{"_id":"61c0808e1d4e4a0870359042","slug":"cold-wave-three-more-patients-died-of-cold","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सर्दी का सितम: ठंड से छह और रोगियों की मौत, सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्दी का सितम: ठंड से छह और रोगियों की मौत, सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़े
Mon, 20 Dec 2021 06:47 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 20 Dec 2021 06:47 PM IST
सार
ठंड बढ़ने के साथ-साथ हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही मौतों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
कानपुर में ठंड का कहर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में शीत लहर से लोगों की कंपकंपी छूट रही है। बदले माहौल में फ्लू का हमला तेज हो गया है। लगभग हर घर में सर्दी-जुकाम के रोगी हैं। यह ठंड दमा, अस्थमा और दिल के रोगियों पर भारी पड़ रही है। सोमवार को छह और रोगियों की मौत हो गई।
दो रोगियों को क्रोनिक दमा था, जबकि अन्य रोगियों को हार्टअटैक हुआ। ब्रेन अटैक के भी रोगी गंभीर हालत में हैलट में भर्ती हुए हैं। पुराने रोगियों के अलावा नए रोगियों में हार्ट की दिक्कत हो रही है। इसके अलावा कोविड रोगियों की सांस की तकलीफ बढ़ गई है।
हैलट ओपीडी में बुखार, खांसी के रोगियों की बड़ी भीड़ रही। कई रोगियों को बेहोशी आने के बाद परिजन अस्पताल लेकर आए। सर्द-गर्म से एक्सपोजर होने से अस्थमा के रोगियों को अटैक पड़ गया। दमा के रोगियों की सांस नहीं समा रही है।
विज्ञापन
इसी वजह से जाजमऊ के रहने वाले अनीस (55) की उर्सला में मौत हो गई। वह दमा के रोगी रहे हैं। कल्याणपुर के किशोर (62) की क्षेत्र के निजी अस्पताल में मौत हुई है। आजाद नगर के रोगी घनश्याम (67) की हार्ट फेल होने से मौत हो गई।
विज्ञापन
दो रोगियों को क्रोनिक दमा था, जबकि अन्य रोगियों को हार्टअटैक हुआ। ब्रेन अटैक के भी रोगी गंभीर हालत में हैलट में भर्ती हुए हैं। पुराने रोगियों के अलावा नए रोगियों में हार्ट की दिक्कत हो रही है। इसके अलावा कोविड रोगियों की सांस की तकलीफ बढ़ गई है।
विज्ञापन
हैलट ओपीडी में बुखार, खांसी के रोगियों की बड़ी भीड़ रही। कई रोगियों को बेहोशी आने के बाद परिजन अस्पताल लेकर आए। सर्द-गर्म से एक्सपोजर होने से अस्थमा के रोगियों को अटैक पड़ गया। दमा के रोगियों की सांस नहीं समा रही है।
विज्ञापन
इसी वजह से जाजमऊ के रहने वाले अनीस (55) की उर्सला में मौत हो गई। वह दमा के रोगी रहे हैं। कल्याणपुर के किशोर (62) की क्षेत्र के निजी अस्पताल में मौत हुई है। आजाद नगर के रोगी घनश्याम (67) की हार्ट फेल होने से मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि घनश्याम पोस्ट कोविड रोगी थे। गंभीर हालत में आए रोगियों को इमरजेंसी में भर्ती किया गया। फतेहपुर के राम अवतार (65) की कार्डियोलॉजी पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि इलाज से स्थिति ठीक थी।
तड़के तबियत बिगड़ी और लाते-लाते उनकी सांस थम गई। इसी तरह चौबेपुर से आए रोगी विष्णु कुमार (58) अस्पताल आते-आते खत्म हो गए। दिल्ली के अस्पताल में उन्हें एक महीने पहले पेसमेकर लगा था। फजलगंज के अशोक लाला (71) की हार्ट अटैक से मौत हुई।
तड़के तबियत बिगड़ी और लाते-लाते उनकी सांस थम गई। इसी तरह चौबेपुर से आए रोगी विष्णु कुमार (58) अस्पताल आते-आते खत्म हो गए। दिल्ली के अस्पताल में उन्हें एक महीने पहले पेसमेकर लगा था। फजलगंज के अशोक लाला (71) की हार्ट अटैक से मौत हुई।
डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि फ्लू के रोगी अधिक आ रहे हैं। डॉक्टरों ने खासतौर पर पुराने रोगियों को ठंड से बचाव की सलाह दी है। कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ. विनय कृष्णा ने बताया कि हार्ट के रोगी अपने डॉक्टरों से परीक्षण कराकर दवा की डोज दुरुस्त करा लें।
कार्डियक इमरजेंसी में 130 रोगी आए
ठंड बढ़ने के साथ कार्डियोलॉजी आने वाले रोगियों की संख्या सैकड़ा पार कर गई है। सोमवार को यहां 130 रोगी भर्ती हुए। ये रोगी सीने में दर्द, सांस फूलने, एंजाइना की शिकायत लेकर आए। इनमें से 43 रोगी गंभीर हालत में आए, जिन्हें भर्ती कर लिया गया। कुछ रोगियों के सीने की मांसपेशियां ठंड से सिकुड़ने के कारण दर्द हुआ था। उनकी स्थिति स्थिर करने के बाद दवा देकर छुट्टी कर दी गई। इसके अलावा 27 लोगों की हार्ट सर्जरी की गई।
कार्डियक इमरजेंसी में 130 रोगी आए
ठंड बढ़ने के साथ कार्डियोलॉजी आने वाले रोगियों की संख्या सैकड़ा पार कर गई है। सोमवार को यहां 130 रोगी भर्ती हुए। ये रोगी सीने में दर्द, सांस फूलने, एंजाइना की शिकायत लेकर आए। इनमें से 43 रोगी गंभीर हालत में आए, जिन्हें भर्ती कर लिया गया। कुछ रोगियों के सीने की मांसपेशियां ठंड से सिकुड़ने के कारण दर्द हुआ था। उनकी स्थिति स्थिर करने के बाद दवा देकर छुट्टी कर दी गई। इसके अलावा 27 लोगों की हार्ट सर्जरी की गई।