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खतरे के निशान के ऊपर गंगा, 150 गांव चपेट में
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उन्नाव। बुधवार शाम सात बजे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 113 मीटर को पार कर गया। बाढ़ का पानी कटरी क्षेत्र के 150 गांवों में पहुंच गया। कटरी क्षेत्र के गांवों के हालात खराब होने लगे है। हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। सफीपुर में कल्याणी नदी का पुल डूब गया। इससे आवागमन ठप हो गया।
गंगा व कल्याणी नदी में पानी के उफान से ददलहा से लेकर जमालनगर गैर एहतमाली तक लगभग एक हजार हेक्टेयर में बोई गई धान, उर्द, सरसों व हरी सब्जियों की फसल डूब गई। ददलहा गांव के अंदर पानी पहुंच गया। रामपुर, अल्लीपुर, उडंकपुरवा समेत दो दर्जन गांव को पानी चारों तरफ से घेरे हैं। इससे कस्बे व परियर मार्ग तक पहुंचने के मार्ग बंद हो गए। बढ़े जलस्तर से जमालनगर गैर एहतमाली में कल्याणी नदी पर बना पुल डूब गया। डीएम रवींद्र कुमार व सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने नाव से डूबे पुल का जायजा लिया। जमालनगर गांव से पांच मीटर नीचे बनाए गए कल्याणी नदी के पुल की ऊंचाई देख डीएम नाराज हो गए। कहा कि आवश्यकता को दरकिनार कर पुल बनाया गया। हमजापुर स्कूल निर्माण में भी लापरवाही सामने आई। लौटते समय जमालनगर में जरदोजी का काम कर रहे शीबू के पास रुक गए। उन्होंने काम को देखा और कारीगर के हुनर की प्रशंसा की। उधर, विधायक बंबालाल दिवाकर ने भी क्षेत्र में पहुंचकर किसानों की हर संभव मदद करने की बात कही।
बीघापुर के गढ़ेवा में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी गांव के किनारे से लग गया है। विभौरा में गांव के अंदर पानी घुस गया है। संपर्क मार्ग के ऊपर से एक फुट पानी बहना शुरू हो गया है। गढ़ेवा पुल पर दो होमगार्ड के जवान लोगों को मार्ग पर जाने से रोक रहे हैं। करमी, पिपरासर, गंगा नगर, संत नगर की हजारों बीघा भूमि जलमग्न हो गई। गढ़ेवा गांव में पानी रोकने के लिए लगाया गया बंधा भी पानी नहीं रोक सका। ग्राम सभा व पुल के बीच के संपर्क मार्ग की और कटान हो गई है। वाहनों का भी आवागमन बंद हो गया। दूलीखेड़ा के मजरे धरमपुर में स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में पानी भर गया है। दिग्विजयपुर ग्रामसभा अंतर्गत गंगा की तलहटी में बसे मानपुर, पसनियाखेड़ा, रतुआखेड़ा एवं पंखूपुर गांवों के अंदर पानी घुसने लगा है। ग्राम प्रधान पति रावेंद्र उर्फ लल्लन सिंह ने बताया कि तहसील के कुछ राजस्व अधिकारियों ने आकर सिर्फ मौका मुआयना किया।
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सदर तहसील के गंगा किनारे बसे माना बंगला, बंदनपुरवा, लालतुपुरवा, धनकुखेड़ा, कोलवा, जुड़ापुरवा, पटियारा, महानंदपुरवा, बेनीपुरवा, टेपरा, अतरी आदि गांवों के पास पानी पहुंच गया है। बाबूबंगला व पनपथा के रास्ते पानी में डूब गए हैं। लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोग अपनी गृहस्थी समेटने लगे हैं। प्यारेपुर, बंधवा, सिहुरा गांव में सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। किसान संजय कुमार, दिनेश, चंद्रकिशोर, रमाशंकर ने बताया कि पानी में धान की फसल काटकर नाव से ला रहे हैं।
