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सीबीएसई रिजल्ट: फिर लहराया छात्राओं का परचम, बीते सात वर्षों से छात्रों की तुलना में अधिक छात्राएं हो रही हैं पास
Wed, 04 Aug 2021 12:06 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 04 Aug 2021 12:06 AM IST
सार
सर पदमपत सिंहानिया एजुकेशन सेंटर की तीन छात्राओं तविशी अग्रवाल, नव्या अग्रवाल और श्वेता अग्रवाल को 99.80 फीसदी अंक मिले हैं। 95 फीसदी से अधिक अंक पाने में भी छात्राएं आगे हैं।
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सीबीएसई रिजल्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इस बार भी सीबीएसई दसवीं के परिणाम में छात्राओं ने परचम लहराया है। बीते सात वर्षों से छात्रों की तुलना में अधिक छात्राएं पास हो रही हैं। इस साल 99.32 फीसदी छात्राएं अव्वल रहीं तो 95.53 फीसदी छात्रों ने बाजी मारी है।
इतना ही नहीं सिटी के चार टॉपरों में तीन छात्राएं हैं। सर पदमपत सिंहानिया एजुकेशन सेंटर की तीन छात्राओं तविशी अग्रवाल, नव्या अग्रवाल और श्वेता अग्रवाल को 99.80 फीसदी अंक मिले हैं। 95 फीसदी से अधिक अंक पाने में भी छात्राएं आगे हैं।
साल छात्र छात्राएं
2014 95.21 98.11
2015 96.43 98.65
2016 97.23 99.45
2017 98.75 99.07
2018 90.56 94.32
2019 95.89 98.13
2020 94.27 95.90
बोले प्रिंसिपल
10वीं का परिणाम 12वीं से काफी बेहतर गया है। इस बार छात्रों को बेहतर अंक मिले हैं। हालांकि मेधावी खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि परीक्षाएं होती तो तस्वीर दूसरी होती। छात्रों को मोटिवेट किया है, ताकि आगे की पढ़ाई के लिए दोगुनी ऊर्जा से जुट जाएं। -सौमित्र दुबे, सीईओ, दुर्गा प्रसाद विद्या निकेतन
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परीक्षाओं को लेकर बच्चों और शिक्षकों में काफी उत्साह था। हालांकि परीक्षाएं न होने से छात्र नाराज थे और अब परिणाम से मायूस हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि अगर परीक्षा देते तो इससे बेहतर कर सकते थे। -डॉ. संत राम द्विवेदी, प्रधानाचार्य, जय नारायण विद्या निकेतन
परिणाम से मेधावी बेहद मायूस हो गए हैं। उनका कहना है कि अगर पेपर होते तो इससे काफी बेहतर अंक आते। छात्रों का कहना है कि पूरे साल की मेहनत खराब हो गई। मेधावियों के साथ उनके शिक्षकों में भी निराशा है, जिन्होंने पूरे साल बच्चों के साथ मेहनत की। - अनुराग विज, निदेशक, द चिंटल्स स्कूल
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इतना ही नहीं सिटी के चार टॉपरों में तीन छात्राएं हैं। सर पदमपत सिंहानिया एजुकेशन सेंटर की तीन छात्राओं तविशी अग्रवाल, नव्या अग्रवाल और श्वेता अग्रवाल को 99.80 फीसदी अंक मिले हैं। 95 फीसदी से अधिक अंक पाने में भी छात्राएं आगे हैं।
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साल छात्र छात्राएं
2014 95.21 98.11
2015 96.43 98.65
2016 97.23 99.45
2017 98.75 99.07
2018 90.56 94.32
2019 95.89 98.13
2020 94.27 95.90
बोले प्रिंसिपल
10वीं का परिणाम 12वीं से काफी बेहतर गया है। इस बार छात्रों को बेहतर अंक मिले हैं। हालांकि मेधावी खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि परीक्षाएं होती तो तस्वीर दूसरी होती। छात्रों को मोटिवेट किया है, ताकि आगे की पढ़ाई के लिए दोगुनी ऊर्जा से जुट जाएं। -सौमित्र दुबे, सीईओ, दुर्गा प्रसाद विद्या निकेतन
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परीक्षाओं को लेकर बच्चों और शिक्षकों में काफी उत्साह था। हालांकि परीक्षाएं न होने से छात्र नाराज थे और अब परिणाम से मायूस हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि अगर परीक्षा देते तो इससे बेहतर कर सकते थे। -डॉ. संत राम द्विवेदी, प्रधानाचार्य, जय नारायण विद्या निकेतन
परिणाम से मेधावी बेहद मायूस हो गए हैं। उनका कहना है कि अगर पेपर होते तो इससे काफी बेहतर अंक आते। छात्रों का कहना है कि पूरे साल की मेहनत खराब हो गई। मेधावियों के साथ उनके शिक्षकों में भी निराशा है, जिन्होंने पूरे साल बच्चों के साथ मेहनत की। - अनुराग विज, निदेशक, द चिंटल्स स्कूल
सिक्योरिटी गार्ड की बिटिया के 97 फीसदी अंक
होनहार बिरवान के होत चीकने पात...यह लाइन अंशिका राठौर पर बिल्कुल सटीक बैठती है। सिक्योरिटी गार्ड पिता रविंद्र राठौर की बेटी अंशिका ने 97 फीसदी अंक लाकर परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। अंशिका आईएएस अफसर बनकर माता-पिता को तोहफा देना चाहती हैं।
श्याम नगर के ऑक्सफोर्ड मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा अंशिका का कहना है कि वह सेल्फ स्टडी से आईएएस की परीक्षा में सफलता पाने की कोशिश करेंगी। उनकी बड़ी बहन अर्चिता ने 2017-18 में 12वीं 93 प्रतिशत अंक पाए थे। मूल रूप से हमीरपुर के गांव दबसौरा में रहने वाली अंशिका न्यू आजाद नगर में माता-पिता और बहन के साथ किराये पर रहती हैं।
उन्होंने बताया कि कोरोना काल में पापा को बीमार हो गए थे तो उन्हें वेतन भी नहीं मिला था। फिर भी उन्होंने पढ़ाई में किसी तरह की कमी न आने दी। स्कूल की प्रिंसिपल राखी सिंह ने बताया कि अंशिका स्कूल की सभी एक्टिविटी में अव्वल रहती है।
होनहार बिरवान के होत चीकने पात...यह लाइन अंशिका राठौर पर बिल्कुल सटीक बैठती है। सिक्योरिटी गार्ड पिता रविंद्र राठौर की बेटी अंशिका ने 97 फीसदी अंक लाकर परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। अंशिका आईएएस अफसर बनकर माता-पिता को तोहफा देना चाहती हैं।
श्याम नगर के ऑक्सफोर्ड मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा अंशिका का कहना है कि वह सेल्फ स्टडी से आईएएस की परीक्षा में सफलता पाने की कोशिश करेंगी। उनकी बड़ी बहन अर्चिता ने 2017-18 में 12वीं 93 प्रतिशत अंक पाए थे। मूल रूप से हमीरपुर के गांव दबसौरा में रहने वाली अंशिका न्यू आजाद नगर में माता-पिता और बहन के साथ किराये पर रहती हैं।
उन्होंने बताया कि कोरोना काल में पापा को बीमार हो गए थे तो उन्हें वेतन भी नहीं मिला था। फिर भी उन्होंने पढ़ाई में किसी तरह की कमी न आने दी। स्कूल की प्रिंसिपल राखी सिंह ने बताया कि अंशिका स्कूल की सभी एक्टिविटी में अव्वल रहती है।