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बुंदेलियों को मिलकर पानी पिलाएगा निगम
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बांदा। उत्तर प्रदेश जल निगम अब बुंदेलियों को मिल बांटकर पानी पिलाएगा। जल निगम और जल संस्थान का आपस में बंटवारा कर लिया है। शहरी और ग्रामीण बाशिंदों की पेयजल योजनाएं अलग-अलग चलेंगी।
इसके लिए जल निगम को नगरी और ग्रामीण भागों में बांट दिया है। चित्रकूटधाम मंडल में जल निगम के पास 44 अरब 52 करोड़ से ज्यादा की पेयजल योजनाएं हैं। इनके संचालन के लिए चारों जिलों बांदा, महोबा, हमीरपुर और चित्रकूट में चार डिवीजन बनाए गए हैं।
हरेक डिवीजन को नगरी और ग्रामीण अलग-अलग पेयजल योजनाएं सौंपी गईं हैं। बुंदेलखंड में शहरी और खासकर ग्रामीण इलाकों में पेयजल योजनाओं की स्थापना और संचालन में जल निगम की अच्छी खासी भूमिका रही है।
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अधिकांश ग्रामीण पेयजल योजनाओं का संचालन भी निगम के पास रहा है। नगरीय क्षेत्रों में अधिकांश जल संस्थान संचालन करता है। अब शासन ने बुंदेलखंड में जल निगम और इसके कामों का बंटवारा कर दिया है।
यहां दोनों मंडलों डिवीजन झांसी और चित्रकूट में ग्रामीण और शहरी पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी एक-एक डिवीजन को सौंप दी है। चित्रकूटधाम मंडल में चारों जनपदों में अलग-अलग डिवीजन बनाकर हरेक डिवीजन को सिर्फ ग्रामीण या नगरीय पेयजल योजना का दायित्व दिया है।
चित्रकूटधाम मंडल में जल निगम के डिवीजन
बांदा डिवीजन : यहां बांदा और चित्रकूट को नगरीय पेयजल योजनाओं पर काम और संचालन होगा।
चित्रकूट डिवीजन : यहां बांदा और चित्रकूट की ग्रामीण पेयजल योजनाएं संचालित होंगी।
हमीरपुर डिवीजन : यहां हमीरपुर और महोबा की नगरीय पेयजल योजनाओं के संचालन का दायित्व रहेगा।
महोबा डिवीजन : इस डिवीजन को महोबा और हमीरपुर जनपदों की ग्रामीण पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
साढ़े 44 अरब से प्यास बुझाने की तैयारी---
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में मौजूदा में लगभग 43 अरब 48 करोड़ की ग्रामीण और एक अरब 64 करोड़ 52 लाख रुपये की शहरी पेयजल योजनाएं चल रहीं हैं।
यानी कुल 44 अरब 52 करोड़ 52 लाख की योजनाएं हैं। सबसे ज्यादा 20 अरब 34 करोड़ की ग्रामीण पेयजल योजनाएं बांदा में हैं। इसी तरह सर्वाधिक 6 अरब 31 करोड़ की शहरी पेयजल योजनाएं चित्रकूट जिले की हैं।
चित्रकूटधाम मंडल में शहरी और ग्रामीण पेयजल योजनाओं की धनराशि (करोड़ में)
जनपद शहरी ग्रामीण योग
बांदा 21.29 2034 2055.69
चित्रकूट 00 631 631
हमीरपुर 94 578 612
महोबा 48.83 1105 1153.83
योग 164.52 4348 4452.52
चित्रकूटधाम मंडल के जिलों में चल रहीं शहरी पेयजल योजनाएं
बांदा : अमृत योजना लागत-7.25 करोड़।
केन नदी में इंटेकवेल वॉल व चैनल तथा सीडब्ल्यूआर निर्माण-14.44 करोड़।
महोबा : पुनर्गठन पेयजल योजना सुदृढ़ीकरण-27.83 करोड़।
कबरई पेजजल नगरीय योजना 21 करोड़।
हमीरपुर : राठ पेयजल योजना 94 करोड़।
चित्रकूट मंडल में ग्रामीण पेयजल योजनाएं
बांदा : जल जीवन मिशन में खटान पेयजल योजना 1299 करोड़।
अमलीकौर पेयजल समूह योजना-735 करोड़।
हमीरपुर : जल जीवन मिशन में आरोहीपुर ग्राम समूह योजना-242 करोड़।
चित्रकूट : सांड़ी-बांगर छिरौटा ग्राम समूह पेयजल योजना-916 करोड़।
रैपुरा पेयजल योजना-215 करोड़।
