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चित्रकूट रेल हादसाः यात्रियों की शिकायत सुन लेते तो शायद न होता हादसा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 25 Nov 2017 03:28 PM IST
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हादसे के बाद की तस्वीर
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वास्कोडिगामा- पटना एक्सप्रेस के यात्रियों को सतना पहुंचने से पहले ही गोली में गड़बड़ी होने का आभास हुआ। उन्होंने गार्ड से शिकायत की। गार्ड व चालक का भी दावा है कि उन्होंने यात्रियों की शिकायत से सतना स्टेशन पर रेल अफसरों को अवगत करा दिया था।
इसके बाद भी ट्रेन को वहां से रवाना कर दिया गया, जिसका नतीजा था कि मानिकपुर पहुंचते ही हादसा हो गया। इस मामले में भी डीआरएम ने जांच कराने की बात कही है।
मानिकपुर में हादसे के बाद कुछ यात्रियों ने बताया कि सतना पहुंचने से पहले ही अतिरिक्त कोच में कुछ खटपट की आवाज आई थी। इससे वे भयभीत हो गए थे। ट्रेन के सतना स्टेशन पर रुकते ही कुछ यात्री गार्ड के पास पहुंचे और बोगी से आ रही आवाज के बारे में बताया। इसके बाद भी बोगी की जांच नहीं की गई।
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मानिकपुर स्टेशन पर हादसे के बाद चालक सलकन सिंह व आर के मिश्रा ने दावा किया कि यात्रियों की शिकायत पर सतना स्टेशन के अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद ट्रेन रवाना कर दी गई। ट्रेन को बीच में रोकना मुनासिब नहीं था।
चालक ने बताया कि ट्रेन में दो अतिरिक्त स्लीपर कोच लगाए गये थे। उन्हीं में से एक में खराबी की शिकायत की गई थी। डीआरएम एसके पंकज ने बताया कि इस मामले की भी जांच के लिए जबलपुर रेलवे के अधिकारियों को कहा गया है।
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इसके बाद भी ट्रेन को वहां से रवाना कर दिया गया, जिसका नतीजा था कि मानिकपुर पहुंचते ही हादसा हो गया। इस मामले में भी डीआरएम ने जांच कराने की बात कही है।
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मानिकपुर में हादसे के बाद कुछ यात्रियों ने बताया कि सतना पहुंचने से पहले ही अतिरिक्त कोच में कुछ खटपट की आवाज आई थी। इससे वे भयभीत हो गए थे। ट्रेन के सतना स्टेशन पर रुकते ही कुछ यात्री गार्ड के पास पहुंचे और बोगी से आ रही आवाज के बारे में बताया। इसके बाद भी बोगी की जांच नहीं की गई।
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मानिकपुर स्टेशन पर हादसे के बाद चालक सलकन सिंह व आर के मिश्रा ने दावा किया कि यात्रियों की शिकायत पर सतना स्टेशन के अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद ट्रेन रवाना कर दी गई। ट्रेन को बीच में रोकना मुनासिब नहीं था।
चालक ने बताया कि ट्रेन में दो अतिरिक्त स्लीपर कोच लगाए गये थे। उन्हीं में से एक में खराबी की शिकायत की गई थी। डीआरएम एसके पंकज ने बताया कि इस मामले की भी जांच के लिए जबलपुर रेलवे के अधिकारियों को कहा गया है।