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कानून-व्यवस्था संभालने में मुख्यमंत्री नाकाम: राज्यपाल
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 01 Dec 2014 03:24 AM IST
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राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि सूबे के मुखिया अखिलेश यादव कानून व्यवस्था सुधारने में हर मोर्चे पर नाकाम साबित हो रहे हैं।
इनकी नाकामी के कारण आजाद घूम रहे बदमाश जनता के रखवालों वर्दीवालों को भी अपना शिकार बनाने से नहीं चूकते।
फर्रुखाबाद में शहर कोतवाल की हत्या इसका ताजा उदाहरण है। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से व्यापारी और कारोबारी हमेशा दहशत में जी रहे हैं।
अगर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई न की गई तो प्रदेश की स्थिति सबसे बदहाल हो जाएगी। राज्यपाल रविवार को यहां खलासी लाइन स्थित महाराष्ट्र भुवन सोसाइटी के 75वें ‘अमृत महोत्सव’ में बोल रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि मुंबई में 25 प्रतिशत उत्तर भारतीय निवास कर रहे हैं। जिनका वहां के विकास में विशेष योगदान है।
लेकिन कुछ राजनीतिक दल उनके विरोध में दंगे और आंदोलन करते रहते हैं। जबकि यूपी में रहने वाली मराठी दूध में शक्कर की तरह यहां के लोगों से बिल्कुल घुलमिल गए हैं।
यूपी में मराठी लोगों ने शिक्षा, संगीत और सामाजिक क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किए हैं। आजम खां द्वारा उन पर दिए गए एक बयान पर चुटकी लेते उन्होंने कहा कि यह भारत है, यहां सभी को बोलने के लिए पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन किसी भी नेता को देश की गरिमा को ध्यान में रखकर ही बात करनी चाहिए।
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मैं संविधान के तहत ही बात करता हूं।
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इनकी नाकामी के कारण आजाद घूम रहे बदमाश जनता के रखवालों वर्दीवालों को भी अपना शिकार बनाने से नहीं चूकते।
फर्रुखाबाद में शहर कोतवाल की हत्या इसका ताजा उदाहरण है। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से व्यापारी और कारोबारी हमेशा दहशत में जी रहे हैं।
अगर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई न की गई तो प्रदेश की स्थिति सबसे बदहाल हो जाएगी। राज्यपाल रविवार को यहां खलासी लाइन स्थित महाराष्ट्र भुवन सोसाइटी के 75वें ‘अमृत महोत्सव’ में बोल रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि मुंबई में 25 प्रतिशत उत्तर भारतीय निवास कर रहे हैं। जिनका वहां के विकास में विशेष योगदान है।
लेकिन कुछ राजनीतिक दल उनके विरोध में दंगे और आंदोलन करते रहते हैं। जबकि यूपी में रहने वाली मराठी दूध में शक्कर की तरह यहां के लोगों से बिल्कुल घुलमिल गए हैं।
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यूपी में मराठी लोगों ने शिक्षा, संगीत और सामाजिक क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किए हैं। आजम खां द्वारा उन पर दिए गए एक बयान पर चुटकी लेते उन्होंने कहा कि यह भारत है, यहां सभी को बोलने के लिए पूरी स्वतंत्रता है, लेकिन किसी भी नेता को देश की गरिमा को ध्यान में रखकर ही बात करनी चाहिए।
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