महोबा : डहर्रा समूह पेयजल योजनाए लहचूरा समूह पेयजल योजनाए शिवहट पेयजल योजनाए सलैया समूह पेयजल योजना-1105 करोड़।
सीवर में सफल नहीं हुआ जल निगम
चित्रकूटधाम मंडल में मुख्यालय बांदा नगर की सीवर योजना जल निगम के लिए पहेली बनकर रह गई है। करीब 40 साल बीतने वाले हैं और योजना का कोई लाभ नागरिकों को नहीं मिल पा रहा।
लागत साल दर साल बढ़ती जा रही है। वर्ष 1982 के दशक में स्वीकृत हुई इस सीवर योजना की लागत मात्र 90.64 लाख थी। अब यह बढ़कर करीब 70 करोड़ के आसपास पहुंच गई है।
बार-बार स्टीमेट संशोधित हो रहा है। वर्ष 2005 से शासन ने इस योजना के लिए हाथ खींच लिए। कोई बजट नहीं दिया। अब वर्ष 2018.19 में सीवर योजना को अमृत योजना में शामिल कर लिया गया है।
झांसी से होगी पूरे बुंदेलखंड की मॉनिटरिंग
बंटवारे के बाद नई व्यवस्था के तहत झांसी मंडल जल निगम कार्यालय में बुंदेलखंड में सभी जिलों की मॉनिटरिंग होगी। साथ ही बांदा के मंडल कार्यालय को झांसी शहरी क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंडल और खंड कार्यालयों को भी विभाजित कर दिया गया है। हाल ही अपर मुख्य नगर सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने इसका शासनादेश जारी किया है। क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रभारी मुख्य अभियंता स्तर के होंगे।
शहर व ग्रामीण जनपदों का बंटवारा हुआ। कार्यक्षेत्र का नहीं। पूर्व में जो डिवीजन जो कार्य देख रहे थे, वह अभी भी वही देख रहे हैं। योजनाएं पूर्ववत निर्माणाधीन हैं। मंडल की सभी योजनाएं वर्ष 2024 में पूरी होनी हैं। 80 फीसदी बजट मिल चुका है। कई योजनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है।
-अमरेशचंद्र दुबे, अधीक्षण अभियंता, चित्रकूटधाम मंडल, उत्तर प्रदेश जल निगम बांदा।
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इसके लिए जल निगम को नगरी और ग्रामीण भागों में बांट दिया है। चित्रकूटधाम मंडल में जल निगम के पास 44 अरब 52 करोड़ से ज्यादा की पेयजल योजनाएं हैं। इनके संचालन के लिए चारों जिलों बांदा, महोबा, हमीरपुर और चित्रकूट में चार डिवीजन बनाए गए हैं।
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हरेक डिवीजन को नगरी और ग्रामीण अलग-अलग पेयजल योजनाएं सौंपी गईं हैं। बुंदेलखंड में शहरी और खासकर ग्रामीण इलाकों में पेयजल योजनाओं की स्थापना और संचालन में जल निगम की अच्छी खासी भूमिका रही है।
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अधिकांश ग्रामीण पेयजल योजनाओं का संचालन भी निगम के पास रहा है। नगरीय क्षेत्रों में अधिकांश जल संस्थान संचालन करता है। अब शासन ने बुंदेलखंड में जल निगम और इसके कामों का बंटवारा कर दिया है।
यहां दोनों मंडलों डिवीजन झांसी और चित्रकूट में ग्रामीण और शहरी पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी एक-एक डिवीजन को सौंप दी है। चित्रकूटधाम मंडल में चारों जनपदों में अलग-अलग डिवीजन बनाकर हरेक डिवीजन को सिर्फ ग्रामीण या नगरीय पेयजल योजना का दायित्व दिया है।
चित्रकूटधाम मंडल में जल निगम के डिवीजन
बांदा डिवीजन : यहां बांदा और चित्रकूट को नगरीय पेयजल योजनाओं पर काम और संचालन होगा।
चित्रकूट डिवीजन : यहां बांदा और चित्रकूट की ग्रामीण पेयजल योजनाएं संचालित होंगी।
हमीरपुर डिवीजन : यहां हमीरपुर और महोबा की नगरीय पेयजल योजनाओं के संचालन का दायित्व रहेगा।
