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कोरोना काल में काली कमाई: पैथोलॉजी दे रहीं डेढ़ से दो हजार में कोरोना की मनचाही रिपोर्ट
Thu, 24 Sep 2020 12:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 24 Sep 2020 12:40 PM IST
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कोरोना की फर्जी रिपोर्ट दे रहीं पैथोलॉजी
- फोटो : amar ujala
कोरोना काल में पैथोलॉजियां कमाई के लिए बेशर्म बन चुकी हैं। ज्यादा कमाई, अस्पतालों से कमीशन के लालच में मरीजों को कोरोना की झूठी पॉजिटिव रिपोर्ट थमा रही हैं। सब जानते-बूझते हुए भी अधिकारी अनजान बने रहते हैं। जब मामले पकड़ में आते हैं तो कार्रवाई का डंडा चला दिया जाता है।
जब पड़ताल की गई तो पता चला कि कुछ पैथोलॉजियां जानबूझकर गलत रिपोर्ट दे रही हैं जिनकी निजी अस्पतालों से सेटिंग है। झूठी पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही दलालों के माध्यम से मरीज को निजी अस्पताल भेज दिया जाता है। निजी अस्पताल से भी मोटा कमीशन मिल जाता है।
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जब पड़ताल की गई तो पता चला कि कुछ पैथोलॉजियां जानबूझकर गलत रिपोर्ट दे रही हैं जिनकी निजी अस्पतालों से सेटिंग है। झूठी पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही दलालों के माध्यम से मरीज को निजी अस्पताल भेज दिया जाता है। निजी अस्पताल से भी मोटा कमीशन मिल जाता है।
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कोरोना काल में काली कमाई
- फोटो : amar ujala
यह भी बताया जा रहा है कि फर्जी रिपोर्ट इसलिए भी दी जा रही है कि लोग ज्यादा से ज्यादा जांच कराएं। परिवार के एक सदस्य के पॉजिटिव निकलने पर स्वाभाविक है कि पूरा परिवार और मिलने जुलने वाले लोग भी जांच करवाने को मजबूर होंगे। इसलिए भी कोरोना की फर्जी पॉजिटिव रिपोर्ट दी जा रही है कि और लोग जांच करवाने आएंगे।
इसके अलावा पैसा देकर लोग मनचाही रिपोर्ट बनवा ले रहे हैं। कोविड गाइड लाइन के तहत अस्पतालों और बहुत से कार्यालयों में कोरोना की रिपोर्ट जरूरी कर दी गई है। व्यक्ति शहर से बाहर है तो उसके परिजन पैथोलॉजी में जाकर मनचाही रिपोर्ट बनवा ले रहे हैं।
पैथोलॉजियों के इर्द-गिर्द घूमने वाले दलालों का कहना है कि डेढ़ से दो हजार में कोरोना की मनचाही रिपोर्ट मिल जाएगी। पैथोलॉजियों के एजेंट ग्रामीण इलाकों में भी घूमा करते हैं। ये नाम-पता नोट करने के बाद बाकायदा कंप्यूटर से निकली रिपोर्ट उपलब्ध करा देते हैं। यही लोग डेंगू की रिपोर्ट में भी फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। पिछले दिनों में सरसौल में इस तरह के मामले पकड़े गए थे।
इसके अलावा पैसा देकर लोग मनचाही रिपोर्ट बनवा ले रहे हैं। कोविड गाइड लाइन के तहत अस्पतालों और बहुत से कार्यालयों में कोरोना की रिपोर्ट जरूरी कर दी गई है। व्यक्ति शहर से बाहर है तो उसके परिजन पैथोलॉजी में जाकर मनचाही रिपोर्ट बनवा ले रहे हैं।
पैथोलॉजियों के इर्द-गिर्द घूमने वाले दलालों का कहना है कि डेढ़ से दो हजार में कोरोना की मनचाही रिपोर्ट मिल जाएगी। पैथोलॉजियों के एजेंट ग्रामीण इलाकों में भी घूमा करते हैं। ये नाम-पता नोट करने के बाद बाकायदा कंप्यूटर से निकली रिपोर्ट उपलब्ध करा देते हैं। यही लोग डेंगू की रिपोर्ट में भी फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। पिछले दिनों में सरसौल में इस तरह के मामले पकड़े गए थे।