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सीएम ने चेताया था, अफसर सोते रहे
ब्यूरो अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 23 Aug 2016 01:04 AM IST
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कलेक्ट्रेट मे एडीएम सिटी अविनाश सिंह से मिलने पहुंचे परेड हादसे के मृतक अजय अग्रवाल के परिजन और भाजपाई।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। केस्को की लापरवाही से परेड यतीमखाना रोड पर कारोबारी अजय अग्रवाल की मौत के मामले में केस्को के अधिशासी अभियंता पर गाज गिर सकती है। लापरवाही से बढ़ती बिजली दुर्घटनाओं पर मुख्यमंत्री ने भी चेताया था। कहा था कि बिजली दुर्घटना पर संबंधित क्षेत्र के अधिशासी अभियंताओं पर कार्रवाई होगी। इस कारण अब विद्युत सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट अहम होगी।
नियम के मुताबिक 24 घंटे के अंदर केस्को को विद्युत सुरक्षा विभाग को जांच के लिए अपना पत्र भेजना चाहिए था। इसकी एक कॉपी जिलाधिकारी और एसएसपी को भी जाती है। केस्को ने इसमें देरी की है। हालांकि चीफ इंजीनियर योगेश हजेला का कहना है कि विद्युत सुरक्षा विभाग को जांच के लिए पत्र भेज दिया गया है। विद्युत सुरक्षा विभाग केस्को को कई साल पहले सुरक्षा बंदोबस्त करने को कह चुका है। केस्को बजट न होने की बात कहते हुए इस पर अमल नहीं कर सका है।
ज्यादा खतरनाक इलाके
बेकनगंज, चमनगंज, अनवरगंज, हालसी रोड, बिराहना रोड, मेस्टन रोड, मूलगंज, काहूकोठी, मनीराम बगिया, घुमनी मोहाल, गोविंद नगर बाजार, गुमटी बाजार, कर्नलगंज।
विद्युत विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक वीआईपी रोड पर पड़ने वाला हिस्सा सेफ है। यहां पर केस्को ने 90 फीसदी काम मानक के अनुरूप कराए है। इसलिए तिलक नगर और सिविल लाइंस का क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षित है।
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ये है हकीकत
किसी ट्रांसफार्मर पर टीपीओ स्विच नहीं।
वीआईपी रोड को छोड़ कहीं भी गार्डिंग नहीं।
करीब 30 फीसदी ट्रांसफार्मर जमीन पर।
ट्रांसफार्मरों पर जाली न होने से दुर्घटनाएं।
लटकते और जर्जर तार ले सकते हैं जान।
अर्थिंग न होने से रहता करेंट का खतरा।
ये हैं मानक
रोड क्रासिंग तार है तो गार्डिंग होनी चाहिए
ट्रांसफार्मर पर टीपीओ (इससे करेंट बंद होता) लगे हो
ट्रांसफार्मर बाडी में अर्थिंग होनी चाहिए
ट्रांसफार्मर चबूतरे पर हो और जाली लगी हो
एचटी और एलटी एक सपोर्ट पर है तो गार्डिंग
न्यूट्रल अर्थिंग नहीं, अगर यह हो तो करेंट का खतरा कम
विद्युत सुरक्षा विभाग का काम
निरीक्षण कर गड़बड़ी मिलने पर केस्को को बताना
दुर्घटना की जांच कर पीड़ित को मुआवजा दिलाना
दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई
अस्थायी कनेक्शनों की जांच कर केस्को को रिपोर्ट देना
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नियम के मुताबिक 24 घंटे के अंदर केस्को को विद्युत सुरक्षा विभाग को जांच के लिए अपना पत्र भेजना चाहिए था। इसकी एक कॉपी जिलाधिकारी और एसएसपी को भी जाती है। केस्को ने इसमें देरी की है। हालांकि चीफ इंजीनियर योगेश हजेला का कहना है कि विद्युत सुरक्षा विभाग को जांच के लिए पत्र भेज दिया गया है। विद्युत सुरक्षा विभाग केस्को को कई साल पहले सुरक्षा बंदोबस्त करने को कह चुका है। केस्को बजट न होने की बात कहते हुए इस पर अमल नहीं कर सका है।
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ज्यादा खतरनाक इलाके
बेकनगंज, चमनगंज, अनवरगंज, हालसी रोड, बिराहना रोड, मेस्टन रोड, मूलगंज, काहूकोठी, मनीराम बगिया, घुमनी मोहाल, गोविंद नगर बाजार, गुमटी बाजार, कर्नलगंज।
विद्युत विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक वीआईपी रोड पर पड़ने वाला हिस्सा सेफ है। यहां पर केस्को ने 90 फीसदी काम मानक के अनुरूप कराए है। इसलिए तिलक नगर और सिविल लाइंस का क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षित है।
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ये है हकीकत
किसी ट्रांसफार्मर पर टीपीओ स्विच नहीं।
वीआईपी रोड को छोड़ कहीं भी गार्डिंग नहीं।
करीब 30 फीसदी ट्रांसफार्मर जमीन पर।
ट्रांसफार्मरों पर जाली न होने से दुर्घटनाएं।
लटकते और जर्जर तार ले सकते हैं जान।
अर्थिंग न होने से रहता करेंट का खतरा।
ये हैं मानक
रोड क्रासिंग तार है तो गार्डिंग होनी चाहिए
ट्रांसफार्मर पर टीपीओ (इससे करेंट बंद होता) लगे हो
ट्रांसफार्मर बाडी में अर्थिंग होनी चाहिए
ट्रांसफार्मर चबूतरे पर हो और जाली लगी हो
एचटी और एलटी एक सपोर्ट पर है तो गार्डिंग
न्यूट्रल अर्थिंग नहीं, अगर यह हो तो करेंट का खतरा कम
विद्युत सुरक्षा विभाग का काम
निरीक्षण कर गड़बड़ी मिलने पर केस्को को बताना
दुर्घटना की जांच कर पीड़ित को मुआवजा दिलाना
दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई
अस्थायी कनेक्शनों की जांच कर केस्को को रिपोर्ट देना