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कमिश्नर असीम अरुण पिता की लिखी किताब से सीख रहें है कानपुर को अपराध मुक्त करने के गुर
Fri, 02 Apr 2021 01:18 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 02 Apr 2021 01:18 PM IST
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असीम अरूण
- फोटो : फेसबुक
कानपुर में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस कमिश्नरी की कार्यप्रणाली कैसी होनी चाहिए। समाधान के लिए क्या कदम उठाने चाहिए। ऐसे तमाम पहलुओं की जानकारी पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने अपने पिता यूपी के डीजीपी रहे श्रीराम अरुण पुस्तक से हासिल की है।
डीजीपी का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्होंने ‘हमारी पुलिस दशा और दिशा’ शीर्षक से 433 पन्नों की यह पुस्तक लिखी थी, जिसका प्रकाशन 2010 में हुआ था। श्रीराम अरुण लंबे समय तक कानपुर में आईजी जोन के पद पर तैनात रहे।
पुस्तक में उन्होंने कानपुर के अपने अनुभवों, यहां के कई अपराध और उनके निवारण के संस्मरण भी लिखे। पुलिस कमिश्नर बनने के बाद असीम अरुण ने इस पुस्तक का फिर से अध्ययन शुरू कर दिया है। इसमें बेहतर पुलिसिंग के तरीकों की भी जानकारी दी गई है।
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डीजीपी का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्होंने ‘हमारी पुलिस दशा और दिशा’ शीर्षक से 433 पन्नों की यह पुस्तक लिखी थी, जिसका प्रकाशन 2010 में हुआ था। श्रीराम अरुण लंबे समय तक कानपुर में आईजी जोन के पद पर तैनात रहे।
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पुस्तक में उन्होंने कानपुर के अपने अनुभवों, यहां के कई अपराध और उनके निवारण के संस्मरण भी लिखे। पुलिस कमिश्नर बनने के बाद असीम अरुण ने इस पुस्तक का फिर से अध्ययन शुरू कर दिया है। इसमें बेहतर पुलिसिंग के तरीकों की भी जानकारी दी गई है।
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