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सीबीआई टीम पर भी कोरोना संक्रमण का खतरा, एक हफ्ते तक साथ रहा पॉजिटिव आरोपी जेई
Tue, 24 Nov 2020 07:00 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 24 Nov 2020 07:00 PM IST
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आरोपी जेई रामभवन
- फोटो : amar ujala
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बच्चों के यौन उत्पीड़न का आरोपी निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन सीबीआई टीम के लिए भी अब परेशानी का सबब बन गया है। जेल में हुई जांच में रामभवन कोरोना संक्रमित पाया गया है। ऐसे में पिछले करीब एक पखवारे तक उसे अपने साथ रखने वाली सीबीआई टीम के सदस्यों के भी संक्रमित होने का अंदेशा है।
आरोपी रामभवन को वैसे तो सीबीआई द्वारा नवंबर के शुरू में ही चित्रकूट जनपद से गिरफ्तार कर लेने की खबर थी, लेकिन सीबीआई ने अधिकृत रूप से उसकी गिरफ्तारी 16 नवंबर दर्शाई है।
सीबीआई की इस गिरफ्तारी की तिथि के आधार पर भी एक हफ्ते से ज्यादा आरोपी रामभवन सीबीआई के कब्जे में रहा। उसे 16 को ही देर शाम यहां अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
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तब से वह जेल में है। इस बीच वह 17 और 18 नवंबर को पेशी पर अदालत लाया गया। उसके बाद से नहीं आया। जेल में ही है। आरोपी रामभवन को जेल पहुंचते ही कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार जेल में बनाई गई विशेष क्वारंटीन बैरक में रखा गया था।
शुक्रवार (20 नवंबर) को जेल में उसका स्वाब नमूना लेकर कोरोना जांच के लिए भेजा गया था। रविवार (23 नवंबर) को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कोरोना संक्रमित/पॉजिटिव सूची में आरोपी बंदी रामभवन का भी नाम था।
रिपोर्ट आते ही जेल अधिकारियों ने क्वारंटीन बैरक से हटाकर उसे जेल के आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित कर दिया है। प्रभारी जेल अधीक्षक प्रमोद तिवारी ने बताया कि 14 दिन तक आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा।
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आरोपी रामभवन को वैसे तो सीबीआई द्वारा नवंबर के शुरू में ही चित्रकूट जनपद से गिरफ्तार कर लेने की खबर थी, लेकिन सीबीआई ने अधिकृत रूप से उसकी गिरफ्तारी 16 नवंबर दर्शाई है।
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सीबीआई की इस गिरफ्तारी की तिथि के आधार पर भी एक हफ्ते से ज्यादा आरोपी रामभवन सीबीआई के कब्जे में रहा। उसे 16 को ही देर शाम यहां अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
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तब से वह जेल में है। इस बीच वह 17 और 18 नवंबर को पेशी पर अदालत लाया गया। उसके बाद से नहीं आया। जेल में ही है। आरोपी रामभवन को जेल पहुंचते ही कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार जेल में बनाई गई विशेष क्वारंटीन बैरक में रखा गया था।
शुक्रवार (20 नवंबर) को जेल में उसका स्वाब नमूना लेकर कोरोना जांच के लिए भेजा गया था। रविवार (23 नवंबर) को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कोरोना संक्रमित/पॉजिटिव सूची में आरोपी बंदी रामभवन का भी नाम था।
रिपोर्ट आते ही जेल अधिकारियों ने क्वारंटीन बैरक से हटाकर उसे जेल के आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित कर दिया है। प्रभारी जेल अधीक्षक प्रमोद तिवारी ने बताया कि 14 दिन तक आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा।
हर तीसरे दिन मेडिकल टीम नमूना लेकर उसकी जांच करेगी। उधर, आरोपी रामभवन के संक्रमित पाए जाने के बाद उसे एक सप्ताह से भी ज्यादा समय तक अपने साथ लिए रही दिल्ली की सीबीआई टीम भी संक्रमित होने के खतरे के घेरे में आ गई है।
सीबीआई सदस्यों की भी जल्द ही कोरोना जांच हो सकती है। उधर, प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि सोमवार की रात रामभवन द्वारा घबराहट की शिकायत बताने पर जेल डाक्टर ने दवा दी। अब वह स्वस्थ है।
रिमांड से बचने का फंडा तो नहीं पॉजिटिव होना
बच्चों के यौन उत्पीड़न के अति चर्चित और हाईटेक मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए जूनियर इंजीनियर के जेल में कोरोना संक्रमित पाए जाने को लेकर भी कयासबाजी और चर्चाओं का बाजार गर्म है।
उधर, यह भी बात काबिले गौर है कि जेल की क्वारंटीन बैरक में जहां आरोपी रामभवन रखा गया था वहां दो अन्य बंदी भी उसी के साथ उसी बैरक में दो दिन रहे। लेकिन जांच में उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है।
सीबीआई सदस्यों की भी जल्द ही कोरोना जांच हो सकती है। उधर, प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि सोमवार की रात रामभवन द्वारा घबराहट की शिकायत बताने पर जेल डाक्टर ने दवा दी। अब वह स्वस्थ है।
रिमांड से बचने का फंडा तो नहीं पॉजिटिव होना
बच्चों के यौन उत्पीड़न के अति चर्चित और हाईटेक मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए जूनियर इंजीनियर के जेल में कोरोना संक्रमित पाए जाने को लेकर भी कयासबाजी और चर्चाओं का बाजार गर्म है।
उधर, यह भी बात काबिले गौर है कि जेल की क्वारंटीन बैरक में जहां आरोपी रामभवन रखा गया था वहां दो अन्य बंदी भी उसी के साथ उसी बैरक में दो दिन रहे। लेकिन जांच में उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है।