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कानपुर में कोरोना का कहर: उर्सला से नहीं शिफ्ट हो पा रहे कोरोना मरीज, आक्सीजन की दिक्कत
Sun, 18 Apr 2021 06:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 18 Apr 2021 06:35 PM IST
सार
उर्सला में भी दो दिन से आक्सीजन की समस्या हो गई है। वैसे यहां प्रतिदिन 60 जंबो आक्सीजन सिलिंडर की खपत हो रही है लेकिन जरूरत दोगुना सिलिंडर की है। इससे रोगियों को परेशानी हो रही हैै।
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उर्सला हॉस्पिटल कानपुर
विस्तार
कानपुर के जिला अस्पताल उर्सला में भी दो दिन से आक्सीजन की समस्या हो गई है। वैसे यहां प्रतिदिन 60 जंबो आक्सीजन सिलिंडर की खपत हो रही है लेकिन जरूरत दोगुना सिलिंडर की है। इससे रोगियों को परेशानी हो रही हैै। इसके अलावा कोविड रोगी यहां से शिफ्ट नहीं हो पा रहे हैं।
इस वक्त इमरजेंसी वार्डों में 15 संक्रमित भर्ती हैं। उर्सला में नगर के अलावा फतेहपुर, औरैया, इटावा, उन्नाव आदि जिलों के रोगी आते हैं। अस्पताल को कोविड स्टेटस नहीं मिला है। इस वजह से नॉन कोविड मरीज आते हैं। कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद यहां भी संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है।
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इस वक्त इमरजेंसी वार्डों में 15 संक्रमित भर्ती हैं। उर्सला में नगर के अलावा फतेहपुर, औरैया, इटावा, उन्नाव आदि जिलों के रोगी आते हैं। अस्पताल को कोविड स्टेटस नहीं मिला है। इस वजह से नॉन कोविड मरीज आते हैं। कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद यहां भी संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है।
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अभी तक रोगियों के पॉजिटिव आते ही उन्हें कांशीराम अस्पताल और हैलट शिफ्ट कर दिया जाता था। दोनों जगह बेड फुल होने के कारण 15 संक्रमितों का यहीं इलाज चल रहा है। इससे दूसरे रोगियों और स्टाफ को संक्रमित होने का खतरा है। सात नर्स और इतने ही डॉक्टर तथा उनके परिवार के लोग संक्रमित हो चुके हैं। इससे ओटी बंद कर दी गई है।
कोविड स्टेटस न होने के कारण अस्पताल को खास दवाएं और अतिरिक्त आक्सीजन भी नहीं मिल रही है। नॉन कोविड रोगियों को ही आक्सीजन की दिक्कत बढ़ गई है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल निगम ने बताया कि जैसे ही कांशीराम, हैलट में बेड खाली होते हैं, रोगियों के भेज दिया जा रहा है। दो-तीन दिन से आक्सीजन की दिक्कत हो गई। डिमांड दोगुना हो गई है।
आक्सीजन प्लांट चल जाता तो आसानी होती
उर्सला के लिए शासन ने आक्सीजन जनरेटर प्लांट स्वीकृत कर दिया है। केंद्र सरकार ने इसके लिए सारी व्यवस्था कर दी है लेकिन प्लांट नहीं लग पाया। यह प्लांट वातावरण की हवा से आक्सीजन पैदा करता है। प्लांट चालू हो जाने पर यहां आक्सीजन की दिक्कत नहीं रहती।
कोविड स्टेटस न होने के कारण अस्पताल को खास दवाएं और अतिरिक्त आक्सीजन भी नहीं मिल रही है। नॉन कोविड रोगियों को ही आक्सीजन की दिक्कत बढ़ गई है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल निगम ने बताया कि जैसे ही कांशीराम, हैलट में बेड खाली होते हैं, रोगियों के भेज दिया जा रहा है। दो-तीन दिन से आक्सीजन की दिक्कत हो गई। डिमांड दोगुना हो गई है।
आक्सीजन प्लांट चल जाता तो आसानी होती
उर्सला के लिए शासन ने आक्सीजन जनरेटर प्लांट स्वीकृत कर दिया है। केंद्र सरकार ने इसके लिए सारी व्यवस्था कर दी है लेकिन प्लांट नहीं लग पाया। यह प्लांट वातावरण की हवा से आक्सीजन पैदा करता है। प्लांट चालू हो जाने पर यहां आक्सीजन की दिक्कत नहीं रहती।