{"_id":"5b713e7642c79217497e4477","slug":"cm-in-kanpur-city","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कानपुर में मुख्यमंत्री: भाजपा नेता को देंगे श्रद्धांजलि समेत अन्य बड़ी खबरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर में मुख्यमंत्री: भाजपा नेता को देंगे श्रद्धांजलि समेत अन्य बड़ी खबरें
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 13 Aug 2018 06:24 PM IST
विज्ञापन
कानपुर में मुख्यमंत्री
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर शहर में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी नमामि गंगे परियोजना के तहत किए गए कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे।
मुख्यमंत्री चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए) में बनाए गए हेलीपैड पर उतरे। यहां से वह गंगा में गिर रहे सीसामऊ नाले का निरीक्षण करने भैरोघाट पहुंचे। यहीं केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी भी उनके साथ शामिल हो गए।
चंद्रशेखर अाजाद कृषि विश्वविद्यालय में पहले सीएम पहुंचे उसके बाद नितिन गडकरी। शहर के सांसद डॉ मुरली मनोहर जोशी ने दोनों की अगवानी की। सीएसए पहुंचने के बाद सभा स्थल पर जाने से पहले दोनों सांसद के साथ नमामि गंगे परियोजना के तहत एशिया के सबसे बड़े सीसामऊ नाले के डायवर्जन और टैपिंग के काम का निरीक्षण करने पहुंच गए। अफसरों ने सीएम अौर गडकरी को बताया कि यह नाला अक्तूबर तक पूरी तरह टैप हो जाएगा, इसके बाद गंगा का काफी हद तक प्रदूषण कम हो जाएगा।
विज्ञापन
भाजपा नेता को श्रद्धांजलि देने घर जाएंगे सीएम
कानपुर बुंदेलखंड के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शैलेंद्र शुक्ला (65) शनिवार को अपनी स्कार्पियो से चित्रकूट में संगठन की बैठक में भाग लेने जा रहे थे। वह चित्रकूट के प्रभारी भी थे। शाम करीब चार बजे बांदा मार्ग पर टेढ़ा व इसुली गांव के बीच उनकी स्कार्पियों की चित्रकूट से लौट रही प्राइवेट बस से सीधी टक्कर हो गई। इस घटना में कानपुर, नौबस्ता के पशुपतिनगर निवासी भाजपा नेता शैलेंद्र शुक्ला व उनके चालक दीपू उर्फ पुनीत मिश्रा (45) निवासी बसंतनगर और स्कार्पियों में उनके साथ सवार खाड़ेपुर, नौबस्ता के दीपू उर्फ ब्रजेश मिश्रा (50) की मौत हो गई थी। भाजपा नेता को श्रद्धांजलि देने सीएम उनके घर जाएंगे।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए) में बनाए गए हेलीपैड पर उतरे। यहां से वह गंगा में गिर रहे सीसामऊ नाले का निरीक्षण करने भैरोघाट पहुंचे। यहीं केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी भी उनके साथ शामिल हो गए।
विज्ञापन
चंद्रशेखर अाजाद कृषि विश्वविद्यालय में पहले सीएम पहुंचे उसके बाद नितिन गडकरी। शहर के सांसद डॉ मुरली मनोहर जोशी ने दोनों की अगवानी की। सीएसए पहुंचने के बाद सभा स्थल पर जाने से पहले दोनों सांसद के साथ नमामि गंगे परियोजना के तहत एशिया के सबसे बड़े सीसामऊ नाले के डायवर्जन और टैपिंग के काम का निरीक्षण करने पहुंच गए। अफसरों ने सीएम अौर गडकरी को बताया कि यह नाला अक्तूबर तक पूरी तरह टैप हो जाएगा, इसके बाद गंगा का काफी हद तक प्रदूषण कम हो जाएगा।
विज्ञापन
भाजपा नेता को श्रद्धांजलि देने घर जाएंगे सीएम
कानपुर बुंदेलखंड के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शैलेंद्र शुक्ला (65) शनिवार को अपनी स्कार्पियो से चित्रकूट में संगठन की बैठक में भाग लेने जा रहे थे। वह चित्रकूट के प्रभारी भी थे। शाम करीब चार बजे बांदा मार्ग पर टेढ़ा व इसुली गांव के बीच उनकी स्कार्पियों की चित्रकूट से लौट रही प्राइवेट बस से सीधी टक्कर हो गई। इस घटना में कानपुर, नौबस्ता के पशुपतिनगर निवासी भाजपा नेता शैलेंद्र शुक्ला व उनके चालक दीपू उर्फ पुनीत मिश्रा (45) निवासी बसंतनगर और स्कार्पियों में उनके साथ सवार खाड़ेपुर, नौबस्ता के दीपू उर्फ ब्रजेश मिश्रा (50) की मौत हो गई थी। भाजपा नेता को श्रद्धांजलि देने सीएम उनके घर जाएंगे।
सपाइयों ने किया जमकर हंगामा
सीएम से मुलाकात न हो पाने पर सपाईयों ने किया हंगामा
मुख्यमंत्री योगी अादित्यनाथ अौर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी से मिलने जा रहे सपा नेताअों को पुलिस-प्रशासन ने मोतीझील गेट पर ही रोक दिया। सपा विधायक अमिताभ बाजपेई अौर सपा अध्यक्ष अब्दुल मोईन खान के नेतृत्व में सीएम को मांगपत्र देने पहुंचे सपा नेताअों की इस दौरान पुलिस से कहासुनी भी हुई। सपा नेताअों का कहना था कि सीएम योजना का सच जानने अाए हैं अौर हम उन्हें सच बताना चाहते हैं।
इसके अलावा शहर की बिजली, पानी, प्रधानमंत्री आवास और शहर की कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री से भेंट कर मांगपत्र देने की मांग कर रहे थे। नेताअों ने कहा, उन्हें क्यों रोका जा रहा है। क्या हमारा सपाई होना गुनाह है। काफी देर चली कहासुनी के बाद सपाई मोतीझील गेट पर ही धरने पर बैठक गए अौर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इसके अलावा शहर की बिजली, पानी, प्रधानमंत्री आवास और शहर की कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री से भेंट कर मांगपत्र देने की मांग कर रहे थे। नेताअों ने कहा, उन्हें क्यों रोका जा रहा है। क्या हमारा सपाई होना गुनाह है। काफी देर चली कहासुनी के बाद सपाई मोतीझील गेट पर ही धरने पर बैठक गए अौर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।