नोटबंदी को होने वाला एक साल लेकिन जनता फिर भी क्यों है बेहाल, जानें आखिर क्या है वजह
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वर्तमान में जो सिक्कों की बहुतायत हुई है ये नोटबंदी की ही वजह से हुई है। लोगों को बाजार में दुकानदारों के सिक्के न लेने पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस कारण हुई अधिकता
रिजर्व बैंक फिर सक्रिय हुआ है
प्रमुख बैंकों को निर्देश दिए कि प्रति माह किसी एक रविवार को करेंसी चेस्ट वाली शाखा में सिक्के जमा करने या बदलने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। रिजर्व बैंक ने बैंकों से स्पष्ट कहा है कि करेंसी चेस्ट छोटी बैंकों के सिक्के जमा करें।
जिन बैंकों के पास सिक्के कम हैं वहां भेजें। इस तरह से 10 से 15 दिन के अंदर वे अपनी आंतरिक व्यवस्था दुरुस्त करें और सिक्कों बेहतर प्रबंध सुनिश्चित करें। ज्यादा नकदी निकालने वालों को सिक्कों के पैकेट दिए भी जाएं। इस व्यवस्था को अमल में लाने के लिए रिजर्व बैंक ने ग्राहक सेवा वाली बैंकों को विशेष नोट लगाकर एक ई-मेल भी भेजा है। उसमें तीन जुलाई 2017 के मास्टर सर्कुलर की कॉपी भी संलग्न की गई है।
यह है व्यवस्था