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विवादों में यूपी विधानसभा अध्यक्ष: गांधी की तुलना राखी सावंत से करने पर हृदय नारायण दीक्षित ने दी सफाई
Sun, 19 Sep 2021 11:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 19 Sep 2021 11:53 PM IST
सार
हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि अगर कोई कपड़े उतारने के बाद राखी सावंत की तरह सोचे तो वह महान नहीं बन जाता। अपने भाषण में कही गई बात पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी से तुलना नहीं की। उद्देश्य भी गलत नहीं था।
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विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विधानसभा अध्यक्ष व उन्नाव जिले से विधायक हृदय नारायण दीक्षित का अटपटा बयान सोशल मीडिया में चर्चा बना है। शनिवार को बांगरमऊ में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में उन्होंने पढ़ाई और महात्मा गांधी पर बोलते-बोलते अभिनेत्री राखी सावंत का नाम लेकर चुटकी ली।
उन्होंने कहा कि अगर कोई कपड़े उतारने के बाद राखी सावंत की तरह सोचे तो वह महान नहीं बन जाता। अपने भाषण में कही गई बात पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी से तुलना नहीं की। उद्देश्य भी गलत नहीं था।
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प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने वक्ताओं द्वारा उन्हें लेखक, पढ़ने वाला और विद्वान व प्रबुद्ध बताए जाने के जवाब में कहा कि केवल पढ़ने या लिखने भर से महान नहीं बनता उसमें और भी तमाम गुण होते हैं। महात्मा गांधी का उदाहरण दिया।
कहा कि गांधी जी अखबार पढ़ा करते थे, कम कपड़े पहनते थे, धोती ओढ़ते थे। गांधी जी को देश ने बापू कहा। उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई कपड़े उतार देने भर से महान बन जाता तो राखी सावंत महान बन जातीं।
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उन्होंने कहा कि अगर कोई कपड़े उतारने के बाद राखी सावंत की तरह सोचे तो वह महान नहीं बन जाता। अपने भाषण में कही गई बात पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी से तुलना नहीं की। उद्देश्य भी गलत नहीं था।
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प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने वक्ताओं द्वारा उन्हें लेखक, पढ़ने वाला और विद्वान व प्रबुद्ध बताए जाने के जवाब में कहा कि केवल पढ़ने या लिखने भर से महान नहीं बनता उसमें और भी तमाम गुण होते हैं। महात्मा गांधी का उदाहरण दिया।
कहा कि गांधी जी अखबार पढ़ा करते थे, कम कपड़े पहनते थे, धोती ओढ़ते थे। गांधी जी को देश ने बापू कहा। उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई कपड़े उतार देने भर से महान बन जाता तो राखी सावंत महान बन जातीं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने बयान को लेकर उन्होंने फोन पर बताया कि वह बांगरमऊ के सम्मेलन में गए थे। वहां वक्ताओं ने उनकी तारीफ की। किसी ने विद्वान बताया तो किसी ने महान।
उसी के उत्तर में अपने भाषण में कहा था कि यह सही है कि हम लिखते हैं। लेकिन कोई लिखने भर से ही बड़ा या महान नहीं हो जाता है। इसी तरह महात्मा गांधी का उल्लेख किया।
महात्मा गांधी को कोई देखे और सोचे कि कपड़े कम हैं इस आधार पर वह महान हैं, तो यह भी गलत है, उनमें तमाम और गुण हैं। इसी क्रम में हंसते हुए कह दिया कि कोई कपड़े उतारने के बाद राखी सावंत की तरह सोचे तो वह महान नहीं बन जाएगा।
उसी के उत्तर में अपने भाषण में कहा था कि यह सही है कि हम लिखते हैं। लेकिन कोई लिखने भर से ही बड़ा या महान नहीं हो जाता है। इसी तरह महात्मा गांधी का उल्लेख किया।
महात्मा गांधी को कोई देखे और सोचे कि कपड़े कम हैं इस आधार पर वह महान हैं, तो यह भी गलत है, उनमें तमाम और गुण हैं। इसी क्रम में हंसते हुए कह दिया कि कोई कपड़े उतारने के बाद राखी सावंत की तरह सोचे तो वह महान नहीं बन जाएगा।