Kanpur: बाल कल्याण समिति को माफी, जिला प्रोबेशन विभाग पर 50 हजार का जुर्माना, जानें पूरा मामला
Kanpur News: हाईकोर्ट के सामने जिला प्रोबेशन अधिकारी को पहुंचना था। उन्हें कोर्ट का आदेश भी दे दिया गया था। इसके बावजूद वह नहीं पहुंचे। इससे नाराज होकर हाईकोर्ट ने समिति पर जुर्माना लगा दिया था।
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कानपुर में नाबालिग को माता-पिता की सुपुर्दगी में देने के बजाय नारी निकेतन में रखने और बुलाने के बावजूद जवाब न देने के मामले में बाल कल्याण समिति पर लगाए गए पांच लाख रुपये के जुर्माने से समिति को माफी मिल गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने समिति पर लगाया जुर्माना माफ करते हुए जिला प्रोबेशन विभाग पर पचास हजार रुपये का दंड लगाया है।
नाबालिग बच्ची के पिता की ओर से हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई थी। इस पर हाईकोर्ट में बाल कल्याण समिति या जिला प्रोबेशन विभाग की ओर से कोई भी जवाब देने नहीं पहुंचा था। नाबालिग ने हाईकोर्ट को बताया था कि वह कक्षा 7 की छात्रा है और तीन महीने से नारी निकेतन में रहने के कारण उसकी परीक्षा भी छूट गई।
हाईकोर्ट के सामने जिला प्रोबेशन अधिकारी को पहुंचना था
वह अपने पिता के साथ रहना चाहती है। नाबालिग को बेवजह रखने पर हाईकोर्ट ने बाल कल्याण समिति पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया था। समिति के अध्यक्ष निर्मल कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट के सामने जिला प्रोबेशन अधिकारी को पहुंचना था। उन्हें कोर्ट का आदेश भी दे दिया गया था। इसके बावजूद वह नहीं पहुंचे।
जिला प्रोबेशन विभाग पर जुर्माना लगाया
इससे नाराज होकर हाईकोर्ट ने समिति पर जुर्माना लगा दिया था। समिति ने हाईकोर्ट से दोबारा सुनवाई की मांग की थी। दोबारा सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला बदलकर समिति पर लगाए जुर्माने को माफ कर दिया है और जिला प्रोबेशन विभाग पर जुर्माना लगाया है।