चौबेपुर हत्याकांड : दो दरोगा और दो सिपाहियों पर रिपोर्ट, 48 घंटे बाद भी सभी 9 आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर
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एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस-पीएसी तैनात है। पनऊपुरवा में सोमवार रात चुनावी रंजिश में आनंद कुमार कुरील(58) की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में आनंद की बहू संदीपा की तहरीर पर उनके पड़ोसी श्रीकृष्ण, बेटे राजन, गोविंद, शोभित, सुधीर, ग्राम प्रधान मनीष, उसके पिता रामकुमार दीक्षित, दरोगा शेर बहादुर व दरोगा गोपीकृष्ण, अज्ञात सिपाही व 4-5 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या, बलवा, हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
सवाल है कि जब परिजनों ने मंगलवार सुबह इन दरोगाओं पर आरोप लगाए थे तो उनको हिरासत में क्यों नहीं लिया गया। उनको फरार होने का मौका क्यों दिया गया। पीड़ित परिजनों का कहना है कि आरोपियों का पुलिस साथ दे रही है। खासकर आरोपी पुलिसकर्मियों का।
एसीपी आउटर को निर्देशित किया गया है कि जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी करें। टीमें भी गठित की गई हैं। जो भी वारदात में शामिल था उनमें से कोई भी नहीं बचेगा। वह चाहे पुलिसकर्मी ही क्यों न हो।
भानु भास्कर, एडीजी जोन कानपुर