मोबाइल के लिए मर्डर: लोहे की रॉड से पीटकर मारा, छत पर मिले थे खून के निशान, बहन बोली- अब किसे बांधेंगे राखी
Kanpur Crime: एडीसीपी अंकिता के अनुसार, आरोपियों ने हत्या के बाद अपने एक परिचित को फोन कर लोडर लेकर आने के लिए कहा था। उसने यह कहकर वाहन लाने से इन्कार कर दिया कि गाड़ी मोटरमालिक के घर खड़ी है। इससे आरोपी शव को ठिकाने नहीं लगा पाए।
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कानपुर में बाबूपुरवा थाने के सामने स्थित यूपी मोटर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के दफ्तर में रहने वाले मुंशी पुरवा निवासी पेंटर संतोष कुमार उर्फ कलाकार (40) की मामूल विवाद में गुरुवार सुबह साथियों ने हत्या कर दी। पुलिस ने दस घंटे के अंदर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।
पुलिस का दावा है कि मोबाइल लेने को हुए विवाद के बाद आरोपियों ने मृतक की हत्या की थी। शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। एडीसीपी दक्षिण अंकिता शर्मा ने बताया कि पुलिस कमिश्नर ने जांच करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
मुंशीपुरवा निवासी बहन राधा ने बताया कि नशे के चलते भाई संतोष की पत्नी अंजली, बेटी गुनगुन, सानवी और बेटा लकी करीब चार साल से अलग रह रहे थे। कुछ समय पहले मकान बेच दिया था। इसके बाद से वह बाबूपुरवा थाने के सामने यूपी मोटर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के भवन में चौकीदार अशोक और जितेंद्र उर्फ भाटे के साथ रहता था। शुक्रवार सुबह चौकीदारों ने संतोष की मौत की सूचना दी।
अर्धनग्न अवस्था में मिला था शव
एडीसीपी दक्षिण अंकिता शर्मा ने बताया कि क्यारी में अर्धनग्न अवस्था में शव मिला है। दोनों चौकीदारों के बयान में विरोधाभास था। इसके बाद सख्ती से पूछताछ पर पता चला कि दोनों चौकीदारों ने संतोष, लालू उर्फ लाल सिंह, छुछ्छी उर्फ इम्तियाज के साथ 30 अगस्त की रात एसोसिएशन की छत पर शराब पीकर सो गए। इस दौरान राजेश नाम का एक युवक भी आया।
लोहे की रॉड से पीटकर मारा
हालांकि वह खाना खाकर चला गया। गुरुवार सुबह सभी उठे तो छुछ्छी ने संतोष का मोबाइल ले लिया। इसी बात को लेकर संतोष का सभी से विवाद हो गया और सभी ने उसे लोहे की रॉड से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान छत पर रखी पतंग की चरखी से संतोष की आंख फोड़ दी और उसकी लाश छत पर छोड़कर नीचे चले गए। इसके बाद छुछ्छी ने भाटे को संतोष का मोबाइल दे दिया।
शव को क्यारी में लाकर छोड़ दिया
रात करीब साढ़े आठ बजे भाटे ने अपने एक दोस्त मिथुन पल्लेदार को बुलाया और सभी ने शराब पीने के बाद संतोष के शव को छत से नीचे उतारा और साक्ष्य मिटाने के लिए भवन के चौकीदार कक्ष में रख दिया। हालांकि शव को ठिकाने न लगा पाने के बाद उन्होंने शव को क्यारी में लाकर छोड़ दिया और अगली सुबह हत्या की फर्जी सूचना परिजनों को दे दी।
ये चार गिरफ्तार
थाना प्रभारी अनूप सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने अशोक कुमार, जितेंद्र उर्फ भाटे, लालू उर्फ लाल सिंह व मिथुन को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, छुछ्छी नाम का पांचवा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में टीम लगाई गई है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
लोडर चालक के इन्कार से शव नहीं लगा पाए ठिकाने
एडीसीपी अंकिता के अनुसार, आरोपियों ने हत्या के बाद अपने एक परिचित को फोन कर लोडर लेकर आने के लिए कहा था। उसने यह कहकर वाहन लाने से इन्कार कर दिया कि गाड़ी मोटरमालिक के घर खड़ी है। इससे आरोपी शव को ठिकाने नहीं लगा पाए।
इकलौता भाई नहीं रहा, अब किसे बांधेंगे राखी
संतोष की मौत के बाद बहन राधा ने रुंधले गले से बताया कि वह हर साल राखी बंधवाने के लिए घर आता था। इस बार भी आने के लिए कहा था लेकिन रक्षा बंधन के दिन ही उसके ही शराबी दोस्तों ने उसकी हत्या कर दी। अब वह किसे राखी बांधेंगी।