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Coronavirus in UP: लक्ष्य से आधी से भी कम हो रही सैंपलिंग, कानपुर में और तेजी से बढ़ सकते रोगी
Thu, 25 Jun 2020 09:30 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 25 Jun 2020 09:30 AM IST
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कोरोना सैंपलिंग
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में अभी शासन के लक्ष्य से आधी से भी कम सैंपलिंग हो पा रही है जबकि कोरोना रोगी और तेजी से बढ़ सकते हैं। शासन की चेतावनी के बाद अस्पतालों में बेड की व्यवस्था की जाने लगी है।
लेवल थ्री अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही रामा मेडिकल कालेज आयुष विंग और दूसरे अस्पतालों में बेड जुटाए जा रहे हैं। अब कोरोना संक्रमित गंभीर लक्षण लेकर आ रहे हैं। इससे भी स्वास्थ्य विभाग परेशान है।
हैलट में इंटेंसिव केयर, आक्सीजन आदि की व्यवस्था कर ली गई है। शासन ने आक्सीजन बैक अप पर खास जोर दिया है। शासन ने 1200 सैंपल प्रतिदिन का लक्ष्य रखा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग अधिकतम 578 सैंपल ही इकट्ठे कर पाया है।
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साइंलेंट कैरियर को ढूंढने के लिए रैंडम सैंपलिंग भी की जानी है। हैलट के न्यूरो साइंसेस कोविड अस्पताल के तीन तल रोगियों से फुल हो गए हैं। यहां लेवल थ्री रोगियों का इलाज किया जा रहा है।
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लेवल थ्री अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही रामा मेडिकल कालेज आयुष विंग और दूसरे अस्पतालों में बेड जुटाए जा रहे हैं। अब कोरोना संक्रमित गंभीर लक्षण लेकर आ रहे हैं। इससे भी स्वास्थ्य विभाग परेशान है।
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हैलट में इंटेंसिव केयर, आक्सीजन आदि की व्यवस्था कर ली गई है। शासन ने आक्सीजन बैक अप पर खास जोर दिया है। शासन ने 1200 सैंपल प्रतिदिन का लक्ष्य रखा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग अधिकतम 578 सैंपल ही इकट्ठे कर पाया है।
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साइंलेंट कैरियर को ढूंढने के लिए रैंडम सैंपलिंग भी की जानी है। हैलट के न्यूरो साइंसेस कोविड अस्पताल के तीन तल रोगियों से फुल हो गए हैं। यहां लेवल थ्री रोगियों का इलाज किया जा रहा है।
शासन के चेतावनी जारी करने के बाद अस्पताल के तीसरे तल पर पास के भवन का हिस्सा भी इसी विंग में जोड़ लिया गया है। इससे 25-30 रोगी और समायोजित हो जाएंगे। इसके साथ ही मैटरनिटी विंग में आक्सीजन पाइप लाइन का काम पूरा होते ही बेड बढ़ा दिए जाएंगे।
इधर, रामा मेडिकल कालेज के आयुष विंग में दो छात्रावासों को जोड़ कर बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। रोगी बढ़ने पर उन्हें सीएचसी सरसौल में भी भर्ती किया जा सकता है। वहां का कोविड वार्ड खाली पड़ा हुआ है। इसके साथ ही हैलट इमरजेंसी को उपकरणों से लैस किया जा रहा है।
इसके लिए 1.57 करोड़ का खाका तैयार किया जा रहा है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि रोगी बढ़ने संबंधी शासन की चेतावनी के मुताबिक व्यवस्था की जा रही है।
इधर, रामा मेडिकल कालेज के आयुष विंग में दो छात्रावासों को जोड़ कर बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। रोगी बढ़ने पर उन्हें सीएचसी सरसौल में भी भर्ती किया जा सकता है। वहां का कोविड वार्ड खाली पड़ा हुआ है। इसके साथ ही हैलट इमरजेंसी को उपकरणों से लैस किया जा रहा है।
इसके लिए 1.57 करोड़ का खाका तैयार किया जा रहा है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि रोगी बढ़ने संबंधी शासन की चेतावनी के मुताबिक व्यवस्था की जा रही है।