फतेहपुर चौरासी के नयाबंगला, रुस्तमपुर, गड़ाई, भुलभुलियाखेड़ा, कुसेहर बंगला, शहरिया सलेमपुर, नेकपुर व हिंदूपुर गांव भी बाढ़ से घिर गए हैं। हिंदूपुर कटान पर पानी अधिक होने से छोटी नावों का संचालन बंद हो गया है। एक मात्र बड़ी नाव से लोग आवागमन कर रहे हैं।
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गंगा व कल्याणी नदी में पानी के उफान से ददलहा से लेकर जमालनगर गैर एहतमाली तक लगभग एक हजार हेक्टेयर में बोई गई धान, उर्द, सरसों व हरी सब्जियों की फसल डूब गई। ददलहा गांव के अंदर पानी पहुंच गया। रामपुर, अल्लीपुर, उडंकपुरवा समेत दो दर्जन गांव को पानी चारों तरफ से घेरे हैं। इससे कस्बे व परियर मार्ग तक पहुंचने के मार्ग बंद हो गए। बढ़े जलस्तर से जमालनगर गैर एहतमाली में कल्याणी नदी पर बना पुल डूब गया। डीएम रवींद्र कुमार व सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने नाव से डूबे पुल का जायजा लिया। जमालनगर गांव से पांच मीटर नीचे बनाए गए कल्याणी नदी के पुल की ऊंचाई देख डीएम नाराज हो गए। कहा कि आवश्यकता को दरकिनार कर पुल बनाया गया। हमजापुर स्कूल निर्माण में भी लापरवाही सामने आई। लौटते समय जमालनगर में जरदोजी का काम कर रहे शीबू के पास रुक गए। उन्होंने काम को देखा और कारीगर के हुनर की प्रशंसा की। उधर, विधायक बंबालाल दिवाकर ने भी क्षेत्र में पहुंचकर किसानों की हर संभव मदद करने की बात कही।
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बीघापुर के गढ़ेवा में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी गांव के किनारे से लग गया है। विभौरा में गांव के अंदर पानी घुस गया है। संपर्क मार्ग के ऊपर से एक फुट पानी बहना शुरू हो गया है। गढ़ेवा पुल पर दो होमगार्ड के जवान लोगों को मार्ग पर जाने से रोक रहे हैं। करमी, पिपरासर, गंगा नगर, संत नगर की हजारों बीघा भूमि जलमग्न हो गई। गढ़ेवा गांव में पानी रोकने के लिए लगाया गया बंधा भी पानी नहीं रोक सका। ग्राम सभा व पुल के बीच के संपर्क मार्ग की और कटान हो गई है। वाहनों का भी आवागमन बंद हो गया। दूलीखेड़ा के मजरे धरमपुर में स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में पानी भर गया है। दिग्विजयपुर ग्रामसभा अंतर्गत गंगा की तलहटी में बसे मानपुर, पसनियाखेड़ा, रतुआखेड़ा एवं पंखूपुर गांवों के अंदर पानी घुसने लगा है। ग्राम प्रधान पति रावेंद्र उर्फ लल्लन सिंह ने बताया कि तहसील के कुछ राजस्व अधिकारियों ने आकर सिर्फ मौका मुआयना किया।
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सदर तहसील के गंगा किनारे बसे माना बंगला, बंदनपुरवा, लालतुपुरवा, धनकुखेड़ा, कोलवा, जुड़ापुरवा, पटियारा, महानंदपुरवा, बेनीपुरवा, टेपरा, अतरी आदि गांवों के पास पानी पहुंच गया है। बाबूबंगला व पनपथा के रास्ते पानी में डूब गए हैं। लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोग अपनी गृहस्थी समेटने लगे हैं। प्यारेपुर, बंधवा, सिहुरा गांव में सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। किसान संजय कुमार, दिनेश, चंद्रकिशोर, रमाशंकर ने बताया कि पानी में धान की फसल काटकर नाव से ला रहे हैं।
फतेहपुर चौरासी के नयाबंगला, रुस्तमपुर, गड़ाई, भुलभुलियाखेड़ा, कुसेहर बंगला, शहरिया सलेमपुर, नेकपुर व हिंदूपुर गांव भी बाढ़ से घिर गए हैं। हिंदूपुर कटान पर पानी अधिक होने से छोटी नावों का संचालन बंद हो गया है। एक मात्र बड़ी नाव से लोग आवागमन कर रहे हैं।