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निचली गंग नहर की पटरी कटी, खेत-गांव में भरा पानी
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चौबेपुर (बिल्हौर)। क्षेत्र के प्रतापपुर गांव के सामने मंगलवार देर रात निचली गंग नहर की पटरी फट जाने से आसपास स्थित सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। सुबह नहर का पानी गांव तक पहुंचने के बाद लोगों को मामले की जानकारी हुई। जिसके बाद नहर में खांदी कटने की सूचना विभागीय अधिकारियों को दी गई। देर शाम तक खांदी बंद किए जाने के प्रयास जारी थे।
मालूम हो कि क्षेत्र स्थित निचली गंग नहर की पटरी में मंगलवार की रात प्रतापपुर गांव के सामने जबरदस्त कटान हो जाने से क्षेत्र में जलभराव शुरू हो गया। देर रात हुई इस घटना की जानकारी ग्रामीणों को न हो पाने से नहर का पानी आसपास स्थित खेतों में भरने के बाद गांव की गलियों तक जा पहुंचा। भोर पहर गांव में पानी भरा देख लोग परेशान हो गए और नहर पटरी कटने की सूचना विभागीय अधिकारियों को दी। गांव निवासी अमरपाल सिंह, अवध नारायण, राजेश तिवारी, श्रीकृष्ण, ओम प्रकाश शर्मा, उमाकांत मिश्रा, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि सुबह सूचना दिए जाने के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। परिणामस्वरूप शाम तक नहर का पानी गांव में भरता रहा और घरों के आसपास जबरदस्त जलभराव हो गया। बताया कि नहर पटरी कटने की जानकारी के बावजूद विभागीय अधिकारी सारा दिन मामले को अनदेखा किये रहे। खांदी कटने से क्षेत्र की करीब चार सौ बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। वहीं गांव स्थित नाले से लगातार पानी के निकासी से थोड़ी सहूलियत बनी रही, वरना स्थिति और भी खराब हो जाती। ग्रामीणों के बताए अनुसार कुछ समय पहले ही नहर पटरी की सफाई कराई गई है।
इस दौरान खनन माफियाओं ने पटरी पर मिट्टी का जबरदस्त खनन कर डाला। परिणामस्वरूप तेज बहाव के दौरान पटरी कटते देर नहीं लगती। बताया कि एक माह के दौरान चार बार यहां पटरी कट चुकी है। उधर, इस बाबत जानकारी पर अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग यासीन खान ने बताया कि प्रतापपुर गांव के अलावा इसके आसपास स्थित दूरदराज गांवों के किसान खेतों तक पानी पहुंचने के लिए आए दिन यहां खांदी काट देते हैं, जिससे नहर का पानी गांव स्थित नाले के रास्ते उनके खेतों तक पहुंच जाता है। पटरी कटने की सूचना पर कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं। पटरी को दुरुस्त किए जाने का काम जारी है।
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मालूम हो कि क्षेत्र स्थित निचली गंग नहर की पटरी में मंगलवार की रात प्रतापपुर गांव के सामने जबरदस्त कटान हो जाने से क्षेत्र में जलभराव शुरू हो गया। देर रात हुई इस घटना की जानकारी ग्रामीणों को न हो पाने से नहर का पानी आसपास स्थित खेतों में भरने के बाद गांव की गलियों तक जा पहुंचा। भोर पहर गांव में पानी भरा देख लोग परेशान हो गए और नहर पटरी कटने की सूचना विभागीय अधिकारियों को दी। गांव निवासी अमरपाल सिंह, अवध नारायण, राजेश तिवारी, श्रीकृष्ण, ओम प्रकाश शर्मा, उमाकांत मिश्रा, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि सुबह सूचना दिए जाने के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। परिणामस्वरूप शाम तक नहर का पानी गांव में भरता रहा और घरों के आसपास जबरदस्त जलभराव हो गया। बताया कि नहर पटरी कटने की जानकारी के बावजूद विभागीय अधिकारी सारा दिन मामले को अनदेखा किये रहे। खांदी कटने से क्षेत्र की करीब चार सौ बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। वहीं गांव स्थित नाले से लगातार पानी के निकासी से थोड़ी सहूलियत बनी रही, वरना स्थिति और भी खराब हो जाती। ग्रामीणों के बताए अनुसार कुछ समय पहले ही नहर पटरी की सफाई कराई गई है।
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इस दौरान खनन माफियाओं ने पटरी पर मिट्टी का जबरदस्त खनन कर डाला। परिणामस्वरूप तेज बहाव के दौरान पटरी कटते देर नहीं लगती। बताया कि एक माह के दौरान चार बार यहां पटरी कट चुकी है। उधर, इस बाबत जानकारी पर अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग यासीन खान ने बताया कि प्रतापपुर गांव के अलावा इसके आसपास स्थित दूरदराज गांवों के किसान खेतों तक पानी पहुंचने के लिए आए दिन यहां खांदी काट देते हैं, जिससे नहर का पानी गांव स्थित नाले के रास्ते उनके खेतों तक पहुंच जाता है। पटरी कटने की सूचना पर कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं। पटरी को दुरुस्त किए जाने का काम जारी है।
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