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यूपी: संडीला सीएचसी अधीक्षक के पैरों पर लेट गए डीएम, ये है पूरा मामला
Wed, 09 Oct 2019 11:05 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 09 Oct 2019 11:05 PM IST
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सीएचसी अधीक्षक और डीएम का विवाद
- फोटो : अमर उजाला
हरदोई में बुधवार रात जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय पर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में डीएम और चिकित्सा अधीक्षकों के बीच तीखा विवाद हो गया। समीक्षा के दौरान जननी सुरक्षा योजना में खराब स्थिति पर चिकित्सकों का पक्ष न सुने जाने पर मामला तूल पकड़ गया। डीएम ने चिकित्सा अधीक्षकों से क्विट द जॉब कह दिया तो चिकित्सा अधीक्षक इस्तीफे पर अड़ गए।
संडीला के चिकित्सा अधीक्षक का दावा है कि इसके बाद डीएम उनके पैरों पर लेट गए और माफ कर देने और दोबारा समीक्षा न करने की बात कही। इससे नाराज चिकित्सक डीएम आवास के बाहर निकल आए और विरोध करने लगे। खबर लिखे जाने तक गतिरोध बना हुआ था।
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संडीला के चिकित्सा अधीक्षक का दावा है कि इसके बाद डीएम उनके पैरों पर लेट गए और माफ कर देने और दोबारा समीक्षा न करने की बात कही। इससे नाराज चिकित्सक डीएम आवास के बाहर निकल आए और विरोध करने लगे। खबर लिखे जाने तक गतिरोध बना हुआ था।
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डीएम पुलकित खरे ने रात साढ़े आठ बजे से अपने कैंप कार्यालय में 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधीक्षकों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके रावत के साथ बुलाया था। समीक्षा के दौरान डीएम ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं में खराब प्रगति पर नाराजगी जताई। इस पर संडीला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शरद वैश्य ने कहा कि डीएम के स्तर से अन्य विभागों की योजनाओं में भी लगा दिया गया।
उन योजनाओं में जनपद अव्वल रहा, इसलिए स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं में पिछड़ गया। डॉ. शरद वैश्य का कहना है कि इस बात पर डीएम भड़क गए और हर योजना में पहला नंबर रखने की बात कही। कार्य न कर पाने पर इस्तीफा देने को कहा तो चिकित्सक भड़क गए और इस्तीफा देने पर अड़ गए।
उन योजनाओं में जनपद अव्वल रहा, इसलिए स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं में पिछड़ गया। डॉ. शरद वैश्य का कहना है कि इस बात पर डीएम भड़क गए और हर योजना में पहला नंबर रखने की बात कही। कार्य न कर पाने पर इस्तीफा देने को कहा तो चिकित्सक भड़क गए और इस्तीफा देने पर अड़ गए।
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डॉ. शरद वैश्य का दावा है कि इसी दौरान डीएम पुलकित खरे उठकर उनके पास आए और पैरों पर लेट गए। डॉ. शरद वैश्य का कहना है कि कैंप कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है। सीएमओ डॉ. एसके रावत ने बताया कि विवाद के बाद डीएम डॉ. शरद वैश्य के पैरों पर लेट गए थे।
सभी चिकित्सा अधीक्षक इस्तीफे की बात पर अड़े हैं। सीएमओ ने बताया कि डीएम पुलकित खरे माफी मांगने को तैयार हैं, लेकिन चिकित्सा अधीक्षक अंदर जाने को राजी नहीं हैं। विवाद की सूचना पर एडीएम संजय कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार, सीओ सिटी विजय कुमार राना भी डीएम आवास पर पहुंच गए।
पूरे मामले पर डीएम पुलकित खरे से उनका पक्ष जानने के लिए 10 बजकर दो मिनट और 10 बजकर 36 मिनट पर सीयूजी पर कॉल की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वाट्सएप पर भी संदेश देकर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन जवाब नहीं दिया।
सभी चिकित्सा अधीक्षक इस्तीफे की बात पर अड़े हैं। सीएमओ ने बताया कि डीएम पुलकित खरे माफी मांगने को तैयार हैं, लेकिन चिकित्सा अधीक्षक अंदर जाने को राजी नहीं हैं। विवाद की सूचना पर एडीएम संजय कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार, सीओ सिटी विजय कुमार राना भी डीएम आवास पर पहुंच गए।
पूरे मामले पर डीएम पुलकित खरे से उनका पक्ष जानने के लिए 10 बजकर दो मिनट और 10 बजकर 36 मिनट पर सीयूजी पर कॉल की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वाट्सएप पर भी संदेश देकर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन जवाब नहीं दिया।