फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Consumption of fibrous fruits and green vegetables will prevent pollution

प्रदूषण से बचाएगा रेशेदार फलों और हरी सब्जियों का सेवन, आपके काम की है खबर

Wed, 06 Nov 2019 06:04 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 06 Nov 2019 06:04 PM IST
विज्ञापन
Consumption of fibrous fruits and green vegetables will prevent pollution
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
कानपुर में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। लोग न तो कूड़ा जलाने से बाज आ रहे हैं और न ही संबंधित विभागों से कुछ हो पा रहा है। ऐसे में खुद को स्वस्थ रखना हैं तो कुछ सावधानियों के साथ खानपान पर ध्यान देना होगा। जैसे रेशेदार फल (खासकर खट्टे) और हरी सब्जियों का सेवन कर प्रदूषण के दुष्प्रभावों को कम कर सकते हैं। योगासन करने के साथ ही कुछ घरेलू नुस्खे भी कारगर साबित होंगे।
विज्ञापन


आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग के पूर्व क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. निरंकार गोयल के अनुसार इस मौसम में शरीर में अम्लता बढ़ती है। इसके विरुद्ध शरीर में क्षार की मात्रा एवं रोग प्रतिरोधक बढ़ाकर प्रदूषण से होने वाले रोगों से बचा जा सकता है। सूर्य नमस्कार, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रस्तिका आदि योगासन से वायु प्रदूषण से शरीर में घुसे प्रदूषित कणों को बाहर कर सकते हैं।  इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी।
विज्ञापन

कुछ घरेलू उपाय
- नाक में सरसों या अणु तेल की दो बूंद डालने के साथ नाभि में भी लगाने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर रोग से बचा जा सकता है।
- हल्दी को दूध में मिलाकर पीने और गुड़ खाने या हरिद्र खंड का दूध के साथ सेवन करने से सभी तरह की एलर्जी से निजात पाई जा सकती है। 
- गिलोय, तुलसी, अदरख, काली मिर्च के दाने, मिश्री डालकर काढ़ा बनाकर पीने से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। एलर्जी एवं सांस रोगों से भी बचा जा सकता है।
- आंवला, एलोविरा को पानी में उबालकर पीयें। संभव हो तब एलोविरा की जेली का हलुआ बनाकर भी सेवन करें।
- शरीर में पानी की मात्रा संतुलित रखने के लिए तरल पेय पदार्थों का सेवन बढ़ा दें। 
- घर में गुगुल, चंदन आदि से हवन करने से वायु प्रदूषण से बचाव हो सकता है।
- अश्वगंधा, यष्टी मधु, शतावरी, गिलोय, आंवला के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं। 
- वायु प्रदूषण से बचाब के लिए सुबह-शाम जलनेति करें। इससे नासा छिद्रों में चिपके प्रदूषित कण बाहर निकल जाते हैं।
- जब तक प्रदूषण का असर है, मास्क लगाएं।

दमा, हार्ट रोगी डाइट का रखें विशेष ख्याल
बाल रोग चिकित्सालय की पूर्व डायटीशियन सिमरन ने बताया कि ऐसे मौसम में अस्थमा के रोगियों को डाइट अच्छी लेनी चाहिए। वे रोटी में देशी घी चुपड़कर खाएं। ड्राईफ्रूट, सोयाबीन, दालें, मछली खाएं। इसी तरह हृदय रोगियों को हरी सब्जियां, ताजे फल, समूचे या अंकुरित अनाज नियमित रूप से खाने चाहिए। हफ्ते में एक बार मछली या अंडे खाएं। शाकाहारी मरीज खाने में पनीर, सोयाबीन की मात्रा बढ़ाएं। नारियल पानी भी ले सकते हैं। जूस की जगह समूचा फल खाना ज्यादा लाभप्रद होगा। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed