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नौ दिनों में पांच गुना उछलाकोरोना रिकवरी रेट
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कानपुर। कोरोना से जंग जीतने में यूपी में कानपुर नंबर एक पर है। सोमवार को रामा मेडिकल कॉलेज से 26 रोगियों के डिस्चार्ज होने के बाद रिकवरी रेट 85.13 फीसदी पर पहुंच गया है। रिकवरी रेट के मामले में अभी तक लखनऊ 66.03 फीसदी पर सबसे आगे था। 10 मई के बाद सेे कोरोना रिकवरी रेट में लगातार सुधार आ रहा है। अब तक 269 कोरोना संक्रमित रोगी रोगमुक्त हो चुके हैं। शहर में अब कोरोना के 39 एक्टिव केस बचे हैं। शहर में 316 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं, जिनमें आठ की मौत हुई है।
अभी तक कोरोना संक्रमित ज्यादातर की रिपोर्ट पहले 14 दिन के बाद निगेटिव आ गई थी। आठ रोगी ऐसे हैं जिनकी पहली रिपीट रिपोर्ट पॉजिटिव आई, इसके बाद अगली रिपोर्ट निगेटिव हो गई। सीएचसी सरसौल में भर्ती शौकत अली पार्क के आठ साल के रोगी के अलावा कोई रोगी ऐसा नहीं रहा, जिसके संक्रमण लेवल ने पहली स्टेज पार की। आठ साल का रोगी भी अधिक वायरस लोड होने के बाद 14 दिन के बाद निगेटिव हो गया। रोग मुक्त हुए 269 रोगियों में किसी में भी कोरोना के खास लक्षण नहीं उभरे। एक भी रोगी को वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ी। आठ कोरोना संक्रमित रोगियों की मौत हुई है, वे पहले से किसी गंभीर रोग की गिरफ्त में थे। उनकी मौत का कारण भी वही रोग बना। सीएचसी सरसौल के प्रभारी डॉ. एसएल वर्मा और हैलट के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेम सिंह का कहना है कि इलाज की अच्छी रणनीति और रोगियों के इम्युनिटी सिस्टम की वजह से अच्छे नतीजे आए हैं।
ऐसे बढ़ा कोरोना रिकवरी रेट का प्रतिशत
10 मई 17.34 प्रतिशत
11 मई 33.11 प्रतिशत
12 मई 52.45 प्रतिशत
13 मई 57.80 प्रतिशत
14 मई 61.74 प्रतिशत
15 मई 61.54 प्रतिशत
16 मई 67.74 प्रतिशत
17 मई 76.90 प्रतिशत
18 मई 85.13 प्रतिशत
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अभी तक कोरोना संक्रमित ज्यादातर की रिपोर्ट पहले 14 दिन के बाद निगेटिव आ गई थी। आठ रोगी ऐसे हैं जिनकी पहली रिपीट रिपोर्ट पॉजिटिव आई, इसके बाद अगली रिपोर्ट निगेटिव हो गई। सीएचसी सरसौल में भर्ती शौकत अली पार्क के आठ साल के रोगी के अलावा कोई रोगी ऐसा नहीं रहा, जिसके संक्रमण लेवल ने पहली स्टेज पार की। आठ साल का रोगी भी अधिक वायरस लोड होने के बाद 14 दिन के बाद निगेटिव हो गया। रोग मुक्त हुए 269 रोगियों में किसी में भी कोरोना के खास लक्षण नहीं उभरे। एक भी रोगी को वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ी। आठ कोरोना संक्रमित रोगियों की मौत हुई है, वे पहले से किसी गंभीर रोग की गिरफ्त में थे। उनकी मौत का कारण भी वही रोग बना। सीएचसी सरसौल के प्रभारी डॉ. एसएल वर्मा और हैलट के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेम सिंह का कहना है कि इलाज की अच्छी रणनीति और रोगियों के इम्युनिटी सिस्टम की वजह से अच्छे नतीजे आए हैं।
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ऐसे बढ़ा कोरोना रिकवरी रेट का प्रतिशत
10 मई 17.34 प्रतिशत
11 मई 33.11 प्रतिशत
12 मई 52.45 प्रतिशत
13 मई 57.80 प्रतिशत
14 मई 61.74 प्रतिशत
15 मई 61.54 प्रतिशत
16 मई 67.74 प्रतिशत
17 मई 76.90 प्रतिशत
18 मई 85.13 प्रतिशत