महोबा डिवीजन : इस डिवीजन को महोबा और हमीरपुर जनपदों की ग्रामीण पेयजल योजनाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
साढ़े 44 अरब से प्यास बुझाने की तैयारी---
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में मौजूदा में लगभग 43 अरब 48 करोड़ की ग्रामीण और एक अरब 64 करोड़ 52 लाख रुपये की शहरी पेयजल योजनाएं चल रहीं हैं।
यानी कुल 44 अरब 52 करोड़ 52 लाख की योजनाएं हैं। सबसे ज्यादा 20 अरब 34 करोड़ की ग्रामीण पेयजल योजनाएं बांदा में हैं। इसी तरह सर्वाधिक 6 अरब 31 करोड़ की शहरी पेयजल योजनाएं चित्रकूट जिले की हैं।
चित्रकूटधाम मंडल में शहरी और ग्रामीण पेयजल योजनाओं की धनराशि (करोड़ में)
जनपद शहरी ग्रामीण योग
बांदा 21.29 2034 2055.69
चित्रकूट 00 631 631
हमीरपुर 94 578 612
महोबा 48.83 1105 1153.83
योग 164.52 4348 4452.52
चित्रकूटधाम मंडल के जिलों में चल रहीं शहरी पेयजल योजनाएं
बांदा : अमृत योजना लागत-7.25 करोड़।
केन नदी में इंटेकवेल वॉल व चैनल तथा सीडब्ल्यूआर निर्माण-14.44 करोड़।
महोबा : पुनर्गठन पेयजल योजना सुदृढ़ीकरण-27.83 करोड़।
कबरई पेजजल नगरीय योजना 21 करोड़।
हमीरपुर : राठ पेयजल योजना 94 करोड़।
चित्रकूट मंडल में ग्रामीण पेयजल योजनाएं
बांदा : जल जीवन मिशन में खटान पेयजल योजना 1299 करोड़।
अमलीकौर पेयजल समूह योजना-735 करोड़।
हमीरपुर : जल जीवन मिशन में आरोहीपुर ग्राम समूह योजना-242 करोड़।
चित्रकूट : सांड़ी-बांगर छिरौटा ग्राम समूह पेयजल योजना-916 करोड़।
रैपुरा पेयजल योजना-215 करोड़।
महोबा : डहर्रा समूह पेयजल योजनाए लहचूरा समूह पेयजल योजनाए शिवहट पेयजल योजनाए सलैया समूह पेयजल योजना-1105 करोड़।
सीवर में सफल नहीं हुआ जल निगम
चित्रकूटधाम मंडल में मुख्यालय बांदा नगर की सीवर योजना जल निगम के लिए पहेली बनकर रह गई है। करीब 40 साल बीतने वाले हैं और योजना का कोई लाभ नागरिकों को नहीं मिल पा रहा।
लागत साल दर साल बढ़ती जा रही है। वर्ष 1982 के दशक में स्वीकृत हुई इस सीवर योजना की लागत मात्र 90.64 लाख थी। अब यह बढ़कर करीब 70 करोड़ के आसपास पहुंच गई है।
बार-बार स्टीमेट संशोधित हो रहा है। वर्ष 2005 से शासन ने इस योजना के लिए हाथ खींच लिए। कोई बजट नहीं दिया। अब वर्ष 2018.19 में सीवर योजना को अमृत योजना में शामिल कर लिया गया है।
झांसी से होगी पूरे बुंदेलखंड की मॉनिटरिंग
बंटवारे के बाद नई व्यवस्था के तहत झांसी मंडल जल निगम कार्यालय में बुंदेलखंड में सभी जिलों की मॉनिटरिंग होगी। साथ ही बांदा के मंडल कार्यालय को झांसी शहरी क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंडल और खंड कार्यालयों को भी विभाजित कर दिया गया है। हाल ही अपर मुख्य नगर सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने इसका शासनादेश जारी किया है। क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रभारी मुख्य अभियंता स्तर के होंगे।
शहर व ग्रामीण जनपदों का बंटवारा हुआ। कार्यक्षेत्र का नहीं। पूर्व में जो डिवीजन जो कार्य देख रहे थे, वह अभी भी वही देख रहे हैं। योजनाएं पूर्ववत निर्माणाधीन हैं। मंडल की सभी योजनाएं वर्ष 2024 में पूरी होनी हैं। 80 फीसदी बजट मिल चुका है। कई योजनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है।
-अमरेशचंद्र दुबे, अधीक्षण अभियंता, चित्रकूटधाम मंडल, उत्तर प्रदेश जल निगम बांदा।