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कोडीनयुक्त कफ सिरप केस: बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड की तीन फर्में निकली फर्जी, जांच करके लौटी पुलिस
Sat, 21 Mar 2026 10:25 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 21 Mar 2026 10:25 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर से कागजों पर बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के लिए कोडीनयुक्त कफ सिरप सप्लाई किए गए हैं। यहां की तीन बड़ी फर्में क्राइम ब्रांच और एसआईटी की जांच में फर्जी मिली हैं। अन्य छोटी फर्मों के रिकार्ड जांचने के लिए टीमें नवरात्र मेले के बाद तीनों राज्यों के लिए रवाना होंगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कोडीनयुक्त कफ सिरप और नशीली दवाओं की बिक्री के मामले में कलक्टरगंज, रायपुरवा, हनुमंत विहार, महाराजपुर, कल्याणपुर थाने में एफआईआर कराई थी। पुलिस इस मामले में विनोद अग्रवाल समेत पांच लोगों को जेल भेज चुकी है। अब तक हुई जांच में सामने आया है कि शहर में अलग अलग फर्मों से लगभग 40 लाख कोडीनयुक्त कफ सिरप मंगाए गए थे, जिन्हें पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली और प्रदेश के अलग अलग शहरों को सप्लाई किया गया है। क्राइम ब्रांच और एसआईटी की जांच में आधे से अधिक फर्में फर्जी मिली हैं। ऐसे में इनका उपयोग नशे के लिए होने की आशंका है। एसआईटी को बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड की तीन बड़ी फर्मों की जानकारी हुई थी, जहां अलग अलग टीमें भेजी गईं। यहां तीनाें फर्में फर्जी निकली हैं। उनके दस्तावेजों का मिलान नहीं हो सका है। अब यहां की छोटी फर्मों की जांच कराई जाएगी।
आठ कंपनियों से मंगवाई गई 26 लाख शीशियां
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक विनोद अग्रवाल की फर्म अग्रवाल ब्रदर्स ने सबसे ज्यादा 26 लाख कोडीनयुक्त कफ सिरप की शीशियां मंगवाई थीं। इन शीशियों को आठ अलग अलग कंपनियों से भेजा गया था। एसआईटी और क्राइम ब्रांच की टीमें इन शीशियों को वाराणसी, बहराइच, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, लखनऊ में बिक्री करने की जानकारी हुई है। यहां की फर्मों और मेडिकल स्टोर की जांच कराई जा रही है।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कोडीनयुक्त कफ सिरप और नशीली दवाओं की बिक्री के मामले में कलक्टरगंज, रायपुरवा, हनुमंत विहार, महाराजपुर, कल्याणपुर थाने में एफआईआर कराई थी। पुलिस इस मामले में विनोद अग्रवाल समेत पांच लोगों को जेल भेज चुकी है। अब तक हुई जांच में सामने आया है कि शहर में अलग अलग फर्मों से लगभग 40 लाख कोडीनयुक्त कफ सिरप मंगाए गए थे, जिन्हें पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली और प्रदेश के अलग अलग शहरों को सप्लाई किया गया है। क्राइम ब्रांच और एसआईटी की जांच में आधे से अधिक फर्में फर्जी मिली हैं। ऐसे में इनका उपयोग नशे के लिए होने की आशंका है। एसआईटी को बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड की तीन बड़ी फर्मों की जानकारी हुई थी, जहां अलग अलग टीमें भेजी गईं। यहां तीनाें फर्में फर्जी निकली हैं। उनके दस्तावेजों का मिलान नहीं हो सका है। अब यहां की छोटी फर्मों की जांच कराई जाएगी।
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आठ कंपनियों से मंगवाई गई 26 लाख शीशियां
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक विनोद अग्रवाल की फर्म अग्रवाल ब्रदर्स ने सबसे ज्यादा 26 लाख कोडीनयुक्त कफ सिरप की शीशियां मंगवाई थीं। इन शीशियों को आठ अलग अलग कंपनियों से भेजा गया था। एसआईटी और क्राइम ब्रांच की टीमें इन शीशियों को वाराणसी, बहराइच, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, लखनऊ में बिक्री करने की जानकारी हुई है। यहां की फर्मों और मेडिकल स्टोर की जांच कराई जा रही है।
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कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में जांच चल रही है। कुछ फर्मों के दस्तावेज नहीं मिले हैं। जल्द ही टीमें दूसरे राज्यों में जाकर दस्तावेजों की पड़ताल करेगी। - श्रवण कुमार सिंह, डीसीपी क्राइम