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फर्रुखाबाद: बेसिक शिक्षा परिषद के उपसचिव समेत चार पर परिवाद दर्ज, नौकरी लगवाने के बहाने जमीन का बैनामा कराने का आरोप

Sat, 16 Jan 2021 07:33 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 16 Jan 2021 07:33 PM IST
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Complaint registered on four, including the Deputy Secretary of Basic Education Council
सांकेतिक तस्वीर
फर्रुखाबाद जिले में बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के उपसचिव, उनकी सास, शाहजहांपुर बीएसए कार्यालय में तैनात कर्मचारी समेत चार के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया गया है। इसमें उप सचिव पर पुत्र की नौकरी लगवाने का भरोसा देकर लाखों रुपये की जमीन का सास के नाम बैनामा कराने का आरोप लगाया है।
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फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला वनखड़िया निवासी दिनेश कुमार कठेरिया ने बेसिक शिक्षा परिषद के उप सचिव अनिल कुमार (पूर्व बीएसए फर्रुखाबाद), शाहजहांपुर के बीएसए कार्यालय में तैनात राजेश वर्मा (पूर्व डीसी फर्रुखाबाद बीएसए कार्यालय), वनखड़िया निवासी शिक्षामित्र संतोष चंद्र और मऊ जिले के कोइरियापार निवासी शशिबाला कुमारी के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया है।
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इसमें कहा कि संतोष पड़ोस में रहता है। जनवरी 2018 में वह अपने साथ तत्कालीन बीएसए अनिल कुमार, डीसी राजेश वर्मा को लेकर घर आया। उसने कहा कि बीएसए पुत्र की नौकरी अनुदानित विद्यालय में लिपिक पद पर लगवा देंगे।
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इसके लिए विवादित जमीन का बैनामा बीएसए की सास शशिबाला के नाम कर दे। बीएसए को जमीन की कीमत 50 लाख रुपये बताई। तब उन्होंने 40 लाख रुपये पुत्र की नौकरी लगवाने में खर्च होने की बात कही। कहा कि बकाया साढ़े चार-चार लाख के चेक संतोष चंद्र व राजेश वर्मा दे देंगे।

आश्वस्त किया कि जमीन का बैनामा होने के एक साल में पुत्र की नौकरी लगवा दी जाएगी। इस पर उसने 9 फरवरी 2018 को शशिबाला के नाम जमीन का बैनामा कर दिया। एक साल बाद भी पुत्र की नौकरी नहीं लगी। बैनामा निरस्त कराने के लिए आरोपियों से कई बार कहा, लेकिन आरोपी नहीं माने।


27 जुलाई 2020 को आरोपियों ने पुत्र की नौकरी लगवाने और जमीन का बैनामा निरस्त कराने से साफ इनकार कर दिया। धोखाधड़ी कर जमीन हड़प ली। अब उस जमीन में प्लाटिग कर ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं। सीजेएम ने पीड़ित के बयान दर्ज कराने के लिए 21 जनवरी की तारीख लगाई है।
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