकर गांव आ गया था। तब से यहीं मजदूरी करता था। उधर बच्ची का पिता कई साल से मेरठ में रहकर काम करता था। पत्नी उसके साथ ही रहती थी लेकिन एक साल से पत्नी अपनी बेटी के साथ गांव में रह रही थी। इसी दौरान दोनों में नजदीकी हो गई।