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Kanpur News: ई-रिक्शा में 31 तक लगवा सकते कलरयुक्त बार कोड
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कानपुर। ट्रैफिक पुलिस ने ई-रिक्शा में कलरयुक्त बार कोड स्टीकर लगवाने के लिए 31 मार्च तक का समय बढ़ा दिया है। पहले 25 फरवरी से छह मार्च तक था। दस दिन में केवल 8217 वाहनों का सत्यापन हुआ और उन्हें स्टीकर मिल सके।
शहर में जाम की समस्या को देखते हुए ट्रैफिक विभाग ने ई-रिक्शा और ई-ऑटो के लिए सात जोन निर्धारित किए हैं। ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों ने ई-रिक्शा व ई-ऑटो एसोसिएशन से बातचीत कर कलरयुक्त बार कोड मुफ्त में वितरित करने की योजना बनाई। सबसे पहले थानाक्षेत्र या एसीपी ट्रैफिक कार्यालय में वाहन के दस्तावेज का सत्यापन कराया जाता है।
वहां से दो पर्चियां मिलती हैं जिनको ट्रैफिक पुलिस लाइन में दिखाने पर बार कोड वाहन में चस्पा किया जाता है। कलरयुक्त बार कोड में चालक और वाहन की पूरी डिटेल रहती है। ट्रैफिक पुलिस ने यह प्लानिंग वाराणसी कमिश्नरी को देखते हुए बनाई। एडीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि शहर में लगभग 65 हजार ई-रिक्शा हैं। 25 फरवरी से बार कोड स्टीकर वितरित किए जा रहे हैं। नाै मार्च से फिटनेस व बीमा के बिना संचालित होने वाले ई-रिक्शा के खिलाफ सीज की कार्रवाई होगी।
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सेंट्रल जोन के लिए नहीं आ रहे चालक
सातों जोन में से सबसे अधिक वाहन चालक नौबस्ता और चकेरी रूट के लिए आ रहे हैं। सबसे खराब स्थिति सेंट्रल जोन की है। जोन को पीला कलर कोड दिया गया है। इसमें कर्नलगंज, ग्वालटोली, सीसामऊ, बजरिया, कोहना थानाक्षेत्र में संचालित होने वाले ई-रिक्शा व ई-ऑटो आते हैं।
ई-रिक्शा मालिक व चालक 31 मार्च तक कलरयुक्त बार कोड हासिल कर सकते हैं। उनके पास अब भी काफी समय है। घर के नजदीक के थाने में जाकर सत्यापन कराएं और पर्चियां लेकर ट्रैफिक पुलिस लाइन आ जाएं। - रवींद्र कुमार, डीसीपी ट्रैफिक
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शहर में जाम की समस्या को देखते हुए ट्रैफिक विभाग ने ई-रिक्शा और ई-ऑटो के लिए सात जोन निर्धारित किए हैं। ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों ने ई-रिक्शा व ई-ऑटो एसोसिएशन से बातचीत कर कलरयुक्त बार कोड मुफ्त में वितरित करने की योजना बनाई। सबसे पहले थानाक्षेत्र या एसीपी ट्रैफिक कार्यालय में वाहन के दस्तावेज का सत्यापन कराया जाता है।
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वहां से दो पर्चियां मिलती हैं जिनको ट्रैफिक पुलिस लाइन में दिखाने पर बार कोड वाहन में चस्पा किया जाता है। कलरयुक्त बार कोड में चालक और वाहन की पूरी डिटेल रहती है। ट्रैफिक पुलिस ने यह प्लानिंग वाराणसी कमिश्नरी को देखते हुए बनाई। एडीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि शहर में लगभग 65 हजार ई-रिक्शा हैं। 25 फरवरी से बार कोड स्टीकर वितरित किए जा रहे हैं। नाै मार्च से फिटनेस व बीमा के बिना संचालित होने वाले ई-रिक्शा के खिलाफ सीज की कार्रवाई होगी।
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सेंट्रल जोन के लिए नहीं आ रहे चालक
सातों जोन में से सबसे अधिक वाहन चालक नौबस्ता और चकेरी रूट के लिए आ रहे हैं। सबसे खराब स्थिति सेंट्रल जोन की है। जोन को पीला कलर कोड दिया गया है। इसमें कर्नलगंज, ग्वालटोली, सीसामऊ, बजरिया, कोहना थानाक्षेत्र में संचालित होने वाले ई-रिक्शा व ई-ऑटो आते हैं।
ई-रिक्शा मालिक व चालक 31 मार्च तक कलरयुक्त बार कोड हासिल कर सकते हैं। उनके पास अब भी काफी समय है। घर के नजदीक के थाने में जाकर सत्यापन कराएं और पर्चियां लेकर ट्रैफिक पुलिस लाइन आ जाएं। - रवींद्र कुमार, डीसीपी ट्रैफिक