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Kanpur News: कोचिंग मंडी के मुखबिर लाते थे मार्कशीट खरीदने वाले ग्राहक
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कानपुर। काकादेव की कोचिंग मंडी से संचालित फर्जी डिग्री और मार्कशीट के नेटवर्क में मुखबिरों की अहम भूमिका सामने आई है। पुलिस जांच में पता चला है कि कोचिंग में दाखिला कराने वाले एजेंट और मुखबिर 10 से 15 हजार कमीशन लेकर ऐसे ग्राहकों को गिरोह तक पहुंचाते थे जो बिना पढ़ाई और परीक्षा दिए डिग्री हासिल करना चाहते थे। यह जानकारी किदवईनगर पुलिस की जांच में सामने आई है। इससे जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
किदवई नगर पुलिस ने शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन में दबिश देकर चार युवकों को फर्जी डिग्री और मार्कशीट के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी पहले पीडीसी चेक लेते थे और मार्कशीट देने के बाद नकद भुगतान लेकर चेक लौटा दिया करते थे, जिससे उनकी किसी से शिकायत न हो सके।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि गिरोह से जुड़े कुछ एजेंट ऐसे अभिभावकों की तलाश करते थे जिनके बच्चे प्रवेश परीक्षा नहीं निकाल पा रहे थे। उनके परिवारों का संपर्क संचालक शैलेंद्र से कराते थे। डिग्री और डिप्लोमा के हिसाब से रकम तय होती थी थी। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि डिग्रियों की वहां के विश्वविद्यालयों से जांच कराई जाएगी। एडीसीपी साउथ के निर्देशन में 14 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है।
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किदवई नगर पुलिस ने शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन में दबिश देकर चार युवकों को फर्जी डिग्री और मार्कशीट के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी पहले पीडीसी चेक लेते थे और मार्कशीट देने के बाद नकद भुगतान लेकर चेक लौटा दिया करते थे, जिससे उनकी किसी से शिकायत न हो सके।
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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि गिरोह से जुड़े कुछ एजेंट ऐसे अभिभावकों की तलाश करते थे जिनके बच्चे प्रवेश परीक्षा नहीं निकाल पा रहे थे। उनके परिवारों का संपर्क संचालक शैलेंद्र से कराते थे। डिग्री और डिप्लोमा के हिसाब से रकम तय होती थी थी। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि डिग्रियों की वहां के विश्वविद्यालयों से जांच कराई जाएगी। एडीसीपी साउथ के निर्देशन में 14 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है।
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