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सीबीआई करे अखिलेश दुबे से जुड़े मामलों की जांच : अमिताभ ठाकुर
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अमिताभ ठाकुर
- फोटो : स्रोत : सोशल मीडिया
कानपुर। अधिवक्ता अखिलेश दुबे के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। यह मांग पूर्व आईपीएस और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की है। उन्होंने इसके लिए सोमवार को पुलिस कमिश्नर को पत्र भी लिखा है। इस पत्र को उन्होंने मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव गृह को भी भेजा है।
पत्र के अनुसार, अमिताभ ठाकुर ने अखिलेश दुबे के खिलाफ हो रही पुलिस की कार्रवाई को पूरी तरह से सही ठहराया है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर ऑपरेशन महाकाल के क्रम में कार्रवाई को पूरी पारदर्शिता से किए जाने की सराहना की है। एसआईटी के गठन को सही फैसला बताया है। हालांकि कार्रवाई आगे बढ़ने पर उसमें कई सफेदपोशों और आईएएस व पीसीएस के नाम सामने आने की अंदेशा जताया है। लिखा है कि अभी तक कानपुर पुलिस के पास जितने तथ्य आए हैं, उससे बढ़कर कई वरिष्ठ आईएएस तथा आईपीएस अफसर भी इन लोगों के साथ विभिन्न प्रकार से सहयोग करते थे और उनकी कमाई के हिस्सेदार थे।
उन्होंने बिना नाम लिए एक एडीजी पर आरोप लगाया कि अखिलेश उनका बेहद करीबी है। कॉल डिटेल्स से इसकी पुष्टि की जा सकती है। ऐसे में आने वाले समय में पुलिस कर्मियों पर जांच के दौरान दबाव पड़ने की आशंका जताई है। कहा कि जब इस प्रकार के बड़े नाम आएंगे तो निश्चित रूप से कहीं ना कहीं स्थानीय पुलिस पर दबाव पड़ने और काम करने में कठिनाई आने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। इसलिए बेहतर है कि मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने के लिए शासन से पत्राचार किया जाए।
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पत्र के अनुसार, अमिताभ ठाकुर ने अखिलेश दुबे के खिलाफ हो रही पुलिस की कार्रवाई को पूरी तरह से सही ठहराया है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर ऑपरेशन महाकाल के क्रम में कार्रवाई को पूरी पारदर्शिता से किए जाने की सराहना की है। एसआईटी के गठन को सही फैसला बताया है। हालांकि कार्रवाई आगे बढ़ने पर उसमें कई सफेदपोशों और आईएएस व पीसीएस के नाम सामने आने की अंदेशा जताया है। लिखा है कि अभी तक कानपुर पुलिस के पास जितने तथ्य आए हैं, उससे बढ़कर कई वरिष्ठ आईएएस तथा आईपीएस अफसर भी इन लोगों के साथ विभिन्न प्रकार से सहयोग करते थे और उनकी कमाई के हिस्सेदार थे।
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उन्होंने बिना नाम लिए एक एडीजी पर आरोप लगाया कि अखिलेश उनका बेहद करीबी है। कॉल डिटेल्स से इसकी पुष्टि की जा सकती है। ऐसे में आने वाले समय में पुलिस कर्मियों पर जांच के दौरान दबाव पड़ने की आशंका जताई है। कहा कि जब इस प्रकार के बड़े नाम आएंगे तो निश्चित रूप से कहीं ना कहीं स्थानीय पुलिस पर दबाव पड़ने और काम करने में कठिनाई आने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। इसलिए बेहतर है कि मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने के लिए शासन से पत्राचार किया जाए।
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