Corona In Kanpur: कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही मरीज को भगाया, तड़पकर हुई मौत, कानपुर सिटी हॉस्पिटल का मामला
बैरी कल्याणपुर निवासी मरीज को 10 दिन पहले पीलिया की वजह से कानपुर सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार तब डॉक्टरों ने कोरोना जांच नहीं कराई। हालत बिगड़ने पर दो दिन पहले सीआरएल लैब से जांच हुई। 6 अगस्त को रात में संक्रमण की पुष्टि हुई।
आरोप है कि पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही देर रात अस्पताल प्रशासन ने मरीज को यह कह कर नारायणा कोविड हॉस्पिटल भेज दिया कि वहां बात हो गई है, तुरंत भर्ती कर लिया जाएगा। लेकिन न तो रिफर का कागज दिया और न ही फाइल। नारायणा हॉस्पिटल में बिना रिफरेंस के भर्ती करने से इनकार कर हैलट ले जाने के लिए कहा गया। तब तक मरीज की हालत और बिगड़ गई।
नर्सिंगहोम को दिया नोटिस
शुक्रवार को मृतक के परिजनों ने डीएम डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी से शिकायत की। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इसमें एसीएमओ डॉ. एसके सिंह और एसीएमओ डॉ. एपी मिश्रा शामिल हैं। इस टीम ने कानपुर सिटी हॉस्पिटल जाकर जांच की।
डॉ. एसके सिंह ने बताया कि मरीज की बीएचटी (भर्ती फाइल) कब्जे में ले ली गई है। उसे नर्सिंगहोम की पहली मंजिल पर भर्ती किया गया था, जिसे सैनिटाइज कराकर बंद करा दिया गया है। साथ ही शुरुआती जांच में गड़बड़ियां मिलने पर नर्सिंगहोम को नोटिस भी दिया गया है। मरीज के परिजन क्वॉरंटीन में हैं, इसलिए उनके बयान नहीं हो पाए हैं।
कानपुर सिटी हॉस्पिटल से भगाए गए मरीज की हैलट ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में नर्सिंहोम की लापरवाही पता चली है। उसने कोविड नियमों का भी पालन नहीं किया। एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। सीआरएल लैब की भी जांच कराई जा रही है कि वह कोरोना जांच या सैंपल कलेक्शन के लिए अधिकृत है या नहीं।
डॉ. अनिल मिश्रा, सीएमओ